केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 'स्पेशल ऑपरेशन मेडल' की घोषणा, दिल्ली पुलिस का जलवा कायम

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के 15 कर्मियों का नाम मेडल पाने वालों की सूची में शामिल है
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के 15 कर्मियों का नाम मेडल पाने वालों की सूची में शामिल है

वर्ष 2020 के लिए चयनित नामों की घोषणा औपचारिक तौर पर शनिवार 31 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के द्वारा की गई. इस लिस्ट में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के अलावा गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल के कुल 39 जवानों/अधिकारियों के नाम शामिल है. लेकिन सबसे ज्यादा 15 पदक दिल्ली पुलिस के जवानों को प्राप्त हुआ है

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 31, 2020, 5:34 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल के 15 कर्मियों के नाम का चयन 'स्पेशल ऑपरेशन मेडल' (Special Operation Medal) के लिए किया गया है. इस विशेष पदक के लिए नामों का चयन केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry of India) के द्वारा किया जाता है. यह पदक उन पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को प्रदान किया जाता है जो विशेष ऑपरेशन को अंजाम देते हैं. वर्ष 2020 के लिए चयनित नामों की घोषणा औपचारिक तौर पर शनिवार 31 अक्टूबर को गृह मंत्रालय के द्वारा की गई. जो लिस्ट की घोषणा की गई है उसमें दिल्ली पुलिस के साथ-साथ गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल के कुल 39 जवानों/अधिकारियों के नाम शामिल है. लेकिन सबसे ज्यादा 15 पदक दिल्ली पुलिस के जवानों को प्राप्त हुआ है.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में कार्यरत जवानों का नाम इस प्रकार से है जिनका चयन विशेष ऑपरेशन के लिए इस वीरता पुरस्कार वाले पदक के लिए किया गया है..

1. ललित मोहन नेगी, ACP, स्पेशल सेल
2. सुनिल कुमार, इंस्पेक्टर, स्पेशल सेल
3. रविन्द्र जोशी, इंस्पेक्टर, स्पेशल सेल


4. पंकज कुमार चौहान, सब-इंस्पेक्टर, स्पेशल सेल
5. नीरज ठाकुर, जॉइंट कमिश्नर, स्पेशल सेल
6. मनीषी चंद्रा, DCP, स्पेशल सेल
7. हृदय भूषण, ACP, स्पेशल सेेेल
8. विनोद कुमार, इंस्पेक्टर, स्पेशल सेल
9. मनोज कुमार, सब-इंस्पेक्टर, स्पेशल सेल
10. ब्रिजपाल, स्पेशल सेल
11. सुंदर गौतम, सब-इंस्पेक्टर, स्पेशल सेल
12. यशपाल सिंह, सब-इंस्पेक्टर, स्पेशल सेल
13. अमित कुमार, सब-इंस्पेक्टर, स्पेशल सेल
14. अरविंद सिंह, सब-इंस्पेक्टर, स्पेशल सेल
15. शमशेर सिंह, सब-इंस्पेक्टर, स्पेशल सेल

क्या था स्पेशल सेल का 'स्पेशल ऑपरेशन'

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा दो ऐसे विशेष ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था जिसकी तारीफ गृह मंत्रालय द्वारा की गई थी. नौ जनवरी, 2020 को स्पेशल सेल में एसीपी पद पर कार्यरत ललित मोहन नेगी को आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) से जुड़े कुछ आतंकियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी कि कुछ आतंकी दिल्ली के वजीराबाद इलाके में छिपे हुए हैं, जो दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश में एक बड़े आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं. लिहाजा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने इसकी जानकारी डीसीपी प्रमोद कुशवाहा को दी. उसके बाद उन्होंने स्पेशल सेल के दो बेहद तेज-तर्रार इंस्पेक्टर सुनील कुमार, इंस्पेक्टर रविंदर जोशी और सब-इंस्पेक्टर पंकज कुमार चौहान के साथ इस पूरे विशेष ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल विशेष ऑपरेशन को पूरा करती है (फाइल फोटो)


इन आतंकियों को विदेश में बैठा उनका हैंडलर निर्देश दे रहा था और दिल्ली-यूपी में बड़े आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए प्रोत्साहित कर रहा था. इस ऑपरेशन के लिए एसीपी ललित मोहन नेगी की तारीफ केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी (IB) के वरिष्ठ अधिकारियों सहित दिल्ली पुलिस के कमिश्नर एस.एन श्रीवास्तव ने विशेष तौर पर की थी. ललित मोहन नेगी और उनके साथी हृदय भूषण नेगी की जोड़ी अब तक करीब एक दर्जन आतंकियों को गिरफ्तार कर चुकी है इसके साथ कई बड़े आतंकी गतिविधियों से जुडे मसले का पर्दाफाश कर के उस आतंकी साजिश को बेनकाब कर चुका है. इसलिए इन दोनों को दिल्ली पुलिस का सबसे बड़ा और 'असली सिंघम' भी कहा जाता है.

स्पेशल सेल का 'ऑपरेशन 18 जुलाई'
दूसरे ऑपरेशन की अगर बात करें तो वो ऑपरेशन स्पेशल सेल के द्वारा 18 जुलाई को अंजाम दिया गया था. राजधानी दिल्ली में ड्रग्स (हेरोइन) की अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी, स्पेशल सेल की टीम ने रिकार्ड रिकवरी करते हुए करीब 330 किलोग्राम हेरोइन को बरामद किया था, जिसकी अंतराष्ट्रीय स्तर पर अनुमानित कीमत करीब 1700 करोड़ रुपए आंकी गई थी. इस ऑपरेशन को स्पेशल सेल के जॉइंट कमिश्रर नीरज ठाकुर और डीसीपी मनीषी चंद्रा के नेतृत्व में एसीपी हृदय भूषण की टीम ने अंजाम दिया था. इस ऑपरेशन में इंस्पेक्टर विनोद कुमार बडोला, सब-इंस्पेक्टर मनोज, सुंदर गौतम, यशपाल सिंह, अमित, अरविंद, शमशेर सिंह, ब्रिजपाल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण थी. इंस्पेक्टर विनोद कुमार बडोला की अगर बात करें तो दिल्ली पुलिस का सबसे यंग इंस्पेक्टर बना था, जो सिपाही पद पर नियुक्त होने के बाद कई बार अपने साहसिक कार्यों की वजह से कई बार पुरस्कृत हो चुका है.

इस ऑपरेशन की विशेषता यह थी कि हेरोइन की तस्करी के कई राज्यों में फैले नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए इस ऑपरेशन में 330 किलो हेरोइन की रिकवरी दिल्ली, मुंबई स्थित पोर्ट और हरियाणा से की गई थी. इस मामले में तफ्तीश के बाद कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. इस ऑपरेशन की भी गृह मंत्रालय ने काफी तारीफ की थी. दिल्ली पुलिस के कमिश्नर एस.एन श्रीवास्तव ने भी इस ऑपरेशन का नेतृत्व करने वाली डीसीपी मनीषी चंद्रा, एसीपी हृदय भूषण और इंस्पेक्टर विनोद कुमार बडोला की जमकर तारीफ की थी.
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