BJP MP गौतम गंभीर पर दिल्‍ली हाईकोर्ट की तल्‍ख टिप्‍पणी, पूछा- क्या उन्हें Fabiflu मुफ्त बांटने का लाइसेंस मिला है?

कोरोना से लड़ाई में गौतम गंभीर लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं.

कोरोना से लड़ाई में गौतम गंभीर लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं.

भाजपा सांसद गौतम गंभीर (BJP MP Gautam Gambhir) द्वारा कोविड-19 इलाज के लिए फैबीफ्लू मुफ्त बांटने को लेकर दिल्‍ली हाईकोर्ट ने सख्‍त टिप्‍पणी की है. कोर्ट ने पूछा है कि क्या उन्हें इसके लिए लाइसेंस मिला है?

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 28, 2021, 9:19 AM IST
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नई दिल्ली. बीजेपी सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर (BJP MP Gautam Gambhir) ने बीते 25 अप्रैल को घोषणा की थी कि वे दिल्लीवासियों को मुफ्त में कोरोना की दवा फैबीफ्लू (Fabiflu) और ऑक्सीजन सिलेंडर बांटेंगे. दिल्ली हाईकोर्ट ( Delhi High Court) ने इसको लेकर सवाल पूछा है. दिल्ली में ऑक्सीजन संकट को लेकर दर्ज मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मंगलवार को पूछा कि क्या गौतम गंभीर कोविड-19 के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही दवाएं बड़ी मात्रा में खरीदने और उन्हें लोगों के बीच बांटने में सक्षम हैं? जस्टिस विपिन सांघी और रेखा पल्ली की बेंच ने सवाल किया कि कैसे किसी व्यक्ति को इस तरह की दवा बांटने की अनुमति दी जा सकती है? क्या उन्हें इसके लिए लाइसेंस मिला है?

दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान यह भी पूछा कि क्या बीजेपी सांसद जिन दवाओं को बांटने की बात कर रहे हैं, उसके लिए डॉक्टरों की सलाह ली गई है. यह कैसे संभव है कि एक व्यक्ति पहले इतनी बड़ी मात्रा में कोरोना की दवा खरीदे और उसका वितरण करे. जजों की बेंच ने हैरानी जताते हुए कहा कि अदालत को उम्मीद थी कि यह बंद हो गया होगा, लेकिन ऐसा हो रहा है. आपको बता दें कि बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने ऐलान किया था कि वह अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों को कोरोना की दवाएं और ऑक्सीजन सिलेंडर मुफ्त में बांटेंगे. उन्होंने कहा था कि कोई भी जरूरतमंद उनके दफ्तर 22 पूसा रोड और सांसद कार्यालय जागृति एन्क्लेव पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच ये दवाएं ले सकता है. इसके लिए डॉक्टर की पर्ची और आधार कार्ड दिखाना होगा.

दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने हाई कोर्ट में कहा कि भाजपा नेता गौतम गंभीर ईस्ट दिल्ली में फैबीफ्लू मुफ्त में बांट रहे हैं. सवाल उठाया गया कि जब ये दवाइयां रेगुलेटिड नहीं हैं तो कैसे कोई ऐसा कर सकता है. किसी को तो जरूरी दवाएं नहीं मिल रही है, कोई मुफ्त में बांट रहा है. भले ही उसने सही काम किया लेकिन क्या यह तरीका सही है.

सीएम केजरीवाल पर लगातार हमला बोल रहे गंभीर
भाजपा सांसद दिल्‍ली में कोरोना के बिगड़ते हालात को लेकर सीएम अरविंद केजरीवाल पर लगातार हमला बोल रहे हैं. इस बीच उन्‍होंने ट्वीट किया, 'ना बेड हैं, ना एम्बुलेंस हैं,ना ऑक्सीजन प्लांट हैं, ना टैंकर हैं, लेकिन टीवी पर मुख्यमंत्री बरकरार हैं.'

इससे पहले गंभीर ने कहा था कि 8 ऑक्सीजन प्लांट आपको (अरविंद केजरीवाल) लगाने थे जिमसें से 1 ही लगा है. उसका क्या हुआ? हाथ तो आपने पिछले साल भी खड़े कर दिए थे, इस साल भी कर रहे हैं और अगले साल भी करेंगे. उन्‍होंने कहा कि अभी भी मुख्यमंत्री के विज्ञापन चल रहे हैं. इस समय उसी पैसे से लोगों की सेवा करने की जरूरत है. मुख्यमंत्री को तो शर्म आएगी नहीं, उन्हें तो विज्ञापन पर विज्ञापन दिए जाना है. हर 2 मिनट पर विज्ञापन दिए जा रहे हैं.
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