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Delhi Air Pollution: इन राज्‍यों के पास नहीं प्रदूषण से न‍िपटने का कोई प्‍लान, आयोग ने कहा-जल्‍द करो तैयार

Delhi Air Pollution: इन राज्‍यों के पास नहीं प्रदूषण से न‍िपटने का कोई प्‍लान, आयोग ने कहा-जल्‍द करो तैयार

वायु गुणवत्ता प्रबंधक आयोग ने द‍िल्‍ली के पड़ोसी चार राज्‍यों से वायु प्रदूषण की समस्‍या से न‍िपटने को योजना मांगी है. (सांकेतिक फोटो)

वायु गुणवत्ता प्रबंधक आयोग ने द‍िल्‍ली के पड़ोसी चार राज्‍यों से वायु प्रदूषण की समस्‍या से न‍िपटने को योजना मांगी है. (सांकेतिक फोटो)

Delhi Air Pollution: वायु गुणवत्ता प्रबंधक आयोग ने द‍िल्‍ली के पड़ोसी चार राज्‍यों से वायु प्रदूषण की समस्‍या से न‍िपटने को योजना मांगी है. लेक‍िन इन राज्‍यों ने आयोग को प्रदूषण से न‍िपटने की तैयार‍ियों संबंधी क‍िसी प्रकार का कोई प्‍लान नहीं सौंपा है. राज्‍यों को जल्‍द से जल्‍द प्‍लान तैयार कर आयोग के सामने प्रस्‍तुत करने के न‍िर्देश द‍िये हैं. आम आदमी पार्टी ने कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पड़ोसी राज्यों के प्लान को खारिज कर दिया है.

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  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. द‍िल्‍ली में वायु प्रदूषण (Air Pollution) की समस्‍या से न‍िपटने की द‍िल्‍ली सरकार (Delhi Government) हरसंभव कोश‍िश में जुटी हुई है. लेक‍िन पड़ोसी राज्‍य इससे न‍िपटने का ना तो कोई खास प्रयास कर रहे हैं और ना ही उनके पास इसको लेकर कोई फुलप्रूफ योजना है.

    वायु गुणवत्ता प्रबंधक आयोग (Commission For Air Quality Management) ने भी द‍िल्‍ली के पड़ोसी चार राज्‍यों से इसको लेकर योजना मांगी है. लेक‍िन इन राज्‍यों की ओर से आयोग को प्रदूषण (Pollution) से न‍िपटने की तैयार‍ियों संबंधी क‍िसी प्रकार को कोई प्‍लान नहीं सौंपा है. इस पर आयोग ने कड़ी नाराजगी भी जताई है. साथ ही सख्‍त न‍िर्देश द‍िये गये हैं क‍ि इसको लेकर जल्‍द से जल्‍द प्‍लान तैयार कर आयोग के सामने प्रस्‍तुत क‍िया जाए क‍ि आख‍िर पराली को जलने से कैसे रोकेंगे.

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    एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) की ओर से जताई गई नाराजगी और चारों राज्‍य सरकारों की उदासीनता पर आम आदमी पार्टी ने भी प्रत‍िक्र‍िया जाह‍िर की है. आप के मुख्‍य प्रवक्‍ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पड़ोसी राज्यों के प्लान को खारिज कर दिया है.

    आयोग ने कहा है कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर (Third Wave of Corona) के समय अगर पराली से प्रदूषण हुआ तो बहुत विनाशक होगा. दिल्ली के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की सभी तैयारियां सिर्फ कागज पर हैं. पड़ोसी राज्यों की लापरवाही से दिल्लीवालों की सेहत का बड़ा नुकसान हो सकता है.

    पंजाब के अंदर बनाये बायोमास प्लांट, लेकिन अभी तक चालू नहीं
    आयोग ने कहा है कि पंजाब (Punjab) के अंदर बायोमास प्लांट बनाए गए हैं. लेकिन वह भी अभी चालू नहीं किए गए हैं. क्रॉप रेजिड्यू मशीन के जिला वाइज आंकलन, खरीद और वितरण की कोई योजना राज्य सरकारों (State Governments) ने नहीं बनाई है. हर गांव और क्षेत्र के स्तर पर नोडल अधिकारी बनाने थे. लेकिन वह अधिकारी अभी तक नियुक्त नहीं किए गए हैं. इस वजह से एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने चारों राज्यों को लताड़ा है. चारों राज्यों की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है. राज्यों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द पूरा प्लान लेकर आयोग के सामने आएं कि आप कैसे पराली जलने से रोकेंगे.

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    धान की फसल कटने के बाद पराली के कारण बढ़ता है प्रदूषण
    भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली और उत्तर भारत (North India) में मॉनसून (Monsoon) अब जैसे-जैसे खत्म होगा तब उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के किसान अगली फसल की तैयारी करेंगे. किसान धान की फसल को काटकर, गेहूं की फसल को बोने की तैयारी करेंगे. उसी वक्त पराली के कारण प्रदूषण बढ़ता है और पूरे उत्तर भारत के अंदर दिखाई देगा. एजेंसी सफर के मुताबिक करीब 45 फीसदी प्रदूषण दिल्ली में सीधे पड़ोसी राज्यों की पराली जलने से होगा.

    केंद्र सरकार ने बनाया है वायु गुणवत्ता प्रबंधक आयोग
    उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जब इस पर कुछ नहीं कर पायी तो सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सेवानिवृत जज के अधीन कमेटी बनाई. केंद्र सरकार ने उस कमेटी को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में कहा कि हम एक कमीशन बना रहे हैं. उस कमीशन को ताकत दी जाएगी कि वह पूरे उत्तर भारत के अंदर प्रदूषण और खास तौर पर पराली से होने वाले प्रदूषण के ऊपर काम करेगा.

    वायु गुणवत्ता प्रबंधक आयोग ने कुछ दिन पहले दिल्ली के चार पड़ोसी राज्यों से पराली से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए क्या-क्या तैयारियां की हैं, इसको लेकर रिपोर्ट मांगी. लेकिन बहुत दु:ख की बात है कि उसका कोई प्लान आयोग को नहीं दिया गया.

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    चार में से दो पड़ोसी राज्‍य भाजपा, तो दो कांग्रेस शास‍ित हैं
    उन्होंने कहा कि इन चारों राज्यों में से दो उत्तर प्रदेश और हरियाणा भाजपा के अधीन हैं, जबकि पंजाब और राजस्थान कांग्रेस के अधीन हैं. इन चारों राज्यों ने पराली से प्रदूषण को रोकने को लेकर कोई काम नहीं किया. पराली से प्रदूषण को रोकने के कई उपाय इस वक्त देश में उपलब्ध हैं.

    सबसे पहला बायो डी कंपोजर जो कि दिल्ली सरकार ने पिछले साल बनाया. कई लोगों को दिखाया कि कैसे बायो डी कंपोजर से पराली को गलाकर खेत के अंदर खाद बना सकते हैं. इसके अलावा मशीनों से पराली को निकाला जा सकता है और प्रोसेस करके इस्तेमाल किया जा सकता है. इस तरह की काफी मशीनें बाजार में उपलब्ध हैं.

    केंद्र व आयोग के न‍िर्देश के बाद इनके पास नहीं कोई योजना
    केंद्र सरकार और आयोग ने इन राज्यों को कहा था कि आप इन मशीनों को किसानों तक पहुंचाने, सब्सिडी देने और वितरित करने का प्लान दें. आयोग का अवलोकन है कि राज्यों ने कोई प्लान नहीं दिया है. सिर्फ कागजी कार्रवाई की है कि पराली से हम इथरनोल बनाएंगे, औद्योगिक इस्तेमाल और कृषि के अंदर इस्तेमाल करेंगे.

    लेकिन कैसे इस्तेमाल करेंगे, इसके बारे में कुछ नहीं बताया है. पूरी मशीनरी किस तरीके से किसानों तक पहुंचेगी, किसानों को सब्सिडी कैसे मिलेगी, इसका कोई ब्यौरा इन राज्यों ने नहीं दिया है. बायो डी कंपोजर कैसे बड़े स्तर पर बनाया जाएगा और किसानों को कैसे वितरित किया जाएगा, इसका कोई प्लान इन राज्यों के पास में नहीं है.

    Tags: Air pollution, Delhi air pollution, Delhi Government, Delhi-NCR News, Delhi-NCR Pollution

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