दिल्ली HC में ऑक्सीजन की कमी, बेड पर 7 घंटे से ज्यादा सुनवाई हुई, दिए ये आदेश

हाई कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार GNCTD ऐप पर अपना पूरा ब्योरा मुहैया कराए

हाई कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार GNCTD ऐप पर अपना पूरा ब्योरा मुहैया कराए

दिल्ली हाई कोर्ट में शुक्रवार को फिर इस मामले पर सुनवाई होगी. केंद्र सरकार को बताना है कि आखिर दिल्ली को 480-490 मीट्रिक टन ही आवंटित क्यों किया गया जबकि मांग 700 मीट्रिक टन से ज्यादा की थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 29, 2021, 11:15 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को ऑक्सीजन और बेड के मामले में 7 घंटे से ज्यादा सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और राज्य सरकार को अहम आदेश देते हुए कहा कि दिल्ली में कालाबाज़ारी के जरिये बेची जा रही रेमडेसिविर और ऑक्सीजन सिलेंडरों को केस प्रॉपर्टी ना बनाकर रिलीज किया जाए ताकि अस्पतालों में इनका इस्तेमाल किया जा सके. हाईकोर्ट ने कहा कि जब भी पुलिस इस तरह दवा या सिलेंडर जब्त करे, वो इनके जेनुअन होने का पता लगाए, इसके बाद डिप्टी कमिश्नर को इसी जानकारी दें. डिप्टी कमिश्नर इन्हें अस्पतालों के लिए रिलीज करें. हाईकोर्ट ने ये भी साफ किया कि मरीज के घरवालों ने ये खरीदे हैं तो उनसे ना जब्त किए जाएं क्योंकि उन्हें जरूरत के चलते लिया है. हाईकोर्ट को बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने 200 ऑक्सीजन सिलेंडर और 200 से ज्यादा रेमेडेसिविर बरामद किए हैं.

यही नहीं हाई कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार GNCTD ऐप पर अपना पूरा ब्योरा मुहैया कराए और एक दिन के भीतर ऐप को अपडेट किया जाए.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि वो ये साफ कर देना चाहते है कि हम किसी राज्य/ केन्द्र शासित प्रदेश की कीमत पर दिल्ली को ऑक्सीजन आरक्षित नहीं करना चाहते पर हां, दिल्ली सरकार के वकील, एमिकस क्यूरी की दलील के बाद केंद्र सरकार को ऑक्सीजन अलॉटमेंट को लेकर अपना अपना रुख साफ करना चाहिए. अभी तक दिल्ली में दो PSA ऑक्सीजन प्लांट चालू है. दो शुक्रवार तक हो जाएंगे. बाकी चार अभी केन्द्र की ओर से नियुक्त वेंडर की वजह से अटके है. हम चाहते है कि केंद्र बाकी PSA प्लांट लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाए.

शुक्रवार को फिर इस मामले पर सुनवाई होगी. दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार को बताना है कि आखिर दिल्ली को 480-490 मीट्रिक टन ही आवंटित क्यों किया गया जबकि मांग 700 मीट्रिक टन से ज्यादा की थी. आपको बता दें कि आज सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने केंद्र पर पूरा ऑक्सीजन न देने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र दिल्ली के लिए पूरी तरह उदासीन और असंवेदनशील है. सुनवाई के दौरान आज राजस्थान सरकार ने भी दिल्ली हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखा. राजस्थान सरकार ने कोर्ट से कहा कि उन्होंने कभी भी ऑक्सीजन टैंकर नही रोका. वो केवल कोर्ट को इसकी जानकारी देना चाहते है. आपको बता दे कि हाई कोर्ट में एक कंपनी और केंद्र सरकार के तरफ से ये कहा गया था कि राजस्थान सरकार ने ऑक्सीजन टैंकर रोक लिया था.
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