दिल्ली में फिर कोरोना टेस्टिंग की क्‍यों हो रही इतनी डिमांड, जानिए हर रोज क्या है स्थिति?

कोराेना टेस्टिंग आज भी कम नहीं की जा रही है. (फाइल फोटो)

कोराेना टेस्टिंग आज भी कम नहीं की जा रही है. (फाइल फोटो)

COVID 19: दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के 15 दिन पहले के आंकड़ों की बात करें तो आज भी हर रोज बड़ी संख्या में लोगों के कोरोना टेस्ट किये जा रहे हैं. भले ही दिल्ली में एक्टिव मामलों बड़ी संख्या में घट रहे हों. आज भी 80 हजार से ज्यादा लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा रहा है.

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नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के भीषण दंश को झेल चुकी दिल्ली (Delhi) अब सेफ जोन में जा रही है. हर रोज आने वाले हजारों संख्या में पॉजिटिव मामले अब सैकड़ों में सिमट गए हैं. मौतों का आंकड़ा भी तीन डिजिट से घटकर अब 2 डिजिट में आने लगा है. संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 9,000 से नीचे आ चुका है. लेकिन कोराेना टेस्टिंग (Corona Testing) आज भी कम नहीं की जा रही है.

दिल्ली सरकार (Delhi Government) के स्वास्थ्य विभाग के 15 दिन पहले के आंकड़ों की बात करें तो आज भी हर रोज बड़ी संख्या में लोगों के कोरोना टेस्ट किये जा रहे हैं. भले ही दिल्ली में एक्टिव मामलों बड़ी संख्या में घट रहे हों. आज भी 80 हजार से ज्यादा लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा रहा है.

19 मई को 5.78 फीसदी रिकॉर्ड किया गया था पॉजिटिविटी रेट

आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो गत 19 मई को जब 3,846 मामले एक्टिव मामले रिकार्ड किए गए थे, उस दिन 5.78 फीसदी पॉजिटिविटी रेट रिकॉर्ड किया गया था और 235 लोगों की जान गई थी. लेकिन उस दिन 66,573 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया था. उस दिन कुल संक्रमित मरीजों की संख्या भी 45,047 थी.
दैनिक पॉजिटिविटी रेट 1 फीसदी से भी कम 0.61 फीसदी रिकॉर्ड

वहीं, अब 15 दिन बाद के आंकड़ों की बात करें तो 3 जून को कुल 80,046 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया जबकि 487 नए मामले रिकॉर्ड किए गए और पॉजिटिविटी रेट भी पिछले 24 घंटे का 1 फीसदी से भी कम 0.61 फीसदी रिकॉर्ड किया गया. वहीं, हर रोज सैकड़ों में होने वाली मौतों का आंकड़ा भी 45 दर्ज किया गया.

19 मई से 3 जून के बीच करीब 2200 लोगों ने अपनी जान गंवाई



अच्छी बात यह है कि 15 दिन पहले कुल संक्रमित मरीजों की संख्या जो 45,047 रिकॉर्ड की गई थी. वह तेजी के साथ घटते हुए 3 जून को 8,748 पहुंच गई यानी इस दौरान बड़ी संख्या में लोग ठीक हुये हैं. हालांकि इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान भी गई है. 19 मई से 3 जून के बीच करीब 2200 लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है.

30 अप्रैल के बाद सबसे कम मौत रिकॉर्ड की

अब तक दिल्ली में 24,447 लोगों की कोरोना से जान जा चुकी है. इन 15 दिनों के दौरान हर रोज 100 से 200 लोगों की मौत हो रही थी जोकि अब घटकर 45 रिकॉर्ड की गई है. 3 जून को 30 अप्रैल को हुई 50 मौतों के बाद सबसे कम रिकॉर्ड किया गया है.

दिल्ली में अब कोरोना संक्रमित मरीजों का हर रोज रिकॉर्ड किया जाने वाला पॉजिटिविटी रेट जो 19 मई को 5.78 फीसदी रिकॉर्ड किया गया था, वह अब हर रोज तेजी से घटते हुए 3 जून को 1 फीसदी से भी कम होकर और आधा फीसदी पर पहुंचते हुए 0.61% रिकॉर्ड किया गया है. जबकि 31 मई को भी 0.99 फीसदी रिकॉर्ड किया गया था. इस पॉजिटिविटी रेट से यह स्पष्ट हो गया है कि अब दिल्ली पूरी तरीके से सेफ जोन में जा चुकी है.

अस्पतालों में 20,778 बेड हैं अब खाली

इस बीच देखा जाए तो कोरोना की दूसरी लहर में अस्पतालों में बेड उपलब्ध नहीं हो पाए थे. लेकिन अब दिल्ली के अस्पतालों में ही नहीं बल्कि बनाए गए डेडीकेटेड कोविड केयर सेंटर, डेडीकेटेड कोविड हेल्थ केयर में भी बेड बड़ी संख्या में खाली हैं.

दिल्ली सरकार के अस्पतालों की बात करें तो इनमें 24,576 बेड की व्यवस्था है. इन पर अब सिर्फ 3,795 मरीज ही भर्ती हैं. जबकि 20,778 बेड अब खाली हैं. वही डेडीकेटेड कोविड केयर सेंटर में 6,332 बेड की व्यवस्था है. इन पर सिर्फ 160 मरीज भर्ती हैं बाकी 1,165 अभी भी खाली पड़े हुए हैं.

ऐसी ही स्थिति कुछ डेडीकेटेड कोविड हेल्थ केयर में बनाए गए 606 बेड में से सिर्फ 73 पर ही मरीज भर्ती हैं बाकी 533 बेड अभी भी खाली पड़े हुए हैं. जबकि होम आइसोलेशन में चल रहे मरीजों की संख्या भी  घटकर सिर्फ 4233 रह गई है.

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