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दिल्ली हिंसा के दौरान बहादुरी दिखाने के लिए IPS अमित शर्मा को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली पुलिस के 23 कर्मियों को वीरता दिखाने के लिए पदक देकर सम्मानित किया जाएगा

75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली पुलिस के 23 कर्मियों को वीरता दिखाने के लिए पदक देकर सम्मानित किया जाएगा

Delhi News: दिल्ली पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस पर छह पुलिसकर्मियों को वीरता पुरस्कार दिया जाएगा. वहीं, दो पुलिसकर्मियों को विशिष्ट सेवाओं के लिए पुलिस पदक और 15 पुलिसकर्मियों को सराहनीय सेवा के लिए पदक दिया जाएगा

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नई दिल्ली. आजादी की 75वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर दिल्ली पुलिस के 23 पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा. दिल्ली पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस पर छह पुलिसकर्मियों को वीरता पुरस्कार दिया जाएगा. वहीं, दो पुलिसकर्मियों को विशिष्ट सेवाओं के लिए पुलिस पदक और 15 पुलिसकर्मियों को सराहनीय सेवा के लिए पदक दिया जाएगा.

पिछले साल फरवरी महीने में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सीएए विरोधी हिंसा के दौरान आईपीएस अमित शर्मा (IPS Amit Sharma) को बहादुरी के लिए स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) पर पुलिस पदक (Police Medal) से सम्मानित किया गया है. वर्तमान में अमित शर्मा पुलिस अधीक्षक (एसपी), दमन के रूप में तैनात हैं. फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग इलाके में हुए दंगों में उनके जबरदस्त साहस और दृढ़ संकल्प को दिखाने के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला है. इस हिंसा में वो बुरी तरह घायल हुए थे.

हिंसा के वक्त अमित शर्मा शाहदरा जिले के डीसीपी के पद पर तैनात थे. हिंसा वाले दिन उनके साथ एसीपी अनुज कुमार और हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल मौजूद थे. इस दौरान दंगाइयों और उपद्रवियों ने डीसीपी अमित शर्मा, एसीपी अनुज कुमार और रतन लाल पर हमला कर दिया था. इस हमले में महिलाओं की भूमिका सामने आई थी. हमले में हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की मौत हो गई थी. जबकि अमित शर्मा और अनुज कुमार बुरी तरह घायल हो गए थे. अमित शर्मा कई दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे थे.

वहीं, दिल्ली दंगों में शहीद हुए हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल को बहादुरी पदक मिलेगा. साथ ही एसीपी अनुज कुमार को भी इस सम्मान से नवाजा जाएगा.

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में तीन दिन तक हुई थी हिंसा और उपद्रव

बता दें कि, 23 फरवरी, 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सीएए और एनआरसी के विरोध को लेकर दो गुटों के बीच जमकर हिंसा और उपद्रव हुआ था. दो दिन तक भड़के इन दंगों में 54 लोग मारे गए थे जबकि लगभग 580 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. दिल्ली पुलिस के द्वारा इन दंगों को लेकर 755 एफआईआर दर्ज की गई हैं.

जिस दौरान यह हिंसा और दंगे भड़के थे, उस सम अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने परिवार के साथ भारत दौरे पर आए हुए थे.

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