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दिल्‍ली: ‘महाकाल’ की मदद से सुलझी दोहरे हत्‍याकांड की गुत्‍थी, 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार हुए हत्‍यारोपी

हत्या के मामले में पुलिस जांच कर रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

हत्या के मामले में पुलिस जांच कर रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

दक्षिण दिल्‍ली (South Delhi) के महरौली इलाके में पैरोल पर रिहा हुए अपराधी की पार्टी में दोहरे हत्‍याकांड (Double Murder Case)  को दिया अंजाम दिया गया था.

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नई दिल्‍ली. दक्षिण दिल्‍ली (South Delhi) के महरौली इलाके में दोहरे हत्‍याकांड (Double Murder Cade) की वारदात को महरौली थाना पुलिस (Mehrauli Police) ने महज 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया है. दोहरे हत्‍याकांड की इस गुत्‍थी को सुलझाने में पुलिस की सबसे बड़ी मदद की आरोपी के हाथ में बने ‘महाकाल’ (Mahakal) के टैटू ने. इसी टैटू की मदद से पुलिस न केवल हत्‍या के आरोपियों तक पहुंची, बल्कि दोनों को समय रहते गिरफ्तार कर लिया गया है. इस केस की गुत्‍थी सुलझाने में ड्रोन कैमरे ने भी पुलिस की खासी मदद की है. ड्रोन कैमरे की मदद से पुलिस ने वारदात का शिकार हुए दूसरे मृतक के शव को भी चंद घंटों के भीतर खोज निकाला है.

फिल्मी है पूरी कहानी
दक्षिण दिल्‍ली के महरौली इलाके में हुई इस वारदात की कहानी पूरी तरह से फिल्‍मी है. दरअसल, महरौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली फ्रीडम फाइटर कालोनी में जेल से पैरोल पर रिहा हुए कैदी के स्‍वागत में 15 जुलाई की रात वेलकम पार्टी का आयोजन किया गया था. 15 जुलाई की रात करीब आठ बजे दिल्ली पुलिस की कंट्रोल रूम को एक खबर दी जाती है कि एक शख्स के पैर में गोली लगी है और उसको जल्द से जल्द अस्पताल में भर्ती करवाना है. इस पीसीआई कॉल के बाद मौके पर कैट्स एम्बुलेंस की टीम ने पीड़ित शख्स को लेकर एम्स ट्रामा सेंटर में पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मृतक की पहचान पूर्वी दिल्‍ली के गीता कॉलोनी में रहने वाले अब्दुल अली के रूप में हुई.

जंगल लेकर पहुंची खून की बूंदें
एसीपी रणवीर सिंह की टीम ने जब मामले की तफ्तीश की शुरूआत की, तो पता चला कि मृतक अब्दुल अली पूर्वी दिल्ली इलाके का बीसी यानी बैड कैरेक्टर है. अब सवाल यह था कि उसको गोली किसने मारी और क्यों मारी. इलाज के दौरान मौत की वजह से यह मामला और ज्यादा पेचीदा हो चुका था. वहीं, घटना स्थल के मुआयने के दौरान पुलिस को खून की कुछ बूंदें नजर आई. इन खून की बूंदों का पीछा करते हुए पुलिस की टीम जंगल तक पहुंच गई. इसी दौरान, डीसीपी अतुल ठाकुर और एडिशनल डीसीपी परविंदर सिंह की देखरेख में पांच अलग-अलग टीम का गठन किया गया, जिसका नेतृत्‍व एसीपी रणवीर सिंह कर रहे थे.

‘महाकाल’ की मदद से सुलझी गुत्‍थी
एसीपी रणवीर सिंह द्वारा गठित की गई पांच टीमों में एक टीम इलाके में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को तलाश रही थी. तभी उन्‍हें मौका-ए-वारदात से एक शख्‍स निकलते हुए दिखा, जिसके हाथ में महाकाल का टैटू बना हुआ था. सीसीटीवी फुटेज में इस शख्‍स के साथ पांच अन्‍य लोग एक कार में बैठते हुए नजर आए. पुलिस के अनुसार, चूंकि मृतक पूर्वी दिल्‍ली इलाके का बैड कैरेक्‍टर था, लिहाजा दक्षिण दिल्‍ली के साथ-साथ पूर्वी दिल्‍ली के अपराधियों के रिकार्ड से सीसीटीवी फुटेज में देखे गए लोगों का मिलान किया गया. पुलिस की यह कोशिश कामयाब रही. पुलिस को पता चला कि कार सवार छह लोगों में एक शख्‍स यमुना विहार इलाके का शातिर अपराधी विनोद वाल्‍यान है. जिसके बाद, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.

पूछताछ में बताया – एक नहीं, हत्‍या की हैं दो वारदातें
पूछताछ के दौरान, विनोद वाल्‍यान ने बताया कि जिस आरोपी के हाथ में महाकाल का टैटू बना है, उनका नाम सतेंद्र है. दोनों ने मिलकर दोहरे हत्‍याकांड की वारदात को अंजाम दिया है. पूछताछ के बाद, पुलिस ने विनोद वाल्‍यान की निशानदेही पर सतेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, अब पुलिस के सामने दूसरी बड़ी चुनौती दूसरे शव को खोजने की थी. पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्‍होंने दूसरे शव को जंगल में फेंक दिया था. तमाम कोशिशों के बावजूद जब पुलिस को दूसरा शव नहीं मिला तो उसने ड्रोन कैमरे का सहारा लिया. ड्रोन कैमरे की मदद से पुलिस ने दूसरे शव को आज सुबह खोज निकाला. पुलिस अब इस वारदात में शामिल अन्‍य लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही है. वहीं, जंगल से बरामद हुए दूसरे शव की पहचान संजय के रूप में हुई है.

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