लाल किले पर कब्जा कर प्रदर्शन स्थल बनाने की थी साजिश, दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में कई बड़े खुलासे

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच 26 जनवरी ह‍िंसा मामले में कुछ दिनों पहले कोर्ट में एक आरोपपत्र दायर किया था

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच 26 जनवरी ह‍िंसा मामले में कुछ दिनों पहले कोर्ट में एक आरोपपत्र दायर किया था

Delhi latest News: 26 जनवारी को लाल क‍िला पर हुई ह‍िंसा मामले में द‍िल्‍ली पुलिस ने आरोप-पत्र दाख‍िल क‍िया है. क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, 26 जनवरी को हुए विरोध मार्च रैली के दौरान बुजुर्गों को आगे रखने की एक योजना बनाई गई थी, जिससे कि कोई पुलिस कर्मी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न कर सके.

  • News18.com
  • Last Updated: May 27, 2021, 8:23 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 26 जनवरी ह‍िंसा मामले में कुछ दिनों पहले कोर्ट में एक आरोपपत्र दायर किया था, इस पर कोर्ट 28 मई को संज्ञान लेगा. क्राइम ब्रांच के सूत्रों की माने तो इस दायर आरोपपत्र में तफ़्तीश के दौरान कई बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह मिली है कि किसान आंदोलन की आड़ में कुछ उग्र किसान नेताओं द्वारा लाल किला को कब्जे में लेकर वहां सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर जैसे प्रदर्शन स्थल बनाने की साजिश रची गई थी. इस मामले में कई दर्जन आरोपियों की गिरफ्तारी और उसके दर्ज बयानों, सबूतों के आधार पर इस आरोप-पत्र को तैयार क‍िया गया है.

कैसे रची गई थी लाल किले के अंदर प्रवेश करने की साजिश

26 जनवरी को राजधानी दिल्ली के लाल किले के अंदर और उसके बाहर जमकर हिंसा-तोड़फोड़ हुई थी. किसान आंदोलन की आड़ में देश की ऐतिहासिक और देश के अभिमान माने जाने वाले लाल किले पर तिरंगा झंडे का अपमान किया गया था और उसकी जगह एक अन्य झंडे के साथ-साथ किसानों के संगठन से जुड़े झंडे को फहराया गया था. इस मामले में कई लोगों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था और कुछ दिन पहले पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चौंकाने वाला खुलासा किया है. चार्जशीट के मुताबिक, यह सब सोची समझी साजिश का हिस्सा थी.

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बुजुर्गों को रैली के दौरान आगे रखने और सोशल मीडिया पर लाइव करने की साजिश

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, 26 जनवरी को हुई विरोध मार्च रैली के दौरान बुजुर्गों को आगे रखने की एक योजना बनाई गई थी, जिससे की कोई पुलिस कर्मी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न कर सके. इसके साथ ही सभी प्रदर्शन करने वाले युवा किसानों को मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के मार्फत इसे लाइव दिखाने की भी साजिश रची गई थी, जिसका जिक्र आरोपपत्र में है. हालांकि विस्तार से इस मामले में जानकारी 28 मई के बाद ही मिल सकती है, क्योंकि 28 मई को दायर आरोपपत्र पर अदालत द्वारा संज्ञान लिया जाएगा.

26 जनवरी का दिन क्यों चुना गया विरोध मार्च के लिए



सूत्रों के मुताबिक, 26 जनवरी का दिन विरोध मार्च के लिए तय करना भी एक साजिश का हिस्सा था. क्योंकि इस किसान आंदोलन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों और उग्र हिंसा करने वाले लोग इस बात से वाकिफ थे कि आज केंद्र सरकार कोई भी ताकत का प्रयोग यानी बल प्रयोग नहीं करेगी, क्योंकि उस दिन राष्ट्रीय पर्व मनाया जा रहा था. इसी वजह से उस दिन का चयन किया गया. तफ़्तीश करने वाली टीम के मुताबिक, 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व को इसलिए चुना गया था ताकि देश और विदेश में सरकार की अस्मिता को ठेस पहुंचाई जा सके और देश की सरकार को शर्मिंदा किया जा सके.

लाल किला पर क्यों देश का झंडे का किया गया अपमान?

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट में दायर चार्जशीट में जिक्र किया गया है कि लाल किले में तिरंगा झंडा उतारकर कोई अन्य झंडा या किसान झंडा फहराने वाले आरोपियों को मोटी रकम भी देने का वायदा किया गया था. इसके लिए भारत देश के विरुद्ध काम करने वाली सिख फ़ॉर जस्टिस नाम की संस्था और उसके प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा करोड़ों रुपये का इनाम घोषित किया गया था. इसके साथ ही किसानों आंदोलन के दौरान कई ऐसे असामाजिक लोग अक्सर ऐसा ऐलान कर रहे थे. दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार एक आरोपी की बेटी के इंटरस्टेट कॉल को भी चार्जशीट में शामिल किया है जिसमें बेटी बोल रही है कि पापा को 50 लाख मिलने वाले हैं. लिहाजा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कई सबूतों को इकठ्ठा किया गया और उसे चार्जशीट में शामिल किया गया है.

करोड़ों रुपये का संदिग्ध विदेशी चंदा और फंड किया गया इकठ्ठा

चार्जशीट के मुताबिक, इस उग्र हिंसा की स्क्रिप्ट बहुत पहले ही लिखी जा चुकी थी. सूत्रों के मुताबिक, 26 जनवरी को लाल किला हिंसा की साजिश नवंबर/दिसंबर 2020 में रची जा चुकी थी. इसके लिए बड़े पैमाने पर पंजाब और हरियाणा में ट्रैक्टर और काफी सामानों की खरीदारी हुई थी. दिल्ली पुलिस ने पंजाब में बाकायदा ट्रैक्टर की बढ़ती खरीद फरोख्त के डेटा को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, नवंबर 2020 में जहां 43 परसेंट ट्रैक्टर की खरीद बढ़ी थी, तो दिसंबर में ये 94 परसेंट तक बढ़ गई थी. हरियाणा में भी किसान बिल आने के बाद ट्रैक्टर की खरीद बढ़ी थी. लिहाजा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने काफी विस्तार से इस मामले की तफ़्तीश करके आरोपपत्र तैयार किया है.

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