CORONA को हरा काम पर लौटे दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, खुद के इलाज को लेकर कही ये बड़ी बात
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CORONA को हरा काम पर लौटे दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, खुद के इलाज को लेकर कही ये बड़ी बात
स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने अपना कामकाज एक बार फिर संभाल लिया है.

दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री (Health Minister) सतेंद्र जैन (Satendra Jain) को लेकर यह सवाल उठ रहे हैं क‍ि उन्‍होंने अपने इलाज (Treatment) के ल‍िए सरकारी अस्‍पताल (Government Hospital) की जगह निजी अस्‍पताल का चुनाव क्‍यों किया.

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दीपक रावत

नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) की चपेट में आए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Health Minister Satendra Jain) पूरी तरह स्वस्थ्य होकर काम पर लौट आए हैं. उनके काम पर लौटने के बाद अब इस बात पर बहस शुरू हो गई है कि उन्होंने अपने इलाज के लिए निजी अस्पताल (Private Hospital) का चुनाव क्यों किया, वह दिल्ली के किसी सरकारी अस्पताल (Government Hospital) में भर्ती क्यों नहीं हुए. इस सवाल का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि निजी अस्पताल में इलाज कराने का फैसला पूरा तरह से उनके परिवार का था. उन्‍होंने कहा है कि व्‍यक्तिगत तौर वह राजीव गांधी अस्‍पताल (Rajiv Gandhi Hospital) में भर्ती होकर अपना इलाज कराना चाहते थे.

साझा की इलाज के दौरान की तकलीफें
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने इलाज के दौरान की तकलीफों को साझा करते हुए बताया कि कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद का समय बेहद मुश्किल रहा. उन्‍होंने बताया कि कोरोना की बीमारी से लड़ने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी है. यदि आप मानसिक रूप से मजबूत हैं तो फिर आपको कोई दिक्‍कत नहीं होगी. उन्‍होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से निजात पाने में योग बेहद अहम भूमिका अदा कर रहा है. वह आज भी स्‍वस्‍थ्‍य रहने के लिए प्राणायाम कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए आप बताई गई जरूरी चीजों का ध्‍यान रखेंगे तो जल्‍द स्‍वस्‍थ्‍य हो जाएंगे.
जल्‍द प्‍लाज्‍मा करेंगे डोनेट


सतेंद्र जैन ने कहा है कि जो लोग ठीक हो चुके हैं वह डॉक्टर से बात करके 2-3 हफ्ते के बाद प्लाज्मा जरूर डोनेट करें. इससे बड़ा पुण्य का काम नहीं हो सकता, जिस दिन डॉक्टर्स कहेंगे, उस दिन मैं जरूर प्लाज्मा डोनेट करूंगा. वहीं कम्‍युनिटी स्‍प्रेड को लेकर कहना है कि कम्युनिटी स्प्रेड है या नहीं यह तो टेक्निकल शब्द हो गया. दिल्ली में सवा लाख लोगों को हो चुका है, पूरे देश में 10 लाख लोगों को हो चुका है. केंद्र सरकार बताएगी कम्युनिटी स्प्रेड है या नहीं. कम्युनिटी में स्प्रेड है यह मैं कह सकता हूं.
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