वायु प्रदूषण पर दिल्‍ली सरकार ने बोला 'हमला', शुरू किया 'रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ' कैंपेन

 वायु प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्‍ली सराकर ने एक खास कैंपेन शुरू किया है.
वायु प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्‍ली सराकर ने एक खास कैंपेन शुरू किया है.

सर्दियों में दिल्ली वायु प्रदूषण (Air Pollution) बढ़ जाता है और इससे लोगों को बहुत अधिक परेशानी होने लगती है. जबकि इस पर कंट्रोल के लिए दिल्ली सरकार ने रेड लाइट ऑन और गाड़ी ऑफ (Red light On-Gaadi Off) कैंपेन शुरू कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 21, 2020, 6:37 PM IST
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नई दिल्‍ली. सर्दियों की आहट के साथ ही देश की राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली वायु प्रदूषण (Air Pollution) की गिरफ़्त में आ जाती है. दिल्ली को स्मॉग की सफेद चादर घेर लेती है. सर्दी बढ़ने के साथ साथ दिल्ली के हालात और भी खराब हो जाते हैं. यही,वजह है कि वायु प्रदूषण का स्तर पहले मध्यम से खराब, फिर बेहद खराब और फिर खतरनाक की श्रेणी में पहुंच जाता है. इस पर दिल्ली सरकार का कहना है कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए उसके पास जितने भी उपलब्ध साधन हैं, वह उसका इस्तेमाल कर रही है. इसी क्रम में रेड लाइट ऑन और गाड़ी ऑफ (Red light On-Gaadi Off) के अभियान को बुधवार यानी आज 21 अक्टूबर 2020 से शुरू किया गया है और ये 15 नवंबर तक चलेगा.

100 रेड लाइट चौराहों पर चल रहा कैंपेन
यह अभियान मुख्य रूप से भीड़ वाले 100 रेड लाइट चौराहों पर चलाया जा रहा है. यह कैंपेन लोगों को जागरूक करने के लिए किया जा रहा है. इस दौरान दस वॉलेंटियर जिन्हें पर्यावरण मार्शल का नाम दिया गया है वो हाथ में ले प्लैकर्ड लिए मौजूद रहे, जिसमें एक तरफ लिखा था प्रदूषण के ख़िलाफ युद्ध और दूसरी तरफ रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ. यही नहीं, दिल्ली के दस बड़े चौराहों पर 10 के बजाय 20 वॉलेंटियर लगाए गए हैं.

दिल्ली के आईटीओ (ITO) में पर्यावरण मार्शलों ने लोगों को गुलाब देकर रेडलाइट पर इंजन ऑफ करने को कहा. वहीं दिल्ली इंडिया गेट क्रॉसिंग पर जैसे ही रेड लाइट हुई तो लोगों ने प्लैकर्ड देख अपनी गाड़ी और बाइक के इंजन बंद कर दिए. जबकि इस कैंपेन को लेकर लोगों ने कहा कि ये अच्छी पहल है इस को आगे भी फ़ॉलो करेंगे. तिलक मार्ग चौराहे पर भी इस मुहिम को जनता का साथ मिला.
केजरीवाल ने कही थी ये बात


इससे पहले इस विषय के बारे में बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने बताया था कि राजधानी में करीब एक करोड़ पंजीकृत वाहन हैं. अगर 10 फीसदी वाहन भी रेड लाइट ऑन रहने के दौरान अपनी गाड़ी बंद कर लें तो साल भार के बराबर पीएम 10 के उत्सर्जन को रोका जा सकता है और इससे पैसों की बचत भी होगी.
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