दिल्‍ली: LG के नए फैसले से बढ़ गया है CORONA संक्रमण फैलने का खतरा: डिप्‍टी सीएम सिसोदिया
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दिल्‍ली: LG के नए फैसले से बढ़ गया है CORONA संक्रमण फैलने का खतरा: डिप्‍टी सीएम सिसोदिया
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (फाइल फोटो)

डिप्‍टी सीएम मनीष सिसोदिया (Deputy CM Manish Sisodia) ने कहा है कि दिल्ली में नई व्यवस्था की वजह से एंबुलेंस सिस्टम के साथ ही लोगों पर भी दबाव बढ़ रहा है और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई है.

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नई दिल्‍ली. बेकाबू हो चुके कोरोना संक्रमण (Corona Infection) ने दिल्‍ली के हालात को बेहद गंभीर बना दिया है. बावजूद इसके, दिल्‍ली सरकार और दिल्‍ली सरकार के बीच घमासान लगा जारी है. दिल्‍ली सरकार ने एक बार फिर उपराज्‍यपाल अनिल बैजल (Lt. Governor Anil Baijal) पर निशाना साधा है. इस बार कमान दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया (Deputy Chief Minister, Manish Sisodia) ने अपने हाथ में ली है.

दरअसल, दिल्‍ली सरकार और एलजी के बीच यह घमासान उस आदेश को लेकर मचा है, जिसमें कहा गया है कि जो व्यक्ति RT-PCR टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाएंगे, उनका डिस्ट्रिक्ट सर्विलेंस ऑफिसर की टीम आंकलन करेगी. इस आंकलन के बाद तय होगा कि मरीज हॉस्पिटल में रहेगा या उसे होम क्‍वारंटाइन किया जाएगा. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्‍यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर इस फैसले को वापस लेने की अपील भी की है.

वहीं, एलजी के इस फैसले को आधार मनीष सिसोदिया ने कहा है कि प्रत्येक कोरोना मरीज को क्वारंटीन सेंटर जाकर जांच कराने की बाध्यता की वजह से दिल्ली में अफरा-तफरी मच गई है.  इससे दिल्ली में बीमारी को और फैलने का खतरा बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल को पत्र लिख कर नए आदेश को वापस लेने और दिल्ली में पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है. जिसके तहत, सरकार की मेडिकल टीमें ही लोगों के घर जाकर जांच कर सके और आवश्यकता के अनुसार, उन्हें होम आइसोलेशन या अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दे सके.



जांच के बाद तय होगा, कौन जाएगा घर
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ने कहा है कि आज मैंने जितने भी मीडिया रिपोर्ट पढ़ी है. ज्यादातर मीडिया रिपोर्ट इस तरफ इशारा कर रहे हैं कि दिल्ली में किसी व्यक्ति के लिए होम आइसोलेशन में रखने से पहले जो व्यवस्था बनी है, उसको लेकर लोगों को काफी समस्या आ रही है. एलजी साहब ने अब जो नई व्यवस्था बनाई है, उसमें हर कोरोना मरीज को क्वारंटीन सेंटर जाना होगा. वहां पर उसकी जांच होगी और उसके बात तय होगा कि वो व्यक्ति होम आइसोलेशन में रह सकता है, तो उसे घर भेजा जाएगा.

पुलिस कर रही लोगों को फोन
उन्‍होंने कहा कि कोरोना पॉजिटिव आते ही लोगों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है कि उन्हें कोई लक्षण नहीं भी है, तब भी उन्हें क्वारंटीन सेंटर जाना ही पड़ेगा. यदि वो नहीं जाते हैं तो उनके पास दिल्ली पुलिस और प्रशासन का फोन आने लगता है. इसका मतलब यह है कि दिल्ली का कोई भी व्यक्ति यदि कोरोना पॉजिटिव आता है, तो खुद क्वारंटीन सेंटर जाकर अपनी जांच कराएगा और यदि वह अपनी जांच नहीं कराता है, तो पुलिस और प्रशासन के लोग उसको फोन करेंगे. इससे लोगों में चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई है. लोग घबराए हुए हैं कि उनको पुलिस-प्रशासन लेकर जाएगा. पुलिस व प्रशासन भी उन्हें कहता है कि आपको क्वारंटीन सेंटर जाकर जांच करानी पड़ेगी.

लोगों को लाइन में लगने का है डर
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि पहले एलजी साहब ने होम आइसोलेशन को खत्म करने का आदेश जारी किया. हमने काफी प्रयास करके होम आइसोलेशन को बहाल कराया, तो अब क्वारंटीन सेंटर जाने की बाध्यता की नई व्यवस्था से लोगों की कमर टूट रही है. इससे लोग दुखी हो गए हैं. आज आई सभी मीडिया रिपोर्ट यह कह रही हैं कि पूरी दिल्ली में लोग बहुत दुखी हैं. दिल्ली में जो भी कोरोना का नया मरीज आ रहा है, वह इस बात से दुखी है कि अब उसे अपनी बीमारी की नहीं चिंता करनी है, बल्कि इस बात की चिंता करनी है कि उसे क्वारंटीन सेंटर जाकर लाइन में लग कर पहले अपनी जांच करानी है.
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