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निर्भया के दोषियों को 3 साल तक इस वजह से नहीं हो सकी फांसी, हाईकोर्ट ने किया खुलासा
Delhi-Ncr News in Hindi

Amit Singh | News18India
Updated: February 5, 2020, 5:22 PM IST
निर्भया के दोषियों को 3 साल तक इस वजह से नहीं हो सकी फांसी, हाईकोर्ट ने किया खुलासा
निर्भया मामले में हाईकोर्ट ने बुधवार को सुनाया फैसला. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में निर्भया के दोषियों (Nirbhaya Case) की याचिका खारिज होने के बाद भी फांसी की सजा में 3 साल की देरी को लेकर हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने उठाए सवाल. जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर जताई नाराजगी.

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  • Last Updated: February 5, 2020, 5:22 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली की निर्भया के गैंगरेप और हत्या (Nirbhaya Case) मामले के दोषियों को फांसी देने को लेकर बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बड़ा फैसला सुनाया है. मामले में दोषी विनय, पवन, अक्षय और मुकेश पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग दिन और समय पर दया याचिका दाखिल कर रहे थे, जिसकी वजह से पीड़ित पक्ष लगातार इंसाफ में देरी को लेकर आपत्ति जता रहा था. बहरहाल, बुधवार को अदालत ने इस मामले में फैसला देते हुए साफ कर दिया कि दोषियों के पास अब सिर्फ एक हफ्ते का समय बचा है, जिसमें वे सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

हाईकोर्ट ने इस मामले पर निर्णय देते हुए जांच एजेंसियों और संबंधित विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया. अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मई 2017 में सभी दोषियों की याचिका खारिज की थी. अगर संबंधित विभाग चाहता, तो उसी समय दोषियों को फांसी हो सकती थी, लेकिन उस समय किसी विभाग ने डेथ वारंट जारी करने का प्रयास ही नहीं किया. इसी सुस्ती का फायदा दोषियों ने उठाया है.

दोषियों की चालाकी पकड़ी गई
हाईकोर्ट के जस्टिस सुरेश कुमार कैथ ने फैसला सुनाते हुए ये माना कि दोषी बड़ी चालाकी से कानूनी दांव-पेच लगाकर अपने आप को बचा रहे हैं. हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से साल 2017 में फांसी की सजा पर मुहर लगने के इतने समय बाद दोषियों ने क्यूरेटिव याचिका दायर की. इसके पीछे वजह हमारी जांच एजेंसी का सुस्त रवैया ही, जिसके कारण मामले का नतीजा आने में इतनी देरी हुई. आपको बता दें कि दोषियों के अलग-अलग समय पर याचिकाएं दायर करने से फांसी की सजा की तारीख बदलती रही है. इस बीच केंद्र सरकार ने सभी दोषियों को अलग-अलग फांसी देने को लेकर याचिका दायर की. केंद्र ने पटियाला हाउस कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें अदालत ने डेथ वारंट को अनिश्चित समय के लिए टाल दिया था. लेकिन बुधवार को हाईकोर्ट ने केंद्र की यह अपील खारिज कर दी.

अब जल्द ही होगी फांसी
दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले से साफ हो गया है कि निर्भया के दोषियों को अब जल्द ही फांसी मिल सकेगी. अदालत के इस फैसले पर दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि डिटेल ऑर्डर आने के बाद वे तय करेंगे कि इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे या नहीं. इधर, निर्भया की मां ने फैसले पर खुशी जाहिर की. निर्भया की मां ने कहा कि कम से कम अब यह तो तय हो गया है कि दोषियों के पास केवल एक सप्ताह का समय बचा है. निर्भया की मां के वकील जितेंद्र झा के मुताबिक अब कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले में देरी नहीं होगी.

आपको बता दें कि निर्भया मामले में दोषी मुकेश और विनय के पास फांसी से बचने के लिए अब कोई कानूनी विकल्प नहीं बचा है. वहीं, तीसरे दोषी अक्षय की दया याचिका राष्ट्रपति के पास गई हुई है. इसके अलावा चौथे दोषी पवन ने अब तक न तो सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दी है और न ही राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी है. हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब पवन के पास भी केवल एक सप्ताह का समय है, जिसमें वह सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दायर करने के बाद राष्ट्रपति से दया याचना कर सकता है.ये भी पढ़ें :-

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First published: February 5, 2020, 4:24 PM IST
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