ब्लैक फंगस दवाओं पर सुनवाई के दौरान दिल्‍ली HC ने केजरीवाल सरकार से कहा- आप अन्‍य राज्‍यों की जरूरत नहीं देख रहे

हाईकोर्ट ने कहा- सरकार ब्‍लैक फंगस में इस्‍तेमाल इंजेक्‍शन से इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स तुरंत हटाए (File)

हाईकोर्ट ने कहा- सरकार ब्‍लैक फंगस में इस्‍तेमाल इंजेक्‍शन से इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स तुरंत हटाए (File)

Delhi News: दिल्‍ली हाईकोर्ट ने ब्लैक फंगस (Black Fungus) की दवाओं की कमी को लेकर दिल्‍ली सरकार से कहा कि आप अन्‍य राज्‍यों की मांग की तरफ नहीं देख रहे हैं. जबकि केंद्र सरकार को हर किसी को देखना है. हालांकि दिल्‍ली सरकार की तरफ से कहा गया है कि हम हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.

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नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली में ब्लैक फंगस (Black Fungus) की बढ़ती रफ्तार ने सभी को परेशान कर रखा है. इस बीच दवाईयों की कमी को लेकर दिल्‍ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में सुनवाई हुई. इस दौरान ब्लैक फंगस की दवा की कमी से जूझ रहे एक याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि उसे दवाइयां मिल गई हैं. वहीं, दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि दिल्ली में कुल मामले 613 हैं. उनके लिए 6 हजार खुराक की आवश्यकता है. जबकि आने वाले महीनों में 1 हजार मामलों के आने की संभावना है.

इस बीच, दिल्‍ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के वकील से कहा, 'हम ये नहीं कह रहे हैं कि आपका अनुमान सही नहीं है या फिर केंद्र पर आपकी मांग उचित नहीं है, लेकिन केन्द्र सरकार को दवाओं को सभी को आवंटित करना है. आप अन्य राज्यों की आवश्यकता को नहीं देख रहे हैं. ऐसा नहीं किया जा सकता.

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दिल्ली सरकार ने कही ये बात
दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि राज्‍य में ब्लैक फंगस के 613 केस सामने आ चुके हैं. जबकि ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन के आवंटन के लिए एक मैकेनिज़्म है. अस्पताल को डेटा दर्ज करना पड़ता है और उसके बाद आवंटन किया जाता है. दिल्ली सरकार ने कहा कि दिल्ली में अभी हालात अच्छे नहीं हैं, जहां मांग और आपूर्ति संतुलित है. दिल्ली सरकार स्तिथि पर नजर बनाए हुए है. हालांकि इस दौरान हाईकोर्ट ने दिल्‍ली सरकार कहा, 'हमने कीर्तिमान सिंह द्वारा दायर की गई रिपोर्ट देखी तो पाया कि आपके द्वारा उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं हैं.

आप अन्य राज्यों की आवश्यकता को नहीं देख रहे हैं: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि केंद्र सरकार सभी राज्यों को ब्लैक फंगस में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन का आवंटन कर रही है. जब आप एक हजार इंजेक्शन की मांग करते हैं तो आप दूसरे राज्यों की मांग को नहीं देखते है कि वहां कितनी मांग है. दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक विकल्प या अवसर पर गौर कर रही है और आने वाले महीनों में मांग बढ़ सकती है. हमारी कोशिश राज्य सरकार तौर पर किसी को असुविधाजनक स्थिति में ड़ालने की नहीं है. इसके अलावा दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि हम एक अलग स्थिति में हैं, कृपया समझें, अगर आप याचिकाकर्ता के मरीज को इंजेक्शन देने में असमर्थ थे तो क्या होगा? आप याचिकाकर्ता से माफी मांगेगे.



दिल्ली हाईकोर्ट ने गंगाराम अस्पताल से पूछा ये सवाल

इस दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने गंगा राम अस्पताल से कहा कि सभी अस्पताल जानकारी अपलोड कर रहे हैं. इसी आधार पर केन्द्र सरकार आवंटन कर रही है, आपको एक ईमेल भी भेजा गया है, आप क्या कर रहे थे? इस पर गंगाराम अस्पताल ने कहा कि उनका आवंटन प्राप्त हुआ है, हमें उन्हीं खुराक के साथ काम करना है,आगे के खुराकों की प्रतीक्षा कर रहे हैं. जबकि याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि 18 शीशियों के लिए आबंटन किया गया था और आज समाप्त हो गया.

यही नहीं, याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि 23 वें दिन हमें इंजेक्शन नहीं मिले हैं. ब्लैक फंगस की मृत्यु दर 50% से अधिक है. यह मेरे दादा को एक सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार से इनकार कर रहा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि आपको इंताजर करना होगा. दूसरे भी इंतजार कर रहे हैं. हम अभी कोई निर्देश नहीं जारी कर सकते. गंगाराम अस्पताल में 80 ब्लैक फंगस मरीज़ों का इलाज हो रहा है.

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