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दिल्ली हाईकोर्ट ने मानव तस्करी मामले में महिला को जमानत देने से किया इनकार, की यह टिप्पणी

आज देश में महिलाएं और लड़कियां खुद को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करती हैं. (सांकेतिक फोटो)

आज देश में महिलाएं और लड़कियां खुद को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करती हैं. (सांकेतिक फोटो)

Delhi News: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक, 2018 में पूरे देशभर में मानव तस्करी के सबसे अधिक 373 मामले झारखंड में दर्ज किए गए हैं. इसमें 314 नाबालिग लड़कियों की तस्करी हुई है. दर्ज मामलों के आधार पर 158 लोगों को मुक्त कराया गया. आंकड़ों के मुताबिक, 58 फोर्स लेबर, 18 देह व्यापार, 34 घरेलू कामकाज, 32 बलपूर्वक शादी, 7 मामले भीख मांगने के लिए तस्करी कराए गए.

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नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट  (Delhi High Court) ने 14 साल की नाबालिग आदिवासी लड़की की तस्करी (Minor Tribal Girl Trafficking Case) मामले में आरोपी महिला को जमानत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कम उम्र की एक मासूम लड़की को जघन्य अपराधों का शिकार बनाया गया. कई लोगों द्वारा गंभीर रूप से दुर्व्यवहार, शोषण और प्रताड़ित किया गया. शिकायतकर्ता ने सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत आवेदन दिया. उसने कहा कि वह झारखंड की आदिवासी लड़की है और उसे काम की तलाश में झारखंड से दिल्ली लाया गया था.

शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसे आरोपी आनंद और चिंतामणि के साथ एक घरेलू नौकरानी के रूप में रखा गया, जो एक प्लेसमेंट कार्यालय चला रहे हैं. पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि  एक साल काम करने के बाद उसे जबरदस्ती आनंद के घर पर एक नौकरानी के रूप में लाया गया. वह जब भी काम के बदले वेतन के रूप में पैसे मांगती तो उसे मना कर दिया जाता. इतना ही नहीं अपने हक के पैसे मांगने पर उसे प्रताड़ित किया जाता.

झारखंड में मानव तस्करी का फैलता जाल
आज देश में महिलाएं और लड़कियां खुद को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करती हैं. मानव तस्करी का सबसे बड़ा कारण गरीबी और अशिक्षा है, जिसका फायदा उठाकर दलाल बेहतर जीवन का लालच देकर लड़कियों को ले जाते हैं. झारखंड सीआईडी रिपोर्ट के मुताबिक, 2001 से जून 2013 तक राज्य में मानव तस्करीके 254 मामले दर्ज किए गए हैं. साल 2001 में राज्य भर में मानव तस्करी के सिर्फ दो मामले दर्ज किए गए थे. वहीं, 2012 में यह तस्करी के मामलों की संख्या बढ़कर 76 हो गई. मानव तस्करी के सबसे ज़्यादा मामले जनजातीय बहुल इलाके रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, साहेबगंज में दर्ज किए गए हैं.

देशभर में कुल 2,367 मामले दर्ज किए गए हैं
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक, 2018 में पूरे देशभर में मानव तस्करी के सबसे अधिक 373 मामले झारखंड में दर्ज किए गए हैं. इसमें 314 नाबालिग लड़कियों की तस्करी हुई है. दर्ज मामलों के आधार पर 158 लोगों को मुक्त कराया गया. आंकड़ों के मुताबिक, 58 फोर्स लेबर, 18 देह व्यापार, 34 घरेलू कामकाज, 32 बलपूर्वक शादी, 7 मामले भीख मांगने के लिए तस्करी में कराए गए. वहीं, दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र 311, तीसरे स्थान पर असम में 262 मामले दर्ज किए गए हैं और देशभर में कुल 2,367 मामले दर्ज किए गए हैं.

Tags: DELHI HIGH COURT, Human Trafficking Case

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