हाईकोर्ट ने फिर दिल्ली सरकार को फटकारा, कहा- अपने नागरिकों के जीवन अधिकार की रक्षा करने में विफल रहे आप

दिल्ली हाईकोर्ट में शनिवार को फिर सुनवाई होगी और इस दौरान ऑक्सीजन सप्लायर्स को भी पेशन होने के लिए कहा गया है. (फाइल फोटो)

दिल्ली हाईकोर्ट में शनिवार को फिर सुनवाई होगी और इस दौरान ऑक्सीजन सप्लायर्स को भी पेशन होने के लिए कहा गया है. (फाइल फोटो)

Delhi High Court ने कहा- दिल्ली अब पूरी तरह से एक हॉट-स्पॉट में तबदील हो चुकी है. लोग बिस्तरों के लिए छटपटा रहे हैं, सेना की मदद लेने पर आपने क्या सोचा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2021, 8:15 PM IST
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नई दिल्ली. एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑक्सीजन (Oxygen) और बेड की कमी पर दिल्ली सरकार को फटकारा. कोर्ट ने सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार अपने नागरिकों के जीवन के अधिकार की रक्षा करने में विफल रही है. सेना से मदद लेने के मामले में दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट से कहा कि DRDO से बात हुई है. इस बाबत केंद्र को लिखेंगे. दो दिन का वक्त और दिया जाए

दिल्ली हाई कोर्ट में शुक्रवार को ऑक्सीजन और बेड की कमी पर एक बार फिर 4 घंटे से ज्यादा सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने टिपणी करते हुए कहा कि मुंबई में नगर निगम घर-घर जा रहा है और डॉक्टर मरीज को देखने के बाद फैसला लेते हैं कि किस मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती की जरूरत है. क्या हम दिल्ली में ऐसा नहीं कर सकते थे. दिल्ली मे अब देर हो चुकी है यह पूरी तरह से एक हॉटसपॉट है. लोग बिस्तरों के लिए छटपटा रहे हैं. जो भाग्यशाली है उसे बेड मिल रहा है या तो हम एक ऐसा सिस्टम बनाए़ जहां ऑनलाइन आवंटन हो सके. लेकिन समस्या ये है कि रोगी की पहले हालत देखनी होती है. डॉक्टरों को इसका आंकलन करने की जरूरत है. आप इसे ऑनलाइन नहीं कर सकते.

हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार से पूछा कि सेना की मदद लेने पर क्या सोचा है. जिस पर दिल्ली सरकार के तरफ से कहा गया कि उन्होंने DRDO से बात की है. राज्य के हेल्थ डिपार्टमेंट ने रिक्वेस्ट की है. इस बाबत केंद्र को भी वो लिखेंगे. 2 दिन का वक्त और चाहिए क्योकि अधिकारी कोरोना से संक्रमित हैं. वही राज्य सरकार के तरफ से कोर्ट में कहा गया कि वो रोजाना 70 से 80 हजार लोगो का कोरोना टेस्ट करवा रहे हैं. कर्फ्यू से पहले तकरीबन 30 हजार लोगो का कोविड टेस्ट होता था जो अब नही हो रहा है. इसके अलावा लैब में भी टेस्ट हो रहे हैं. राज्य सरकार ने काफी मात्रा ने टेस्ट किट का ऑर्डर दिया है. लेकिन सप्लायर को भी कोरोना हो गया है.

हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ये भी कहा कि ऑक्सीजन सप्लायर और अस्पतालों के बीच वॉट्सएप ग्रुप बनना चाहिए. जिसमें सभी अपना जानकारी साझा कर पाएं. बड़े अस्पतालों के पास अपना ऑक्सीजन प्लांट होना चाहिए. इसे जरूरी कर देना चाहिए.
सुनवाई के दौरान एक बार फिर कई अस्पतालों के तरफ से ऑक्सीजन की कमी का मुद्दा उठाया गया. हाईकोर्ट में कई ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनियां के अधिकारी और मालिक मौजूद थे. एक ऑक्सीजन कंपनी ने फंडिंग की कमी की बात कही. कहा - दिल्ली सरकार के पास तकरीबन 12 लाख रुपये बकाया हैं और कई अस्पतालों के पास. अब उसे दिक्कत हो रही है. जिस पर दिल्ली सरकार ने कोर्ट में कहा कि जल्द ही बकाया रकम दे दी जाएगी. दिल्ली हाई कोर्ट में कल इस मामले में दोबारा सुनवाई होगी. सभी ऑक्सीजन सप्लायर्स को एक बार फिर कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए गए हैं.
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