दिल्‍ली-एनसीआर में मेट्रो ट्रेन के रोजाना 5100 फेरे लेकिन सफर कर पाएंगे सिर्फ 10-15 फीसदी यात्री

दिल्‍ली मेट्रो में सिर्फ 10-15 फीसदी लोग ही सफर कर पाएंगे.

डीएमआरसी की ओर से बताया गया कि हाल ही के दिनों कोरोना के कारण लगी पाबंदियों और मेट्रो ट्रेनों में यात्रियों की संख्‍या सीमित करने की गाइडलाइंस के कारण मेट्रो स्‍टेशनों के अंदर यात्रियों की लंबी-लंबी लाइनें देखी गई हैं. वहीं निर्देशानुसार मेट्रो के अंदर यात्रियों को सिर्फ सीटों पर बैठकर ही यात्रा करने की अनुमति दी गई है और खड़े होकर भी यात्रा नहीं करनी है.

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    नई दिल्‍ली. कोरोना लॉकडाउन में मिली ढील के बाद से दिल्‍ली-एनसीआर में मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया गया है. हालांकि हाल ही में मेट्रो ट्रेन में भीड़ के अलावा फ्रीक्‍वेंसी को लेकर व्‍यापारी और नियमित यात्री डीएमआरसी से शिकायत कर रहे हैं. यात्रियों ने मांग की है कि पीक समय में ट्रेनों की संख्‍या बढ़ाई जाए लेकिन अब इस पर डीएमआरसी की ओर से जवाब दिया गया है.

    दिल्‍ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एक्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर कॉरपोरेट कम्‍यूनिकेशन अनुज दयाल की ओर से कहा गया है कि डीएमआरसी की ओर से सर्वाधिक संख्‍या में मेट्रो ट्रेनें चलाई जा रही हैं. आज भी ट्रेनें उसी गति और क्षमता से चल रही हैं जैसे कोरोना से पहले सामान्‍य समय में चल रही थीं. हालांकि कोरोना गाइडलाइंस के चलते ट्रेनों में यात्रियों की संख्‍या काफी कम हुई है.

    डीएमआरसी की ओर से बताया गया कि हाल ही के दिनों कोरोना के कारण लगी पाबंदियों और मेट्रो ट्रेनों में यात्रियों की संख्‍या सीमित करने की गाइडलाइंस के कारण मेट्रो स्‍टेशनों के अंदर यात्रियों की लंबी-लंबी लाइनें देखी गई हैं. वहीं निर्देशानुसार मेट्रो के अंदर यात्रियों को सिर्फ सीटों पर बैठकर ही यात्रा करने की अनुमति दी गई है और खड़े होकर भी यात्रा नहीं करनी है. ऐसे में यह भी एक कारण है कि लोगों को स्‍टेशनों के बाहर भी इंतजार करना पड़ रहा है.



    इतना ही नहीं मेट्रो स्‍टेशन में प्रवेश के लिए सिंगल एंट्री पॉइंट होने के कारण भी यात्रियों की भीड़ ज्‍यादा हो रही है. अगर यात्रियों को एक साथ मेट्रो स्‍टेशन में प्रवेश दे भी दिया जाए तो उन्‍हें अंदर संभालना मुश्किल हो जाएगा और गाइडलाइंस का पालन भी नहीं हो सकेगा जो कि जरूरी है. ऐसे में यहां यह बताना जरूरी है कि गाइडलाइंस के अनुसार दिल्‍ली मेट्रो की वर्तमान में यात्रियों को ले जाने की क्षमता अपनी कुल सामर्थ्‍य के मुकाबले 10 से 15 फीसदी है.

    डीएमआरसी की ओर से ट्रेनों के 5100 फेरे रोजाना लगवाए जा रहे हैं. वहीं अगर फ्रीक्‍वेंसी की बात करें तो यात्रियों को पीक समय में ढाई से पांच मिनट में लगभग सभी बड़े कॉरिडोर में ट्रेन मिल रही है. मेट्रो ट्रेनों की यही फ्रीक्‍वेंसी कोरोना से पहले सामान्‍य समय में भी थी. ऐसे में डीएमआरसी अपनी पूरी क्षमता के साथ मेट्रो ट्रेनें चला रही है लेकिन यात्रियों को ढोने की क्षमता कोरोना गाइडलाइंस के कारण घट गई है.

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