निजी अस्पतालों में 80% ICU बेड रिजर्व रखने के मामले में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देगी दिल्ली सरकार

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन. (फाइल फोटो)
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन. (फाइल फोटो)

दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने केजरीवाल सरकार के निजी अस्पतालों में 80% ICU बेड कोरोना (Corona) संक्रमितों के लिए आरक्षित रखने के आदेश पर रोक लगा दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 7:59 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने केजरीवाल सरकार के उस फ़ैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें सरकार ने 33 प्राइवेट अस्‍पतालों (Private Hospitals) के 80 फीसदी ICU बेड कोविड-19 मरीजों के लिए रिजर्व रखने की घोषणा की थी. इस आदेश को जारी करने के दौरान स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा था कि सभी निजी अस्‍पतालों से चर्चा के बाद ही यह फैसला लिया गया है, लेकिन दिल्‍ली हाई कोर्ट ने निजी अस्‍तापालों द्वारा दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार का आदेश अनुचित एवं नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया था. साथ ही हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के इस फैसले पर रोक लगा दी थी.

इस पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा कि हम इस फैसले को चुनौती देंगे. उन्‍होंमने बड़ी पीट के सामने फैसले को चुनौती देने की बात. दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि अभी कयास लगाना ठीक नहीं है. हमारी सरकार ने बहुत सोच समझकर यह आदेश जारी किया था. ये बहुत ही डायनमिक स्थिति है. कोविड महामारी 100 साल में एक बार आई है. दिल्ली सरकार लगातार मौके के हिसाब से कदम उठा रही है.

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दरअसल, दिल्ली में बढ़ रहे कोरोना मरीजों की संख्या के बीच दिल्ली के कई बड़े प्राइवेट अस्पतालों में अब ICU बेड की भारी कमी नजर आ रही है. ज्यदातर प्राइवेट अस्पतालों में तो अब एक भी ICU बेड खाली नहीं बचा है. मरीजों की बढ़ती संख्या और ICU बेड की भारी कमी ने सरकार की परेशानी और भी बढ़ा दी है. यही वजह है कि सरकार अस्पतालों में ज्यादा से ज्यादा बेड रिजर्व करने की तैयारी में है, लेकिन कोर्ट की रोक ने सरकार की मुसीबत बढ़ा दी है.
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