दिल्ली कोरोना हेल्पलाइन पर 'नो रिस्पॉन्स' से हाईकोर्ट नाराज, सरकार को लगाई फटकार

 ऑक्सीजन और बेड की कमी पर दिल्ली हाईकोर्ट में 4 घंटे चली बहस, (फाइल फोटो)

ऑक्सीजन और बेड की कमी पर दिल्ली हाईकोर्ट में 4 घंटे चली बहस, (फाइल फोटो)

Delhi Oxygen Crisis: दिल्ली में ऑक्सीजन और बेड की कमी के मामले को लेकर हाईकोर्ट में 4 घंटे चली सुनवाई. कोर्ट की डिवीजन बेंच ने आईआईटी और एनआईसी के अधिकारी को गुरुवार को पेश होने का निर्देश दिया.

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नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना के हालात ऑक्सीजन और बेड की कमी से बिगड़े हुए हैं. इस पर दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में आज 4 घंटे से ज्यादा देर तक सुनवाई चली. दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि कल सुबह तक सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन है. इस पर हाईकोर्ट ने तकनीकी अधिकारियों को तलब किया है.

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने आईआईटी और एनआईसी के अधिकारियों को गुरुवार को पेश होने का निर्देश दिया. एनआईसी के अधिकारी कोर्ट को पोर्टल के बारे में जानकारी देंगे. कोर्ट को बताया गया कि पोर्टल केवल रेमडेसिविर की जानकारी दे रहा है वो भी इनकंप्लीट. इस पर आईआईटी के अधिकारी को भी पेश होने का निर्देश दिया गया है, ताकि वो कोर्ट को टैंक, ऑक्सीजन मैनेजमेंट पर सुझाव दे पाएं.

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सुनवाई के दौरान जस्टिस रेखा पिल्लई ने कहा- 'उनका कजिन दिल्ली सरकार के हेल्पलाइन नंबर पर सुबह 4 बजे से साढ़े 5 बजे तक कॉल करता रहा, लेकिन वो काम नहीं कर रहा है.' दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान ये भी कहा कि 'युवा वकील जिनके रजिस्ट्रेशन के 10 साल पूरे हो गए हैं उन्हें इन हालातों में लोकल कमिश्नर बनाया जा सकता है, लेकिन कोर्ट के सलाहकार या कोर्ट मास्टर की राय लेने के बाद.'
हाईकोर्ट के सलाहकार ने बताया कि 22920 ऑक्सिजन कंसंट्रेटर आयात कर भारत पहुंच गए हैं. कस्टम वेयर हाउस और कोरियर सेवा में मुश्किलों की वजह से गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए हैं. सलाहकार ने कोर्ट से ये भी कहा कि सीमा शुल्क गोदाम में 22920 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पेंडिंग पड़े हैं. इस वजह से केंद्र को दैनिक आधार पर सूचित करना होगा कि विदेशी सहायता क्या मिल रही है, इसे कैसे आवंटित किया जा रहा है, यह कहां जा रहा है. केंद्र सरकार ने कहा कि ज्यादातर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के मामले कोरियर के कारण लंबित हैं. हाईकोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया कि सेना की मदद ली जा रही है. ऑक्सीजन सिलेंडर लाने में जहां भी उनकी मदद ली जा सकती है, ली जा रही है.

सेना की अधिकारी भी हुई पेश

केंद्र सरकार के वकील ने दीप्ति जॉइंट सेक्रेटरी हेल्थ फ़ॉर आर्म फोर्सेज को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के सुझाव के बारे में जानकारी दी गई. बेंच ने सुझाव दिया है कि ऑक्सीजन की स्टोरेज के लिए सेना की मदद लेनी चाहिए. दीप्ति, जॉइंट सेक्रेटरी हेल्थ फ़ॉर आर्म फोर्सेज ने हाईकोर्ट से कहा कि इसमें हमें कोई दिक्कत नहीं है. ये एक कठिन समय है. हमारे रिसोर्सेज और भी काम कर रहे हैं. हम अपना बेस्ट करेंगे. आपको बता दें कि दिल्ली में ऑक्सीजन की स्टोरेज कैपेसिटी के लिए कोर्ट ने सेना की मदद लेने का सुझाव दिया था.



दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के कल के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी और कहा कि किसी को जेल भेजने से कोई हल नहीं निकलेगा. वैसे आज डिवीजन बेंच के सामने केंद्र के दो बड़े अधिकारी पीयूष गोयल और सुनीता डाबरा पेश हुई थीं. केंद्र सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि बीते कल के आदेश के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. जिस पर हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों को ऑनलाइन पेशी से जाने को कह दिया. गौरतलब है कि बीते दिनों हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने आदेश दिया था कि केंद्र सरकार के दो बड़े अधिकारी पेश हो और बताएं कि हाईकोर्ट के 1 मई के आदेश को पालन नहीं करने के लिए उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए.

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