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दिल्ली सरकार की अनूठी पहल, 'आंगनबाड़ी ऑन व्हील्स' की शुरुआत, बच्चों के घर तक पहुंचेगी

दिल्ली सरकार ने सेव द चिल्ड्रन संस्था के साथ मिलकर इस योजना की शुरूआत की है.

दिल्ली सरकार ने सेव द चिल्ड्रन संस्था के साथ मिलकर इस योजना की शुरूआत की है.

Anganwadi on Wheels in Delhi: केजरीवाल सरकार की अनूठी पहल के तहत आंगनबाड़ी आपके द्वार बस लॉन्च हुई. अब दिल्ली में चलती-फिरती आंगनबाड़ी बच्चों तक पहुंचेगी. वह बच्चे जो किसी कारणवश आंगनबाड़ियों तक नहीं पहुंच पाते हैं.

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नई दिल्ली. आपने अक्सर आंगनबाड़ी को चहार दीवारी के भीतर ही चलते देखा होगा, लेकिन दिल्ली में अब आपको चलती फिरती आंगनवाड़ी देखने को मिलेंगी. दरअसल दिल्ली सरकार ने ‘आंगनबाड़ी ऑन व्हील्स’ (Anganwadi on Wheels) नाम की एक योजना शुरू की है, जिसमें कुछ बसों को कुछ इस तरह से तैयार किया गया है कि वो भीतर से देखने में बिल्कुल आंगनबाड़ी जैसे ही लगते हैं.

बस में तैयार की गयी इस आंगनवाड़ी की ख़ासियत ये है कि ये खुद बच्चों तक पहंचेगी इसके लिये बच्चों को कहीं दूर जाने की ज़रूरत नहीं होगी. 6 साल तक के बच्चों को लिये तैयार की गयी इस चलती फिरती आंगनबाड़ी में वो सारी चीज़ें रखी गयी हैं, जो आमतौर पर एक आंगनबाड़ी में बच्चों के लिये रखी जाती है. इसमें अलग-अलग किताबों से लेकर बच्चों के खेलने के समान तक सब कुछ इसके अंदर मिल जायेगा. इसके साथ ही बच्चों के लिये खानपान की भी पूरी व्यवस्था रहेगी.

दिल्ली सरकार ने सेव द चिल्ड्रन संस्था के साथ मिलकर इस योजना की शुरूआत की है. फिलहाल 2 बसें इसके लिये तैयार की गयी हैं, जो हर दिन अलग-अलग इलाक़ों में घूमेंगी. शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि ये योजना उन बच्चों के लिये शुरू की गयी है जो अक्सर आंगनबाड़ी तक नहीं पंहुच पाते थे. सरकार का कहना है कि अगर ये सफल रहा तो आगे और भी बसें इसी तरह चलाई जायेंगी ताकि बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के साथ-साथ पौष्टिक भोजन भी मिल सके.

महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने साल 2021 में सहेली समन्वय केंद्र’ के माध्यम से बालिकाओं और महिलाओं की देखभाल और सुरक्षा के लिए एकीकृत हब मॉडल की शुरुआत की थी. इसके पहले चरण में 101 एसएसके और दूसरे चरण में 354 एसएसके का संचालन किया गया है. इन सहेली समनव्य केन्द्रों में 6 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 50 क्रेच व डे-केयर सर्विसेज को भी जोड़ा गया है. साथ ही 329 पर्यवेक्षकों और 10,245 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से अर्ली चाइल्डहुड केयर एजुकेशन पर डिजिटल प्रशिक्षण दिया गया है.

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