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Delhi Government: चार साल से लंबित पेंशन मामलों पर मंत्री ने जताई हैरानी, इन अफसरों के खिलाफ होगी कार्रवाई

दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने सालों से लंब‍ित पेंशन के मामलों पर नाराजगी जताई है. 

दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने सालों से लंब‍ित पेंशन के मामलों पर नाराजगी जताई है. 

Delhi Government: वर्ष 2017 तक के पेंशन से जुड़े मामले विभाग में अटके पड़े हैं. इस तरह के सामने आये मामलों पर मंत्री ने सख्ती दिखाते हुए जिला अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वह हर सप्ताह सभी मामलों से संबंधित रिपोर्ट सौंपेंगे. साथ ही चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी.

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    नई दिल्ली. दिल्ली सरकार (Delhi Government) का समाज कल्याण विभाग पेंशन (Pension) से जुड़े मामलों को लेकर कितना संजीदा है, इसको लेकर स्वयं दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Pal Gautam) ने हैरानी जताई है. मंत्री गौतम ने समाज कल्याण  (Social Welfare) और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिलाधिकारियों (District Officer) और अन्य अफसरों के साथ अहम बैठक कर इस मामले पर नाराजगी जताई है.

    मंत्री गौतम को जानकारी मिली है कि वर्ष 2017 तक के पेंशन से जुड़े मामले विभाग में अटके पड़े हैं. इस तरह के सामने आये मामलों पर अब मंत्री ने सख्ती दिखाते हुए जिला अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वह हर सप्ताह सभी मामलों से संबंधित रिपोर्ट सौंपेंगे. साथ ही चेतावनी दी है कि इस तरह के मामलों को किसी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी.

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    बैठक में मंत्री गौतम ने सभी जिला अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में लंबित पेंशन के मामलों को समयबद्ध तरीके से हल करने के निर्देश दिए. गौतम ने कहा कि कुछ दिन पहले, मैंने दिल्ली में विभिन्न जिला कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया था. हैरानी की बात यह है कि मुझे 2017 से लंबित पेंशन के मामले मिले.

    इस रिपोर्ट में, अधिकारी को यह निर्दिष्ट करना होगा कि कितने आवेदन प्राप्त हुए, कितनी क्वेरी आई और कितने मामलों का समाधान निकाला गया. यह रिपोर्ट प्रत्येक शुक्रवार शाम को नियमित रूप से प्रस्तुत की जानी चाहिए. विभाग के अधिकारियों द्वारा इस रिपोर्ट की जांच की जाएगी.

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    खराब प्रदर्शन वाले अधिकारियों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
    उन्होंने यह भी कहा कि अस्पष्टीकृत व खराब प्रदर्शन के मामले में जिला अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. कैबिनेट मंत्री ने जिला अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी मामलों का समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाए. अस्वीकृति का कारण नियत प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही बताया जाए.

    आवेदक के दस्तावेज अधूरे होने पर हिंदी में SMS भेजेंगे अधिकारी
    यदि आवेदक के दस्तावेज अधूरे हैं, तो पहले जिला कार्यालय आवेदक को हिंदी में एसएमएस भेजेंगे, जिसमें उनको दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे या 7 दिनों के भीतर विंडो पर जमा करना होगा. यदि आवेदक ऐसा करने में विफल रहता है, तो 7 दिनों के भीतर दस्तावेज जमा करने के संबंध में जिला कार्यालय व्यक्तिगत रूप से कॉल के माध्यम से आवेदक से संपर्क करेगा.

    संपर्क नहीं होने वाले आवेदकों को पत्र लिखेंगे जिला अधिकारी
    यदि आवेदक पहुंच से बाहर है या फोन नहीं उठाता है, तो जिला अधिकारी आवेदक को पत्र लिखकर 15 दिन के भीतर दस्तावेज जमा करने का आदेश देगा. यदि इसके बाद भी आवेदक की ओर से कोई उत्तर प्राप्त नहीं होता है, तो कोई प्रतिक्रिया न मिलने के आधार पर आवेदन को अस्वीकृत माना जाना चाहिए.

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    दस्तावेजों की सिस्टम में एंट्री नहीं करता जिला कार्यालय
    उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का पूरी तरफ से पालन किया जाना चाहिए. यदि आवेदक विंडो पर दस्तावेज जमा करता है, तो जिला अधिकारी को तुरंत उसको सिस्टम में दर्ज करना होगा. उन्होंने कहा कि जब मैंने जिला कार्यालयों का दौरा किया तो मैंने देखा कि ढेरों दस्तावेजों की सिस्टम में एंट्री नहीं हुई है. यह अस्वीकार्य है और इसे आगे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर हम तुरंत लंबित मामलों का निपटारा नहीं करते हैं तो लंबित मामलों का ढेर लगा रहेगा. कैबिनेट मंत्री ने यह आदेश अप्रैल के महीने से सभी जिला कार्यालयों का औचक निरीक्षण के बाद जारी किया है.

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हमारा विभाग सबसे महत्वपूर्ण है. हम सीधे नागरिकों के कल्याण को देख रहे हैं. हमें उन्हें लाइनों में खड़ा नहीं करना चाहिए और दिन-प्रतिदिन इन प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त नहीं रखना चाहिए. वित्तीय सहायता चाहे वह वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन या दिल्ली परिवार लाभ योजना हो, सभी लाभार्थियों को मिलनी चाहिए. यह प्रक्रिया परेशानी मुक्त होनी चाहिए.

    कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने सभी जिला अधिकारियों को इस सप्ताह से अपनी प्रदर्शन रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है.

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