आयशा आत्‍महत्‍या कांड के खिलाफ इमामों की पहल, दिल्‍ली की दो मस्जिदों में किया गया खास ऐलान

दिल्‍ली में दहेज रहित निकाह के लिए दिल्‍ली की दो मस्जिदों ने की पहल. सांकेतिक तस्‍वीर

दिल्‍ली में दहेज रहित निकाह के लिए दिल्‍ली की दो मस्जिदों ने की पहल. सांकेतिक तस्‍वीर

दिल्‍ली के जाफराबाद स्थित खजूर वाली मस्जिद और कुएं वाली मस्जिद के मौलानाओं ने लोगों से बिना दहेज के मस्जिदों में निकाह करने की अपील की है. साथ ही इसके लिए मस्जिदों की तरफ से पूरे सहयोग का ऐलान किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 19, 2021, 7:52 PM IST
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नई दिल्‍ली. गुजरात के अहमदाबाद में दहेज उत्‍पीडन से परेशान आयशा के साबरमती नदी में कूदकर जान देने की घटना से सबक लेकर दिल्‍ली की दो मस्जिदों में खास ऐलान किया गया है. जाफराबाद स्थित इन दो मस्जिदों में आज शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान लोगों से मस्जिद के इमामों ने खास अपील की है.

जाफराबाद स्थित खजूर वाली मस्जिद के मुफ्ती मोहम्‍मद फुरकान नदवी ने बताया कि इलाके की दो मस्जिदों में दहेज के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है. जुमे की नमाज में इकठ्ठा हुए लोगों से अपील की गई है कि वे अपने बच्‍चों का निकाह मस्जिद में ही कराएं. इसके साथ ही समाज और रिश्‍तेदारों के लिए की जाने वाली दावत का खर्च भी लड़के वाला ही उठाएगा. दहेज या दावत के लिए लड़की पक्ष पर कोई दवाब नहीं डाला जाएगा न ही किसी चीज की मांग की जाएगी. वहीं अगर कोई सहयोग देना चाहता है तो लड़की वालों को दे सकता है.

मुफ्ती नदवी ने बताया कि लोगों को समझाया गया है कि मस्जिद में निकाह करने से पहले ही कई खर्चों से बचा जा सकता है. इसके साथ ही सादगी भरे इस निकाह की अपनी पुरानी परंपरा को भी बरकरार रखा जा सकता है. इस अपील या ऐलान को लेकर लोगों ने भी रजामंदी दी है. साथ ही इस कार्य में सहयोग देने के लिए आगे आने के लिए भी कहा है.

वहीं कुएं वाली मस्जिद के मौलाना मुफ्ती तालिब नदवी ने भी लोगों से मस्जिद में निकाह करने के अलावा दहेज की मांग न करने की अपील की है. उन्‍होंने कहा कि मस्जिदों से बाहर निकाह करने के कारण लोग सादगी से दूर और दिखावे की ओर ज्‍यादा चले गए हैं जिसकी वजह से लड़की पक्ष को दहेज देने, सामर्थ्‍य से ज्‍यादा पैसा खर्च करने के लिए मजबूर होना पड़ता है. इससे अब निजात पाने की जरूरत है.
जाफराबाद निवासी सामाजिक कार्यकर्ता फहीम बेग ने बताया कि अहमदाबाद में आयशा आत्‍महत्‍या मामले के बाद से ही मुस्लिम समाज के लोगों में एक अलग सी ही बेचैनी थी. समाज में चलने वाले दहेज और इसके उत्‍पीडन के साथ ही लड़की पक्ष को होने वाली परेशानियों के हल के लिए मस्जिदों में भी चर्चाएं हो रही थीं. इसी के बाद जाफराबाद की दो मस्जिदों में आज जुमे की नमाज में हजारों लोगों की मौजूदगी में इमामों ने अपील की है साथ ही पूरे सहयोग का ऐलान किया है. यह एक अच्‍छी पहल है.

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