कोरोना और लॉकडाउन को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को दिये यह निर्देश...

दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना संक्रमण की गंभीरता और लॉकडाउन को देखते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं (फाइल फोटो)

दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना संक्रमण की गंभीरता और लॉकडाउन को देखते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं (फाइल फोटो)

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार (Delhi Government) को निर्देश दिया कि वो दैनिक मजदूरों और प्रवासी मजदूरों को उनकी साइट पर खाना मुहैया कराए. कोर्ट ने ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी आइनॉक्स को दिल्ली सरकार को तुरंत ही 140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का निर्देश दिया. इस ऑक्सीजन को दिल्ली के जरूरतमंद अस्पतालों को दिया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 6:57 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने ऑक्सीजन की सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) को हलफनामा दाखिल करने को कहा है. कोर्ट ने ऑक्सीजन, प्रवासी मजदूरों और लैब में कोरोना जांच को लेकर भी निर्देश दिया है. साथ ही कहा कि मुख्य सचिव बिना किसी अधिक देरी के दिशा-निर्देश के कार्यान्वयन सुनिश्चित करें. दिल्ली हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) के अनुसार लैब को 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट देनी होती है. हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को कहा कि वो यह सुनिश्चित करे कि लैब तय समय सीमा के अंदर रिपोर्ट दें.

कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वो दैनिक मजदूरों और प्रवासी मजदूरों को उनकी साइट पर खाना मुहैया कराए. कोर्ट ने ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी आइनॉक्स को दिल्ली सरकार को तुरंत ही 140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का निर्देश दिया. इस ऑक्सीजन को दिल्ली के जरूरतमंद अस्पतालों को दिया जाएगा.

कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को विभिन्न राज्यों में ऑक्सीजन की उपलब्धता की जांच करनी चाहिए ताकि आक्सीजन को उन क्षेत्रों में भेजा जा सके जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है. हाईकोर्ट ने कहा कि अगर लैब समय के अंदर रिपोर्ट नहीं दे रही तो यह अच्छा बात नहीं है, दिल्ली में रोज आने वाले मामलों की संख्या 25,000 के पार जा चुकी है. देश में दो लाख से ज्यादा संक्रमित मरीज रोज आ रहे हैं, पॉजिटिविटी रेट 10 प्रतिशत से ज्यादा कई शहरों में हो चुका है, 15 से 20 फीसदी लोगों को अस्पताल में जगह मिल रही है, यह इशारा करता है कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा चुकी है.

हाईकोर्ट ने कहा कि हम प्रवासी मजदूरों के बारे में रिपोर्ट देख रहे है, कर्फ्यू लगाने के साथ दैनिक मजदूरों को फिर से एक गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, पिछली बार सिविल समाज आगे आया था. वकील मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली में हालात खराब हो चुके हैं. घरों से सैंपल अब कलेक्ट नहीं हो रहा है, टेस्ट करवाने के लिए लैब से बाहर 500 से 700 लोगों की भीड़ जुट रही है.
हाई कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि हम सब जानते हैं. आप बाहरी दुनिया में नहीं रह रहे हैं, ऐसा नहीं है कि प्रयोगशालाएं जानबूझकर कर रही हैं, चिकित्सा प्रणाली के बहुत हिस्से को बढ़ाया गया है क्योंकि क्षमताएं वहां नहीं हैं.
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