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सरकार के साथ पांचवें दौर की बातचीत के दौरान भी किसानों ने खाया अपने साथ लाया खाना

दिल्ली के विज्ञान भवन में पंगत में बैठकर भोजन करते हुए किसानों के प्रतिनिधि (फोटो साभार: ANI)
दिल्ली के विज्ञान भवन में पंगत में बैठकर भोजन करते हुए किसानों के प्रतिनिधि (फोटो साभार: ANI)

पांचवें दौर की बातचीन के दौरान किसानों ने भोजन किया जिसे वो अपने साथ लेकर आए थे. किसानों के लिए उनका यह भोजन एक कार सेवा गाड़ी लेकर आई थी. किसानों ने वहां एक हॉल में पंगत (लाइन) लगाकर भोजन लिया और एक साथ बैठकर भोजन किया

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 5, 2020, 5:23 PM IST
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नई दिल्ली. नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के खिलाफ किसान देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में पिछले लगभग दस दिनों से डटे हुए हैं. किसानों के जारी प्रदर्शन (Farmers Agitation) को देखते हुए हरकत में आई केंद्र सरकार उनसे बातचीत कर इस मुद्दे का हल निकालने के प्रयास में जुटी है. इसी कड़ी में शनिवार को तीन केंद्रीय मंत्रियों ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ पांचवें दौर की बैठक (Government-Farmers Meeting) कर सहमति बनाने का प्रयास किया.

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल, वाणिज्य और खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रहे हैं. पांचवें दौर की बातचीन के दौरान किसानों ने लंच ब्रेक के दौरान भोजन किया जिसे वो अपने साथ लेकर आए थे. किसानों के लिए उनका यह भोजन कुछ समय पहले एक कार सेवा गाड़ी लेकर आई थी.

किसानों ने वहां एक हॉल में पंगत (लाइन) लगाकर भोजन लिया और एक साथ बैठकर भोजन किया.





किसानों के साथ बैठक से पहले शनिवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अहम बैठक बुलाई थी. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल भी मौजूद थे.

चौथे दौर की बातचीत के दौरान भी किसानों ने अपना लाया भोजन किया था

इससे पहले, गुरुवार को चौथे दौर की बातचीत के दौरान सरकार की ओर से किसानों को भोजन और चाय-पानी की पेशकश की गई थी लेकिन किसान प्रतिनिधियों ने उसे ठुकरा दिया था. किसानों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच चौथे दौर की बातचीत लगभग आठ घंटे तक चली थी.

बता दें कि किसानों ने नए कृषि कानूनों के विरोध में आठ दिसंबर को ‘भारत बंद’ की घोषणा की है, और चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती तो आंदोलन तेज किया जाएगा और दिल्ली आने वाले मार्गों को रोक दिया जाएगा. (भाषा से इनपुट)
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