Delhi Riots: दिल्ली हाईकोर्ट ने 'पिंजरा तोड़' एक्टिविस्ट नताशा, देवांगना और आसिफ को दी जमानत

कोर्ट ने नताशा, देवांगना कालिता और तन्हा को नियमित जमानत दे दी.

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने पिछले साल फरवरी में हुए दंगों से जुड़े एक मामले में यूएपीए (UAPA) के तहत गिरफ्तार जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय की छात्राओं नताशा नरवाल (Natasha Narwal), देवांगना कालिता और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा को जमानत दे दी है.

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    नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने उत्तर-पूर्व दिल्ली दंगे के एक मामले में जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय की छात्राओं नताशा नरवाल (Natasha Narwal) , देवांगना कालिता और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा (Asif Iqbal Tanha) को मंगलवार को जमानत दे दी है. इन लोगों को पिछले साल फरवरी में दंगों से जुड़े एक मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था.

    न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति एजे भंभानी की पीठ ने निचली अदालत के इन्हें जमानत ना देने के आदेश को खारिज करते हुए तीनों को नियमित जमानत दे दी. इससे पहले जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस भंभानी की बेंच ने इन तीनों की जमानत याचिकाओं पर 18 मार्च को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. वहीं, हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा,'हम ये कहने के लिए बाध्य हैं कि असहमति की आवाज को दबाने की जल्दबाजी में सरकार ने संविधान की ओर से दिए गए विरोध प्रदर्शन के अधिकार और आतंकवादी गतिविधियों के अंतर को खत्म सा कर दिया है.'

    हाईकोर्ट ने दिया ये आदेश
    इसके अलावा दिल्‍ली हाईकोर्ट ने पिंजड़ा तोड़ कार्यकर्ताओं नताशा नरवाल, देवांगना कालिता और आसिफ इकबाल तन्हा को अपने-अपने पासपोर्ट जमा करने, गवाहों को प्रभावित न करने और सबूतों के साथ छेड़खानी न करने का निर्देश भी दिया है. यही नहीं,  दिल्‍ली हाईकोर्ट ने 4 जून को तन्हा को 13 से 26 जून तक दो सप्ताह के लिए हिरासत में अंतरिम जमानत दी थी, ताकि वह 15 जून से होने वाली परीक्षाओं के मद्देनजर अध्ययन करने और परीक्षा में शामिल होने के लिए दिल्‍ली के होटल में रह सके.

    गौरतलब है कि 24 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्व दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसा भड़क गई थी, जिसने सांप्रदायिक टकराव का रूप ले लिया था. हिंसा में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 200 लोग घायल हो गए थे.

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