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बेटियों की शादी की उम्र को लेकर बरगला रहे हैं ओवैसी: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग दिल्ली के हरियाणा भवन में हुई.

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग दिल्ली के हरियाणा भवन में हुई.

Delhi News: योगी और मोदी सरकार की तारीफ करते हुए मंच की महिला नेताओं ने एक सुर में दावा किया कि यह सरकार हर उस बीमारी क ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग दिल्ली के हरियाणा भवन में हुई. इस मीटिंग में मुस्लिम समाज की महिलाओं की चुनौतियां, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान जैसे विषयों पर चर्चा हुई. ये मीटिंग संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार की अध्यक्षता में हुई.

मंच की राष्ट्रीय संयोजक शालिनी अली ने 21 साल की उम्र में लड़कियों की शादी के कानून का विरोध करने पर ओवेसी और दूसरे मौलानाओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये समाज को बरगला रहे हैं. इन्होंने कुरान शरीफ को सही से समझा नहीं है. ये बिना पढ़े लिखे ठेकेदार हैं, जो अपने आपको पढ़ा लिखा बोलते हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.

वहीं, इसी मुद्दे पर दूसरी राष्ट्रीय संयोजक शहनाज ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल बोर्ड को शर्म आनी चाहिए कि वो समाज की लड़कियों की बेहतरी वाले कानून का विरोध कर रहे हैं, जबकि बच्चियों की शादी के लिए ग्रेजुएशन भी अनिवार्य कर देना चाहिए. बोर्ड ने महिलाओं पर सबसे ज्‍यादा अत्याचार किये हैं. मौलवियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग हर उस चीज का विरोध करते हैं जो समाज की महिलाओं की बेहतरी के लिए, उनके सम्मान के लिए है. शहनाज ने मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि ट्रिपल तलाक को ख़त्म करके महिलाओं को गुलामी से बचाने का काम किया है. इसके साथ ही मोदी सरकार से मांंग करते हुए कहा कि जिन महिलाओं का तलाक हो चुका है या जिनके शौहर भाग जाते हैं, उन महिलाओं के भरण पोषण के लिए पेंशन की व्यवस्था हो.

महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी रेशमा हुसैन ने जिनको लगता है कि 21 की उम्र में शादी करने से लड़कियां आवारा हो जायेंगी, उनकी सोच गंदी है. ऐसी सोच के कारण ही समाज की दुर्दशा हुई है. मुल्लाओं के दोहरापन पर कटाक्ष करके हुए हुसैन ने कहा कि ये अपने बच्चों को बाहर पढ़ाते हैं लेकिन दूसरों के बच्चों के पढ़ने पर विरोध करते हैं. रेशमा हुसैन ने ऐसे मौलवियों, नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी खुद की निगाहें गंदी हैं, इसलिए ऐसे बयान दे रहे हैं. बेटियों की शादी की उम्र 21 की जगह 25 साल कर देनी चाहिए.

योगी और मोदी सरकार की तारीफ करते हुए मंच की महिला नेताओं ने एक सुर में दावा किया कि मोदी और योगी सरकार हर उस बीमारी का इलाज ढूंंढ रहे हैं, जो समाज में थी, इसलिए पिछली बार जहां चुपचाप मुस्लिम महिलाओं ने बीजेपी को वोट दिया था, वहीं इस बार खुल कर और बड़ी संख्या में बीजेपी के लिए वोट करेंगी.

Tags: Delhi, Marriage Law, Marriage news

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