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Electric Vehicles Policy: महिलाओं को जारी होंगे ई-ऑटो परमिट, मिलेगा 33% रिजर्वेशन, सरकार ने तैयार की ये रणनीति

Electric Vehicles Policy: महिलाओं को जारी होंगे ई-ऑटो परमिट, मिलेगा 33% रिजर्वेशन, सरकार ने तैयार की ये रणनीति

दिल्ली सरकार ने ई-ऑटो परमिट के मामले में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की तैयारी की है. (File Photo)

दिल्ली सरकार ने ई-ऑटो परमिट के मामले में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की तैयारी की है. (File Photo)

Electric Vehicle Policy: दिल्ली सरकार का लक्ष्य 2023 तक राजधानी में ई-वाहनों की संख्या को 25 फीसदी तक रजिस्टर्ड करने का है. ऐसे में अब सरकार ने फैसला किया है कि 4,261 नए ऑटो परमिट जारी किए जाएंगे. इन नए परमिट में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का फैसला भी सरकार ने किया है.

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    नई दिल्ली. दिल्ली में वायु प्रदूषण (Air Pollution) को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ई-वाहन पॉलिसी (Electric Vehicles Policy) को बढ़ावा देने की कोशिश में जुटी हुई है. दिल्ली सरकार (Delhi Government) का लक्ष्य 2024 तक राजधानी में ई-वाहनों की संख्या को 25 फीसदी तक रजिस्टर्ड कर.ने का है. ऐसे में अब कमर्शियल वाहनों को लेकर भी सरकार ने फैसला लिया है.

    दिल्ली सरकार ने ई-ऑटो परमिट के मामले में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की तैयारी की है. ई-वाहन पॉलिसी के तहत ई-ऑटो परमिट (E- Auto Permit) जारी किये जाएंगे. दिल्ली सरकार ने वाहन पॉलिसी के तहत वाहन पंजीकरण को गति प्रदान करने के लिए 4,261 ऑटो परमिट जारी करने का फैसला किया है.

    जानकारी के मुताबिक दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग की ओर से ई-ऑटो परमिट में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने संबंधी प्रस्ताव तैयार किया गया है. इस प्रस्ताव को दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत (Kailash Gahlot) ने भी मंजूरी दे दी है. अब परिवहन मंत्री से मंजूरी मिलने के बाद परिवहन विभाग की ओर से परमिट के लिए आवेदन मंगाने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा.

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    दिल्ली में अभी कुल 95,000 ऑटो परमिट जारी, 5,000 नए होंगे जारी
    परिवहन विभाग के सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में अधिकतम ऑटो परमिट की संख्या निर्धारित की हुई है. ऐसे में करीब 95 हजार ऑटो परमिट पहले ही विभाग की ओर से जारी किए जा चुके हैं. वहीं, यह सभी ऑटो सीएनजी चालित हैं. अब सरकार 5,000 नए ऑटो परमिट जारी करने के लिए ईवी पॉलिसी को आगे रखने की तैयारी में है.

    33 फ़ीसदी आरक्षण में महिला नहीं आने पर वेटिंग वाले पुरुषों को दी जाएगी तवज्जो
    दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने फैसला किया है कि 4,261 नए ऑटो परमिट जारी किए जाएंगे. इन नए परमिट में महिलाओं को 33 फ़ीसदी आरक्षण देने का फैसला भी सरकार ने किया है. साथ ही सरकार ने यह भी तय किया है कि अगर 33 फ़ीसदी महिलाएं परमिट के लिए आवेदन करने के लिए नहीं मिलती हैं तो वेटिंग लिस्ट में आने वाले पुरुष आवेदक चालकों को इसका मौका दिया जाएगा.

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    बैज बनवाने के लिए महिला आवेदकों को दिया जाएगा 2 से 3 माह का वक्त
    विभाग सूत्रों की माने तो हल्के वाहन लाइसेंस के आधार पर महिलाओं को ई-ऑटो के लिए परमिट दिया जाएगा. अगर उनके पास बैज नहीं होगा तो इसे बनवाने के लिए भी विभाग की ओर से पर्याप्त समय दिया जाएगा. बैज बनवाने के लिए महिला आवेदकों को 2 से 3 माह का समय दिया जाएगा.

    सब्सिडी के साथ सस्ती दरों पर मुहैया कराया जाएगा ऋण
    दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परमिट मिलने के बाद ऑटो खरीदते समय सब्सिडी के साथ सस्ती दरों पर ऋण मुहैया कराया जाएगा. वहीं, दिल्ली में अभी 2 से सवा दो लाख तक की कीमत के ऑटो बाजार में उपलब्ध हैं. सरकार की ओर से सब्सिडी मिलने के बाद यह ऑटो डेढ़ से ₹2 लाख में मिल जाएंगे. वाहनों के रजिस्ट्रेशन का शुल्क पहले से ही माफ किया हुआ है.

    इस बीच देखा जाए तो दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति महिला सशक्तिकरण की दिशा में अच्छी पहल मानी जा रही है, दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत सब्सिडी देने की योजना बनाई है.

    इस मामले में क्या कहते हैं सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक आदेश में दिसंबर, 1997 में दिल्ली सरकार को नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने की कुल संख्या फ्रीज करने के दिए गए थे वही किसी भी मौजूदा परमिट को बदलने के लिए नए परमिट जारी करने का निर्देश भी सुप्रीम कोर्ट ने दिया था. दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत वर्तमान में 177 तिपहिया मॉडल उपलब्ध हैं.

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    बता दें कि दिल्ली में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में तिपहिया वाहन प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक हैं, और सरकार द्वारा पेश की गई पॉलिसी इस खंड को बैटरी से चलने वाले तिपहिया वाहनों में बदलने पर विशेष ध्यान देती है. कुछ अधिकारियो का मानना है, कि सड़क पर रोजाना 12 से 16 घंटे तिपहिया वाहन दौड़ते हैं. ऐसे में इस खंड पर दिल्ली ईवी नीति का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

    इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी एक साल तीन गुना बढ़ी
    दिल्ली सरकार की माने तो दिल्ली को वैश्विक इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicles) राजधानी में बदला जा रहा हैं. ई-टू व्हीलर और ई-रिक्शा में वृद्धि के कारण ईवी का हिस्सा 1 साल में 3 गुना हो गया है. दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी एक साल के अंदर 1.2 फीसदी से बढ़कर तीन गुना यानी 3.3 फीसदी हो गई है.

    Tags: Auto News, Delhi Government, Electric vehicle, Electronic Vehicles, Kejriwal Government

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