Home /News /delhi-ncr /

Delhi News: जामताड़ा साइबर क्राइम गैंग चलाता था 20 साल का अल्‍ताफ, ऐसे करता था लोगों का शिकार

Delhi News: जामताड़ा साइबर क्राइम गैंग चलाता था 20 साल का अल्‍ताफ, ऐसे करता था लोगों का शिकार

दिल्ली पुलिस की साइपैड यूनिट ने ऑपरेशन साइबर प्रहार पार्ट-2 के जरिये जामताड़ा गैग के 14 आरोपियों को गिरफ्तार क‍िया

दिल्ली पुलिस की साइपैड यूनिट ने ऑपरेशन साइबर प्रहार पार्ट-2 के जरिये जामताड़ा गैग के 14 आरोपियों को गिरफ्तार क‍िया

Jamtara Cyber Crime Gang Arrest: दिल्ली पुलिस की साइपैड यूनिट ने ऑपरेशन साइबर प्रहार पार्ट-2 के जरिये जामताड़ा गैग के 14 आरोपियों को किया गिरफ्तार करके काफी समय से चले आ रहे ठगी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस गैंग का सरगना अल्ताफ अंसारी 20 साल का है.

अधिक पढ़ें ...
  • News18Hindi
  • Last Updated :

दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन साइबर प्रहार पार्ट-2 ने जामताड़ा से ऑनलाइन ठगी के मामले में 14 जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने दिल्ली पुलिस को तकरीबन 100 किलोमीटर तक छकाया. इनमें से गैंग का मास्टरमाइंड मात्र 20 साल का युवक है जो 3 साल से इस ठगी के गैंग को ऑपरेट कर रहा था. इसी साइबर चीटिंग के जरिए आरोपी अकूत सम्पति का मालिक बन बैठा.

दिल्ली पुलिस की साइपैड यूनिट ने ऑपरेशन साइबर प्रहार पार्ट-2 के जरिये जामताड़ा गैग के 14 आरोपियों को गिरफ्तार करके काफी समय से चले आ रहे ठगी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस गैंग का सरगना अल्ताफ अंसारी 20 साल का है. गैंग के लोग इसे रॉकस्टार के नाम से जानते है, जबकि गैंग दूसरा सबसे महत्वपूर्ण सदस्य गुलाम अंसारी है जिसे मास्टर जी के नाम से जाना जाता है. अल्ताफ ने अपने टीम में अलग अलग टीम बना रखी थी. टीम के दो से तीन सदस्य कॉलर के रूप में काम करते थे. उनका काम सिर्फ कॉल करना होता था.

गैंग के सरगना अल्‍ताफ अंसारी ने बनाई आल‍िशान कोठी
डीसीपी अनयेश रॉय ने बताया क‍ि दूसरी टीम का काम डेटा मुहैया कराना होता था, तो तीसरी टीम का काम बैंक के कामकाज को देखना होता था. वहीं गुलाम अंसारी फेक वेबसाइट बनाता था. फिर उस वेबसाइट को बढ़ावा देने का काम होता था. इसके लिए उसे 40 से 50 हज़ार रुपये दिए जाते थे. चीटिंग की कमाई से अल्ताफ अंसारी ने आलिशान कोठी बनाई थी. दो से तीन लग्‍जरी कारें भी खरीद रखी हैं. जब दिल्ली पुलिस अल्ताफ अंसारी को पकड़ने के लिए पहुंची तो वो भागने लगा अपनी स्कार्पियो गाड़ी से दिल्ली पुलिस की टीम ने 100 क‍िलोमीटर पीछा कर आरोपी को गिरफ्तार किया.

फ्रॉर्ड का तरीका बदला
पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी 8 से 10 तक ही पढ़े लिखे हैं, लेकिन इतना टेक्नोसेवी है कि पढ़े लिखे इनके सामने फेल है. पुलिस के मुताबिक, ये गैंग यूपीआई पेमेंट के जरिए फ्रॉड करते हैं, जिसमें लोगों को केवाईसी या सिम ब्लॉक करने के नाम पर धोखाधड़ी करते थे, लेकिन अब टेक्निक बदल गई है. अब साइट बनाकर बल्क एसएमएस भेजते हैं, जिसमें बैंक तरह फर्जी वेबसाइट बना लेते थे और जैसे ही कोई शख्स गूगल पर बैंक से जुड़ी कोई भी जानकारी सर्च करता था. तब फेक वेबसाइट पर चला जाता था और वहां के नम्बर पर फ़ोन करने पर आपकी बैंक से जुड़ी अहम जानकारियां आरोपी तक पहुंच जाती थी. साथ ही 9 राज्यों के 36 मामलों का खुलासा हुआ है. पिछले कुछ महीनों में 1.2 करोड़ अमाउंट की धोखाधड़ी की है. ये गैंग हर रोजन 400 से 500 फोन नम्बर पर कॉल करते थे, जिसमें 4 से 5 लोग फंस जाते थे.

ये गैंग 400 से ज्‍यादा फोन का करता था इस्‍तेमाल
अब इस गैंग ने छोटे-छोटे मॉड्यूल में काम करना शुरू कर दिया था, जिसमें 4-4 ग्रुप बना कर अलग-अलग राज्यों में भेज दिए जाते थे. इसके साथ ही गाज़ियाबाद या नोएडा से भी ऑपरेट कर रहे हैं. एक ग्रुप लोनी से पकड़ा गया, जहां पर ये ज्यादा आबादी वाले लोगों को फंसाते थे. पुलिस पूछताछ में गैंग के सरगना ने बताया कि ये लोग 400 से ज्यादा फोन इस्तेमाल करते थे. दिल्ली से सटे मेवात इलाके में भी ये सक्रिय हैं. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 5 हज़ार का लाभ दिया जाता है. इन्होंने आंगनवाड़ी वर्कर को कॉल करके सभी की लिस्ट लेकर उन्हें जाल में फंसा कर धोखाधड़ी की और हर रोज चीटिंग के जरिए डेढ़ से 2 लाख की जालसाजी से कमाई कर लेते थे. सैकड़ों की तादाद में फर्जी वेवसाइट बनाई रखी थीं. अब पुलिस को इनके उन साथियो की तलाश जो अब भी दूसरे राज्यों में काम कर रहे है. एक आंकड़े के मुताबिक, इनकी ग‍िरफ्तारी के बाद से अब तक 29 प्रतिशत सायबर फ्रॉड में कमी आई है.

Tags: Crime News, Cyber Crime, Cyber Crime News, Delhi news, Jamtara Cyber Crime, Online fraud

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर