मरकज़ मामला: अदालत ने 272 जमातियों को पूरे एक दिन कोर्ट रूम में खड़े रहने की सुनाई सजा
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मरकज़ मामला: अदालत ने 272 जमातियों को पूरे एक दिन कोर्ट रूम में खड़े रहने की सुनाई सजा
(फाइल फोटो)

सभी विदेशी जमातियों ने कोर्ट के सामने अपनी गलती मान ली है और कबूल किया की उनसे कोरोना महामारी नियमों की अवहेलना हुई है. इस मुताबिक इस मामले में फॉरेन एक्ट, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, और IPS की कई धाराओं की अवहेलना हुई है.

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नई दिल्ली. निजामुद्दीन स्थित मरकज़ (Nizamuddin Markaz) मामले में करीब 275 से ज्यादा विदेशी जमातियों को कोर्ट ने सजा सुनाई है. बताया जा रहा है कि विदेशी जमातियों को टिल राइजिंग कोर्ट की एक दिन की सजा सुनाई गयी है. यानी कि एक दिन कोर्ट रूम में खड़ा रहने की सजा दी जाएगी. वहीं सभी विदेशी जमातियों पर 5 से 10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है.

जानकारी के मुताबिक सभी विदेशी जमातियों ने कोर्ट के सामने अपनी गलती मान ली है और कबूल किया की उनसे कोरोना महामारी नियमों की अवहेलना हुई है. इस मुताबिक इस मामले में फॉरेन एक्ट, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, और IPS की कई धाराओं की अवहेलना हुई है. बता दें कि ये सभी विदेशी जमाती, चाइना, नेपाल, इंडोनेशिया, विजी, आस्ट्रेलिया और बाकी अन्य देशों से मरकज़ में शामिल होने भारत आए थे.

59 आरोपपत्र हुए थे दाखिल



पुलिस ने जून महीने में इस मामले में 36 देशों के 956 विदेशियों के खिलाफ 59 आरोपपत्र दाखिल किए थे. विदेशी नागरिकों की ओर से पेश एक वकील ने कहा कि मलेशियाई नागरिकों ने आरोपों को स्वीकार करके सजा कम करने की अपील की, जिसके बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ मलिक ने आदेश दिया. इस मामले में याचिकाकर्ता लाजपत नगर के एसडीएम, लाजपत नगर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और निजामुद्दीन के निरीक्षक ने कहा कि उन्हें याचिकाओं पर कोई आपत्ति नहीं है, जिसके बाद उन्हें रिहा करने की अनुमति दे गई.
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