Lockdown: दिल्ली के पार्षद की पहल, इलाके के लोग मजदूरों के साथ मना रहे जन्मदिन और सालगिरह
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Lockdown: दिल्ली के पार्षद की पहल, इलाके के लोग मजदूरों के साथ मना रहे जन्मदिन और सालगिरह
सालगिरह के मौके जरूरतमंदों को खाना और राशन का वितरण

कई इलाकों के लोग मजदूरों (labourer) के साथ अपनी खुशियां बांट रहे हैं. इतना ही नहीं उन मजदूरों के परिवारों को भी दो वक्त का खाना (Food) मिल रहा है.

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  • Last Updated: April 30, 2020, 3:05 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना (covid-19) के चलते देश भर में हुए लॉक डाउन (lockdown) में जहां लोग अपने अपने तरीके से लोगों की मदद और खाने की व्यवस्था कर रहे हैं, वहीं दिल्ली के आयानगर के एक पार्षद ने दिलचस्प पहल की है. आयानगर के पार्षद वेदपाल ने लॉकडाउन के लिए एक सुंदर सेवा फाउंडेशन बनाई है. जिसमें कई इलाकों के लोग मजदूरों (labourer) के साथ अपनी खुशियां बांट रहे हैं. इतना ही नहीं उन मजदूरों के परिवारों को भी दो वक्त का खाना मिल रहा है.

पूरे मई की अभी से हो चुकी है बुकिंग

वेदपाल बताते हैं कि यह फाउंडेशन अभी 10 दिन पहले ही शुरू की गई है लेकिन लोगों का सहयोग इतना है कि आने वाले मई महीने के सभी दिन भी बुक हो चुके हैं. लोगों ने बेटी-बेटे के जन्मदिन, सालगिरह, माता-पिता का अवसान दिवस आदि पर खाना बनवाने का ऑर्डर दे दिया है. फाउंडेशन की दो रसोई तैयार की गई हैं. जिनमें रोजाना दोनों वक्त में करीब एक हज़ार लोगों का खाना बनता है. इसमें 200 लोगों के खाने के लिए ढाई हज़ार रुपये रखे गए हैं. इससे ज्यादा या कम भी लोग दे रहे हैं. कुछ लोग राशन भी भेज रहे हैं.



मजदूरों की बस्तियों में भेजा जाता है खाना
वे बताते हैं कि आसपास के कई गांवों में कई राज्यों के मजदूरों की बस्तियां हैं.इनमें ये लोग अपने परिवारों के साथ भी रह रहे हैं. लोग जो खाना बनवाते हैं वह रोजाना इन्हीं बस्तियों में भेजा जाता है.

पुलिसकर्मी भी दे रहे साथ, भिजवाते हैं राशन

पार्षद वेदपाल ने बताया कि जब इस फाउंडेशन को शुरू किया तो सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लोगों को खाना पहुंचाने में काफी दिक्कतें आयीं. उस वक्त आयानगर और घिटोरनी के पुलिसकर्मियों ने मदद की. इतना ही नहीं दो पुलिस थानों के एसएचओ भी राशन भेज चुके हैं.

सोशल मीडिया पर लोग दे रहे ऑर्डर, सोशल डिस्टेंसिंग का कर रहे पालन

इसके लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया गया है. फेसबुक के कम्युनिटी पेज के अलावा व्हाटसअप ग्रुपों पर या फोन करके लोग अपना ऑर्डर देते हैं. इसके बाद पार्षद की ओर से डोनर की जानकारी के साथ ही खाने की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर दी जाती हैं. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जा रहा है. साथ हो वोलंटियर खाना देने के दौरान मास्क, ग्लव्स, सेनिटाइज़र आदि से लैस रहते हैं.

फंड की न हो कमी इसलिए बनाई फाउंडेशन

वेदपाल कहते हैं कि ज्यादा लोगों के लिए खाने की व्यवस्था करनी होती है. ऐसे में पार्षद फंड से लंबे समय तक भोजन का प्रबंध नहीं किया जा सकता. ऐसे में सभी लोगों का सहयोग लेते हुए ये व्यवस्था शुरू की गई है. इसका काफी अच्छा परिणाम देखने को मिल रहा है. इतना ही नहीं दो अन्य हंस फाउंडेशन और लोहिया फाउंडेशन ने भी किसी दिन खाली होने पर रसोई का प्रबंध करने की बात कही है.

कोरोना लॉकडाउन खुलने पर लोगों को दिया जाएगा सम्मान

पार्षद कहते हैं कि लॉकडाउन खुलने पर मदद करने वाले सभी लोगों को एक जगह बुलाया जाएगा और इन्हें सम्मानित किया जाएगा. वहीं ये फाउंडेशन भी बंद कर दी जाएगी. हालांकि इस सम्बंध में अभी लोगों को बताया नहीं गया है.

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