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Farmer's Protest: किसान रैली को देखते हुए दिल्‍ली मेट्रो ने जारी की एडवाइजरी, जानें पूरी डिटेल्‍स

दिल्‍ली मेट्रो ने जारी की एडवाइजरी
दिल्‍ली मेट्रो ने जारी की एडवाइजरी

Farmer's Protest: दिल्‍ली मेट्रो (Delhi Metro) ने 26 और 27 नवंबर को दिल्‍ली में होने वाली किसान रैली (Kisan Rally) को लेकर एडवाइजरी जारी की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 25, 2020, 11:54 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में 26 और 27 नवंबर को उत्‍तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के किसान संगठनों के संभावित ‘दिल्ली चलो’ मार्च (Farmer Movement) के आह्वान के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है. इस बीच, दिल्‍ली की लाइफ लाइन मानी जाने वाले मेट्रो (Delhi Metro) ने भी एडवाइजरी जारी कर दी है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के मुताबिक, सुबह से दोपहर दो बजे तक दिल्‍ली मेट्रो की सभी लाइन पर कुछ चुनिंदा स्‍टेशनों के बीच सर्विस नहीं मिलेगी.

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के मुताबिक, रिठाला और दिलशाद गार्डन लाइन पर सुबह से दोपहर दो बजे तक दिलशाद गार्डन से मेजर मोहित शर्मा राजेंद्र नगर के बीच मेट्रो सुविधा नहीं मिलेगी. वहीं, येलो लाइन पर सुल्‍तानपुर से गुरु द्रोणाचार्य सेक्‍शन के बीच मेट्रो सुविधा नहीं मिलेगी. जबकि द्वारका से वैशाली और नोएडा सिटी सेंटर रूट पर आनंद विहार से वैशाली और न्‍यू अशोक नगर से नोएडा सिटी सेंटर तक मेट्रो सुविधा बंद रहेगी.

इसके अलावा कीर्ति नगर/इंदरलोक से टिकरी कलां सेक्‍शन पर सुबह से दोपहर दो बजे तक टिकरी कलां  से ब्रिग और हाशियार सिंह सेक्‍शन पर मेट्रो सुविधा बंद रहेगी. कश्‍मीरी गेट से बदरपुर बॉर्डर वाले मेट्रो रूट पर बदरपुर बॉर्डर से मेवला महाराजपुर तक सर्विस बंद रहेगी. हालांकि इस दौरान एयरपोर्ट और रेपिड मेट्रो सेक्‍शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. साथ ही दिल्‍ली मेट्रो का कहना है कि दोपहर दो बजे के बाद सभी लाइन पर मेट्रो सर्विस नियमित कर दी जाएगी.



दिल्‍ली पुलिस ने दी ये चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कहा कि उसने केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन के लिए विभिन्न किसान संगठनों से मिले सभी अनुरोधों को खारिज कर दिया है. पुलिस ने मंगलवार को कहा था कि कोविड-19 महामारी के बीच किसी प्रकार का जमावड़ा करने के लिए शहर आने पर प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत शहर को जोड़ने वाले पांच राजमार्गों के जरिए किसानों के 26 नवंबर को दिल्ली आने का कार्यकम है. इस बाबत पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) ने ट्वीट किया, '26 और 27 नवंबर को दिल्ली आने वाले किसान संगठनों के लिए सूचना. दिल्ली में 26 और 27 नवंबर को प्रदर्शन के लिए विभिन्न किसान संगठनों से मिले अनुरोधों को खारिज कर दिया गया है और इस बारे में आयोजकों को पहले ही अवगत करा दिया गया है. कृपया दिल्ली पुलिस के साथ सहयोग करें और कोरोना वायरस महामारी के बीच दिल्ली में जमावड़ा ना करें ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.’



इससे पहले दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी ईश सिंघल ने कहा, ‘विभिन्न किसान संगठनों ने 26 और 27 दिसंबर को दिल्ली में प्रदर्शन के लिए अनुमति देने का आग्रह किया था. हमने उन्हें पत्र के जरिए और विभिन्न माध्यम से बता दिया है कि डीडीएमए के हालिया दिशा-निर्देश के मद्देनजर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है. हालात ठीक होने पर वे अनुमति के लिए अनुरोध कर सकते हैं और अनुमति के बाद दिल्ली में प्रदर्शन कर सकते हैं. फिलहाल उनसे दिल्ली पुलिस से सहयोग करने और किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का आग्रह किया जाता है. इसके बावजूद अगर वे दिल्ली आएंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

दिल्ली सरकार ने नहीं दी है इजाजत
दिल्ली सरकार ने रामलीला मैदान और जंतर मंतर पर किसानों को रैली करने की परमिशन नहीं दी है. लेकिन किसान दिल्ली मार्च करने के लिए अड़े हैं. कहा जा रहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र को पत्र लिखकर कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कुछ दिनों के लिए बाजार बंद करने की अनुमति मांगी है. लेकिन किसान फिर भी मानने को तैयार नहीं है. उनका कहना है कि ये उनके लिए अस्तित्व की बात है.

500 से अधिक किसान संगठनों का समर्थन
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति, राष्ट्रीय किसान महासंघ और भारतीय किसान संघ के अलग-अलग धड़ों ने तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से साथ मिलकर संयुक्त किसान मोर्चा बनाया है. इस मोर्चे को 500 से अधिक किसान संगठनों का समर्थन हासिल है. मोर्चे के कामकाज में समन्वय बनाए रखने के लिए सात सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया है.
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