अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने अपनी फेसबुक पोस्ट पर दी सफाई, कहा- मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया

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जफरुल इस्लाम खान (Zafarul Islam Khan) ने कहा है कि मैं ये साफ कर देना चाहता हूं कि मैं आम आदमी पार्टी का सदस्य नहीं हूं. अल्पसंख्यक आयोग का आम आदमी पार्टी या इनकी सरकार से कोई लेना देना नहीं है. मेरे कल के बयान को कुछ मीडिया ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया है, इसके खिलाफ लीगल एक्शन लूंगा.

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  • Last Updated: April 29, 2020, 9:13 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग (Delhi Minorities Commission) के चैयरमेन जफरुल इस्लाम खान (Zafarul Islam Khan) ने मंगलवार को किए अपने ट्वीट पर बयान जारी किया है. जफरुल इस्लाम खान ने कहा कल का बयान भारत में मुस्लिमों के हालात पर था. किसी देश से मैंने अपने देश के खिलाफ कोई शिकायत न की है, ना भविष्य में करूंगा. अरबी मीडिया में हमेशा अपने देश के पक्ष में लिखा है. इस्लाम ने कहा है कि मैं ये साफ कर देना चाहता हूं कि मैं आम आदमी पार्टी (AAP) का सदस्य नहीं हूं. अल्पसंख्यक आयोग का आम आदमी पार्टी या इनकी सरकार से कोई लेना-देना नहीं है. अल्पसंख्यक आयोग दिल्ली माइनॉरिटी कमीशन एक्ट 1999 के तहत स्वतंत्र है. मेरे मंगलवार के बयान को कुछ मीडिया ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया है, इसके खिलाफ मैं लीगल एक्शन लूंगा.

अपनी फेसबुक पोस्ट की वजह से चर्चा में जफरुल इस्लाम खान 
दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान अपनी फेसबुक पोस्ट की वजह से चर्चा में हैं. उनकी पोस्ट को भड़काऊ माना जा रहा है. भारत समेत पूरी दुनिया जब कोरोना वायरस (COVID-19) से लड़ रही है, तब दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने एक फेसबुक पोस्ट की है, जिस पर विवाद हो गया है. उन्होंने इस पोस्ट में लिखा कि जिस दिन भारत के मुसलमानों ने अरब और मुस्लिम देशों से अपने खिलाफ होने वाले जुल्म की शिकायत कर दी, उस दिन तूफान आ जाएगा. उनके इस पोस्ट का विरोध हो रहा है. हालांकि वो अब सफाई दे रहे हैं कि उन्होंने ऐसा नहीं लिखा है.

अरब मुल्कों से शिकायत की बात कही थी
जफरुल इस्लाम ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है, 'भारतीय मुसलमानों ने सदियों से पूरी सद्भावना से इस्लाम की सेवा की है. उनकी गिनती इस्लाम के उत्कृष्ट विद्वानों में होती है, जिन्होंने विश्व विरासत में अपना सांस्कृतिक योगदान दिया है. शाह वलीउल्लाह देहलवी, इकबाल, अबुल हसन नदवी, वाहिदुद्दीन खान, जाकिर नाइक का नाम अरब और मुस्लिम देशों के हर घर में बड़े सम्मान से लिया जाता है.'



जफरुल इस्लाम आगे लिखते हैं, ‘अरे कट्टरपंथियों, यह जान लो कि भारतीय मुसलमानों ने अब तक अरब और मुस्लिम जगत से आपके हेट कैंपेन, लिन्चिंग और दंगों की शिकायत नहीं की है. जिस दिन उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया जाएगा, उस दिन कट्टरपंथियों को तूफान का सामना करना पड़ेगा.’

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