दिल्ली सरकार करेगी SDMC के वैक्सीनेशन सेंटरों को बंद, मेयर ने LG को लिखा पत्र, लगाई हस्तक्षेप की गुहार

दिल्ली नगर निगम ने दिल्ली सरकार की ओर से एमसीडी के 45+ वालों के वैक्सीनेशन सेंटर को बंद करने की संभावना जताई है.

दिल्ली सरकार की ओर से साउथ दिल्ली नगर निगम ने अपने 45+ वालों के वैक्सीनेशन सेंटर को बंद करने की संभावना जताई है. SDMC ने उप-राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार भी लगाई है. इस बाबत साउथ दिल्ली मेयर अनामिका ने एक पत्र भी उप-राज्यपाल को लिखा है.

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    नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में कोरोनावायरस (Coronavirus) की रोकथाम को लेकर दिल्ली नगर निगम (Delhi Municipal Corporation) भी लगातार वैक्सीनेशन के अभियान में जुटी हुई हैं. तीनों नगर निगम की ओर से वैक्सीनेशन सेंटर (Vaccination Cantre) खोले हुए हैं.

    वहीं, अब साउथ दिल्ली नगर निगम (South MCD) में अपने वैक्सीनेशन सेंटर के दिल्ली सरकार (Delhi Government) की ओर से 45+ वालों के वैक्सीनेशन सेंटर को बंद करने की संभावना जताते हुए उप-राज्यपाल (Lieutenant Governor) से इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है. इस बाबत साउथ दिल्ली की मेयर अनामिका ने एक पत्र भी उप-राज्यपाल को लिखा है.

    मेयर अनामिका ने एक और पत्र के माध्यम से दिल्ली के उप-राज्यपाल को दिल्ली सरकार द्वारा 45+ आयुवर्ग के नागरिकों के लिए दक्षिणी निगम द्वारा संचालित टीकाकरण केंद्रों को बंद किए जाने के बारे में संज्ञान लेने का निवेदन किया.

    उन्होंने कहा कि दक्षिणी निगम द्वारा संचालित टीकाकरण केंद्र बंद किए जाने से नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा.

    मेयर ने उप-राज्यपाल से निवेदन किया कि दक्षिणी निगम अपने विद्यालयों में और अधिक टीकाकरण केंद्र संचालित करने में सक्षम है. तथा विद्यालय प्रांगण में अधिक जगह होने के कारण सामाजिक दूरी संबंधी सभी नियमों का आसानी से पालन हो सकेगा.

    मेयर अनामिका ने दिल्ली सरकार के सौतेले व्यवहार से भी एलजी को अवगत कराया है. उन्होंने कहा है  कि दिल्ली सरकार वर्ष 2018-2019 तक दक्षिणी निगम को तीसरे वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार अनुदान देती थी.

    दिल्ली सरकार द्वारा पांचवे वित्त आयोग (5th Finance Commission) की सिफारिशों को जनवरी 2019 में मंजूरी दी किंतु उन सिफारिशों को 1 अप्रैल 2016 से लागू कर दिया. 5वें वित्त आयोग की सिफारिशों को पहले से लागू न करके वर्तमान वित्त वर्ष से लागू करने का निवेदन किया है. दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2019-2020 के अनुदान में से 263.45 करोड़ रूपए तथा वर्ष 2020-2021 के अनुदान में से 285.39 करोड़ रूपए की कटौती कर ली जोकि सर्वथा अनुचित है.