Assembly Banner 2021

अब दिल्ली विधानसभा की शांति एवं सद्भाव समिति फेसबुक को भेजेगी नोटिस, जानें वजह

चुनाव के दौरान हेट स्पीच फैलाने के आरोप में यह समन जारी किया गया है.

चुनाव के दौरान हेट स्पीच फैलाने के आरोप में यह समन जारी किया गया है.

दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) की पीस एंड हार्मनी कमेटी (Peace and Harmony Committee) ने अब फेसबुक (Facebook) को समन जारी करने का फैसला किया है. चुनाव के दौरान हेट स्पीच फैलाने के आरोप में यह समन जारी किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 17, 2020, 7:13 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. फेसबुक विवाद (Facebook Controversy) ने अब भारत में तूल पकड़ लिया है. दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) की पीस एंड हार्मोनी कमेटी (Peace and Harmony Committee) ने अब फेसबुक (Facebook) को समन जारी करने का फैसला किया है. चुनाव के दौरान हेट स्पीच फैलाने के आरोप में यह समन जारी किया जाएगा. सोमवार को दिल्ली विधानसभा की समिति ने शिकायतों में लगाए गए आरोपों के सावधानी पूर्वक विचार-विमर्श के बाद इस मुद्दे का तत्काल संज्ञान लेने का फैसला किया है और आवश्यक कार्रवाई की शुरूआत कर दी है. आप विधायक राघव चड्ढा (Raghav Chadha) कमेटी के चैयरमेन हैं. समिति की तरफ से जारी बयान के मुताबिक बीजेपी (BJP) नेता के भड़काऊ भाषण के बावजूद फेसबुक ने कोई कार्यवाई नहीं की. इसी सिलसिले में समिति फेसबुक के पब्लिक पॉलिसी डायरेक्‍टर अंखी दास को विशेषतौर पर समन जारी करेगी.

इस हफ्ते आगे की कार्यवाई के लिए फिर बैठक
समिति इस हफ्ते आगे की कार्यवाही के लिए फिर बैठक बुलाएगी. समिति की तरफ से जारी बयान में वाल स्ट्रीट जर्नल की उस रिपोर्ट का हवाला भी दिया गया हैं, जिसमें फेसबुक पर भारत मे चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं के भड़काऊ भाषणों को नजरअंदाज किया गया. दिल्ली सरकार की तरफ से दावा किया गया है कि फेसबुक के अधिकारियों के खिलाफ दिल्ली विधानसभा की शांति एवं सदभाव समिति के चेयरमैन राघव चड्ढा को बहुत सारी शिकायतें मिली हैं, जिनमें आरोप लगाए गए हैं कि भारत में जानबूझ कर फेसबुक द्वारा निहित कारणों से भड़काउ पोस्ट पर रोकथाम नहीं की जा रही है.

Facebook पर डेटा हैक होने का खतरा बढ़ गया है.
Facebook पर डेटा हैक होने का खतरा बढ़ गया है.

हेट स्पीच को लेकर फेसबुक को नोटिस


समिति ने कहा है कि हाल ही में बीजेपी के एक नेता द्वारा एक फेसबुक पोस्ट किया गया था, जिसे मार्क जुकरबर्ग ने बहुत ही अपमानजनक और भड़काउ श्रेणी का बताया था. फेसबुक अधिकारियों पर ऐसे भड़काउ और असामाजिक पोस्ट को जानबूझ कर नजरअंदाज करने के आरोप लगते रहे हैं. इसके मद्देनजर समिति इस बात पर मजबूर हुई है कि जल्द से जल्द फेसबुक अधिकारियों द्वारा दिल्ली दंगों के दौरान बरती गई उदासीनता और इसके पीछे के मूल कारणों की जांच की जाए.

ये भी पढ़ें: वन नेशन वन राशनकार्ड योजना में 4 और नए राज्य जुड़े, अब इन 24 राज्यों में मिलेगी राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा

बता दें कि अमेरिका स्थित ऑनलाइन न्यूज प्लेटफार्म वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा 14 अगस्त 2020 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार फेसबुक जानबूझ कर भड़काउ पोस्ट के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है. वॉल स्ट्रीट जर्नल के उस आर्टिकल में एक बीजेपी नेता का जिक्र किया गया है, जिनके द्वारा फेसबुक पर कई भड़काउ पोस्ट किए गए थे, लेकिन फेसबुक द्वारा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. दिलचस्प है कि हाल ही में मार्क जुकर बर्ग ने भी उस बीजेपी नेता द्वारा किए गए पोस्ट का जिक्र किया और कहा कि वह पोस्ट काफी भड़काउ था. इसके बावजूद फेसबुक अधिकारियों पर ऐसे भड़काउ और असामाजिक पोस्ट को जानबूझ कर नजरअंदाज करने के आरोप लगाते रहे हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज