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Delhi News: बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार से मांगा जवाब

दिल्ली हाइकोर्ट ने बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए एक बच्चे के पिता की ओर से दाखिल याचिका पर यह आदेश दिया है.
दिल्ली हाइकोर्ट ने बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए एक बच्चे के पिता की ओर से दाखिल याचिका पर यह आदेश दिया है.

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए 16 बच्चों के पुनर्वास की मांग वाली याचिका पर केंद्रीय श्रम मंत्रालय और दिल्ली सरकार (Delhi Government) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2021, 8:12 PM IST
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नई दिल्‍ली. बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए 16 बच्चों के पुनर्वास की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) याचिका दाखिल की गई है. याचिका में कहा गया है कि इन बच्चों के पुनर्वास के लिए सरकार को तत्काल आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाए. यही नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल (DN Patel)और जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने इस मांग को लेकर पहले से दाखिल जनहित याचिका पर विचार करते हुए केंद्रीय श्रम मंत्रालय और दिल्ली सरकार (Delhi Government) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट में पहले से लंबित जनहित याचिका में बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए 88 बच्चों के पुनर्वास के लिए आर्थिक मदद की मांग की गई है. इस पर हाईकोर्ट ने सरकारों से विचार करने और मामले की अगली सुनवाई से पहले रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है.

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बता दें कि दिल्ली हाइकोर्ट ने बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए एक बच्चे के पिता की ओर से दाखिल याचिका पर यह आदेश दिया है. हाइकोर्ट में याचिकाकर्ता मोहम्मद कादिर अंसारी ने बाल मजदूरी के शिकार बच्चों के पुनर्वास के लिए सरकार को आदेश देने की कोर्ट से मांग की है. उसका बेटा महज 12 साल की उम्र में बिहार से दिल्ली आकर बाल मजदूरी करने लग गया था. वकील निमिषा मेनन और शिवांगी यादव द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि बाल मजदूरी कराने वाले बच्चों से 14 घंटे तक काम कराते हैं और उनका शोषण करते हैं. हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले अंसारी ने अपने बेटे के अलावा बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए सभी बच्चों को केंद्रीय क्षेत्र योजना 2016 के तहत पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है.
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