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    दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल! एयर क्वालिटी बेहद खराब श्रेणी में पहुंची, ये हैं 13 हॉटस्‍पॉट

    दिल्ली-एनसीआर में हवा की क्वालिटी खराब श्रेणी में पहुंच गई है.
    दिल्ली-एनसीआर में हवा की क्वालिटी खराब श्रेणी में पहुंच गई है.

    दिल्ली-एनसीआर ( Delhi-NCR) में वायु की गुणवत्ता (Air quality) लगातार खराब होती जा रही है. जबकि एक हफ्ते में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) मॉडरेट से खराब श्रेणी में पहुंच गया है.

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    नई दिल्‍ली. दिल्ली-एनसीआर ( Delhi-NCR) में हवा की क्वालिटी (Air Quality) लगातार खराब होती जा रही है. जबकि पिछले एक हफ्ते की अगर बात की जाए तो दिल्ली की वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब की श्रेणी में आ गई है. इतना ही नहीं दिल्ली से सटे नोएडा में भी हवा मध्यम से बेहद खराब स्थिति में आ गई है. आपको बता दें कि पिछले मंगलवार को दिल्ली की एयर क्वालिटी 157 यानी मॉडरेट थी और मंगलवार को एयर क्वालिटी 239 यानी की खराब श्रेणी में है.

    आसपास के राज्यों में जल रही है पराली
    दिल्ली से सटे हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में पहले की तरह ही पराली जलाने का काम शुरू हो गया है, जिसकी वजह से ही दिल्ली की हवा की क्वालिटी में गिरावट देखी जा रही है. इन तीनों राज्यों के किसानों का कहना है कि कोई और समाधान न होने के चलते ही ये लोग पराली जलाने के लिए मजबूर हैं.

    निगम चौकस
    दिल्ली के तीनों निगमों का दावा है कि वो प्रदूषण से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. दिल्ली के दक्षिणी नगर निगम ने तो इस बार 10 एंटी स्मॉग गनों का इस्तेमाल करने का फैसला भी लिया है जिससे की 10 लोकेशन में प्रदूषण से राहत मिलेगी. इसके अलावा वॉटर स्प्रिंकलरों से पानी का छिड़काव. कूड़ा न जलाया जाए इसके लिए नाइट पेट्रोलिंग और कूड़ा जलाने वालों के चालान आदि की तैयारियां कर रखी हैं.



    दिल्ली सरकार भी सख़्त
    दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की एजेंसियों समेत सभी लोगों को निर्माण स्थलों पर सरकार द्वारा जारी धूल प्रदूषण विरोधी पांच प्रमुख निर्देशों का पालन करना होगा. सभी निर्माण स्थलों को टीन शेड, नेट और हरी चादरों से ढकना होगा, पानी का नियमित छिड़काव करना होगा और निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रकों को भी ढकना होगा. इसके अलावा आज से हमने दिल्ली के 13 हॉटस्पॉट की माइक्रो मॉनिटरिंग भी शुरू कर दी है. एमसीडी के 9 डिप्टी कमिश्नरों को 13 हॉटस्पॉट का नोडल अधिकारी बनाया गया है और उन्हें 14 अक्टूबर तक विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एक्शन प्लान बनाया जा सके. वहीं, ग्रीन ऐप को लांच करने से पहले सेंट्रल वॉर रूम और सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए ट्रेनिंग का कार्य किया जा रहा है. इसके अलावा दिल्ली सरकार ने कड़े जुर्मानों का प्रावधान भी रखा है इसमें अब तक 50 लाख रुपये का जुर्माना भी हो चुका है.

    धूल नियंत्रण के प्रमुख दिशा-निर्देश
    1-निर्माण/ध्वस्तीकरण के समय उसकी ऊंचाई से तीन गुना (अधिकतम 10 मीटर) ऊपर तक टीन का कवर लगाना होगा.
    2- निर्माण एवं ध्वस्त स्थल पर ग्रीन नेट/तिरपाल लगाना होगा.
    3- निर्माण/ध्वस्त स्थल पर पानी के छिड़काव की उचित व्यवस्था एवं धूल को दबाने के लिए पानी का लगातार छिड़काव. 20 हजार वर्गमीटर से ऊपर वाली जगह के लिए एंटी स्मॉग गन लगाना जरूरी है.
    4- निर्माण/ध्वस्त स्थल पर अपशिष्ट पदार्थ पूरी तरह से ढके होने चाहिए.
    5- कोई भी गाड़ी, जो निर्माण स्थल या ध्वस्तीकरण स्थल पर आ जा रही है, वह पूरी तरह से धुली होनी चाहिए और उस पर स्थित सामग्री ढकी होनी चाहिए.

    दिल्ली में प्रदूषण के कुल 13 हॉटस्पाट हैं
    1. मुंडका
    2. बवाना
    3. नरेला
    4. रोहिणी
    5. वजीर पुर
    6. जहांगीरपुरी
    7. पंजाबी बाग
    8. अशोक विहार
    9. द्वारका
    10. आनंद विहार
    11. विवेक विहार
    12. ओखला
    13. आर.के.पुरम
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