दिल्ली : ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जमाखोरी मामले में हाईकोर्ट ने ड्रग कंट्रोलर को दिया जांच का जिम्मा

दिल्ली हाईकोर्ट ने जांच की जिम्मेवारी ड्रग कंट्रोलर को सौंपी.

Delhi High Court News: दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस जसमीत सिंह ने ड्रग कंट्रोलर को सांसद गौतम गंभीर, आप विधायक प्रीति तोमर और प्रवीण कुमार के खिलाफ जांच करने का आदेश दिया है.

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नई दिल्ली. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जमाखोरी मामले (Oxygen concentrator hoarding case) में दिल्ली हाईकोर्ट ने बीजेपी सांसद गौतम गंभीर (Gautam Gambhir), आम आदमी पार्टी के विधायक प्रीति तोमर (Preeti Tomar) और आप विधायक प्रवीण कुमार (Praveen Kumar) के खिलाफ जांच के आदेश दिए. दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक ड्रग कंट्रोलर (Drug controller) इस मामले की जांच करेंगे.

आपको बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस जसमीत सिंह ने ड्रग कंट्रोलर को सांसद गौतम गंभीर और आप के दो विधायकों के खिलाफ जांच करने का आदेश दिया है. दरअसल, बेंच आज उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें यह मांग की गई है कि कई पॉलिटिकल पार्टी के नेता अपने इलाकों में कोविड-19 महामारी की जरूरी दवाइयां और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बाट रहे हैं. ये चीजें उन्हें कहां से मिल रही हैं, जब अस्पतालों में भी उपलब्ध नहीं हैं और आम लोगो को दिक्कतें हो रही हैं. याचिका में हाईकोर्ट से गुजारिश की गई थी कि इन नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए.

मेडिकल माफिया के साथ नेक्सस का आरोप

याचिकाकर्ता के वकील विराज गुप्ता ने हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सांसद गौतम गंभीर पर मेडिकल माफिया के साथ नेक्सस का आरोप लगाया है और मांग की है कि एफआईआर दर्ज हो.

गौतम ने भी की थी घोषणा

आपको बता दें कि अप्रैल और मई के पहले हफ्ते में दिल्ली में ऑक्सीजन की क्राइसिस थी. जीवनरक्षक दवाओं की भी कालाबाजारी हो रही थी. ऐसे समय में बीजेपी सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने ऑक्सीजन के साथ-साथ जीवनरक्षक दवाओं की कमी को देखते हुए कुछ राज्यों में लोगों की मदद करने की तैयारी की घोषणा की थी. उन्होंने बताया था कि जरूरतमंदों के बीच बांटने के लिए 200 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मंगवाए गए हैं. उन्होंने कहा कि पहले हमने जिस तरह से मुफ्त ऑक्सीजन दी, उसी तरह दिल्ली, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में हम मुफ्त कंसंट्रेटर बांटेंगे.