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Delhi में हर रोज न‍िकलता है 2 लाख टन E-Waste, न‍िपटान के ल‍िए बनाया ये ब‍ड़ा प्‍लान

ई-कचरे के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय रूप से निपटान के लिए दिल्ली में ई-कचरा प्रबंधन इको-पार्क की स्थापना की जाएगी.  (फाइल फोटो)

ई-कचरे के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय रूप से निपटान के लिए दिल्ली में ई-कचरा प्रबंधन इको-पार्क की स्थापना की जाएगी. (फाइल फोटो)

E-Waste Management Eco-Park: द‍िल्‍ली में हर रोज करीब 2 लाख टन ई-कचरा उत्पन्न होता है जो बिजली के उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, कंप्यूटर और सहायक उपकरण और मोबाइल फोन से निकलता है. इसको ठ‍िकाने लगाने की तैयारी की जा रही है. दिल्ली में ई-कचरा प्रबंधन इको-पार्क (E-Waste Management Eco-Park) की स्थापना की जाएगी. मुख्‍य सच‍िव को इस मामले में जल्‍द से जल्‍द एक संचालन सम‍िति का गठन करने और DPR तैयार करने के ल‍िए सलाहकार का चयन करने की सलाह भी दी गई है.

  • News18Hindi
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    नई द‍िल्‍ली. द‍िल्‍ली में जहां गीले और सूखे कूड़े के न‍िपटारे को लेकर कई योजनाओं पर काम क‍िया जा रहा है. वहीं अब बड़ी मात्रा में द‍िल्‍ली में न‍िकलने वाले ई-कचरा (E-Waste) के न‍िपटान की मुह‍िम को भी तेज करने की कवायद की जाएगी. राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र, द‍िल्‍ली में हर रोज करीब 2 लाख टन ई-कचरा उत्पन्न होता है जो बिजली के उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, कंप्यूटर और सहायक उपकरण और मोबाइल फोन से निकलता है. इसको ठ‍िकाने लगाने की तैयारी की जा रही है.

    द‍िल्‍ली के उप-राज्‍यपाल अन‍िल बैजल (Anil Baijal) की अध्‍यक्षता में आयोज‍ित र‍िव्‍यू मीट‍िंम में फैसला क‍िया है क‍ि ई-कचरे के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित निराकरण, नवीनीकरण, पुनर्चक्रण और निपटान के लिए दिल्ली में ई-कचरा प्रबंधन इको-पार्क (E-Waste Management Eco-Park) की स्थापना की जाएगी.

    मीट‍िंग में द‍िल्‍ली के ड‍िप्‍टी सीएम मनीष स‍िसोद‍िया (Manish Sisodia), स्‍वास्‍थ्‍य एवं ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन और पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के अलावा द‍िल्‍ली के मुख्य सचिव व‍िजय कुमार देव, डीडीए वीसी अनुराग जैन, और एमसीडी कम‍िश्‍नर्स भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.

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    एलजी बैजल ने कहा कि यह अनुमान है कि दिल्ली में लगभग 2 लाख टन ई-कचरा (E-Waste) उत्पन्न होता है जो बिजली के उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, कंप्यूटर और सहायक उपकरण और मोबाइल फोन से निकलता है. उन्‍होंने कहा कि यह कचरा न केवल पर्यावरण के लिए संभावित रूप से बहुत खतरनाक है, बल्कि मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है.

    इसलिए इसका स्थायी निपटान जल्द से जल्द किए जाने की बेहद आवश्यकता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ई-कचरा प्रबंधन पार्क ( e-waste management park) की स्थापना इस उद्देश्‍य की पूर्ति करने की द‍िशा में बड़ा कदम होगा. यह पार्क देश में अपनी तरह का पहला पार्क होगा जोकि दूसरे राज्‍यों के ल‍िए एक उदाहरण भी पेश करेगा.

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    इस दौरान व‍िचार व‍िमर्श करने के बाद यह न‍िर्णय भी ल‍िया गया है क‍ि पार्क को समयबद्ध तरीके से स्थापित किया जाए, जिसमें विभिन्न समितियां डीडीए के साथ संयोजन के रूप में उपयुक्त भूमि की पहचान, नवीनतम तकनीक और असंगठित क्षेत्र के एकीकरण के साथ-साथ कचरा संग्रहकर्ता के साथ-साथ एक उपयुक्त मॉडल की पहचान कर रही हैं.

    इन सम‍ित‍ियों में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और प्रधान मंत्री कार्यालय के वैज्ञानिक सलाहकार के अलावा अन्य हितधारकों के रूप में द‍िल्‍ली सरकार, डीडीए, प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिन‍िध‍ि भी होंगे.

    द‍िल्‍ली के मुख्‍य सच‍िव व‍िजय कुमार देव (Vijay Kumar Dev) को सलाह दी गई है क‍ि इस मामले में जल्‍द से जल्‍द एक संचालन सम‍िति (steering committee) का गठन करें. साथ ही इसके ल‍िए ड‍िटेल प्रोजेक्‍ट र‍िपोर्ट (DPR) तैयार करने के ल‍िए एक सलाहकार का चयन करने की सलाह भी दी गई है. संचालन समित‍ि पार्क के चालू होने तक इस पूरी प्रक्र‍िया की न‍िगरानी करेगी.

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