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JNU Student Protest: HRD मिनिस्टर बोले- विचारधारा अलग हो सकती हैं लेकिन ऐसी घटनाएं सही नहीं

News18Hindi
Updated: November 18, 2019, 7:53 PM IST
JNU Student Protest: HRD मिनिस्टर बोले- विचारधारा अलग हो सकती हैं लेकिन ऐसी घटनाएं सही नहीं
संजय धोत्रे

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) के छात्रों का फीस वृद्धि के खिलाफ धरना उग्र होता नजर आ रहा है.

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  • Last Updated: November 18, 2019, 7:53 PM IST
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नई दिल्‍ली. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) के छात्रों का फीस वृद्धि के खिलाफ धरना उग्र होता नजर आ रहा है. जेएनयू में हजारों की संख्या में जुटे छात्र-छात्राओं ने परिसर में पुलिस बैरिकेड को तोड़ दिया है. इसके साथ ही वे  संसद भवन की ओर बढ़ने लगे. इस पर पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें एक बार फिर रोक दिया. लेकिन वे नहीं माने और पुलिस से भिड़ गए. छात्रों के उग्र होते प्रदर्शन के बाद  पुलिसकर्मियों ने कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया है. अब पुलिस के रोके जाने के बाद जेएनयू के छात्रों ने रास्ता बदल लिया है. छात्र अब भिकाजी फ्लाइओवर पहुंच गए हैं और ह्यूमन चेन बना कर ट्रैफिक को रोक लिया गया है. छात्र अभी भी संसद जाने की कोशिश कर रहे हैं.

शाम 06:00 बजे तक अपडेट:
मानव संसाधन विकास के राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने जेएनयू प्रोटेस्ट पर बयान देते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने देश को ऐसे छात्र दिए हैं जिन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों में कुशल नेतृत्व किया है. विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन इस तरह की घटनाएं सही नहीं हैं. हमें ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिसको वापस लिया जाना मुश्किल हो जाए.

शाम 04:30 बजे तक अपडेट:

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने ट्वीट कर जानकारी दी कि दिल्ली पुलिस की सलाह के अनुसार, उद्योग भवन और पटेल चौक पर मेट्रो नहीं रुक रही हैं. प्रोटेस्ट को देखते हुए उद्योग भवन, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय के लिए निकास/प्रवेश द्वार अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है.



दिल्ली पुलिस पीआरओ मनदीप एस रंधावा ने कहा कि हम छात्रों से उनकी मांगों के बारे में बात करने की कोशिश कर रहे हैं साथ ही उन्हें मना भी कर रहे हैं कि वे किसी भी तरह से कानून अपने हाथ में न लें. वहीं लाठीचार्ज के आरोप पर उन्होंने कहा कि हम इसकी जांच करेंगे.



शाम 04 बजे की अपडेट:
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्रों के संसद तक निकाले जा रहे मार्च को पुलिस द्वारा सफदरजंग मकबरे के पास रोक लिया गया है. बता दें छात्र, बढ़ी हुई फीस वापसी की मांग के साथ कई अन्य मांग भी कर रहे हैं. पुलिस द्वारा रोके गए मार्च के बाद छात्रों ने सफदरगंज मकबरे के पास ही आजादी के नारों के साथ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है.



बताया जा रहा है कि छात्रों के प्रदर्शन को काबू में करने के लिए विश्वविद्यालय के बाहर पुलिस की 10 कंपनियां तैनात की गई हैं और हर कंपनी में 70 से 80 पुलिसकर्मी हैं. वहीं पुलिस का कहना है कि छात्रों ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है जिसको लेकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं लगातार छात्रों से शांत रहने की अपील की जा रही है.

छात्रों के इस मार्च को देखते हुए जेएनयू परिसर के आसपास पुलिस ने धारा 144 लागू कर दी है. इस बीच मानव संसाधन मंत्रालय ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो जेएनयू की सामान्य कार्यप्रणाली बहाल करने के तरीकों की सिफारिश करेगी. जेएनयू के लिए बनाई गई यह समिति छात्रों और प्रशासन से बातचीत और सभी समस्याओं के समाधान को लेकर सिफारिश करेगी.



पुलिस ने कहा- नहीं जाने देंगे संसद
वहीं जेएनयू छात्रों के संसद मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि छात्रों को पार्लियामेंट तक नहीं जाने दिया जाएगा. संसद के आसपास धारा 144 लागू है. पुलिस सूत्रों के अनुसार जेएनयू के छात्रों को विवि परिसर के एक किलोमीटर के दायरे में ही रोकने की योजना है. हालांकि, उन्हें कहा पर रोका जाएगा यह अभी नहीं बताया गया है.

दफ्तर नहीं पहुंच सके लोग
इस दौरान ऑफिस जा रहे लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा. अरुणा आसिफ अली रोड पर पुलिस बैरिकेडिंग के चलते कई लोग जाम में फंस गए. यहां पर एक शख्स ने कहा कि जेएनयू के छात्रों का तो यह रोज का काम हो गया है. यह कहां तक सही है. हम लोगों को क्यों परेशान किया जा रहा है. वहीं, कुछ लोगों का यह भी कहना था कि पुलिस को पहले से बैरिकेडिंग कर के रास्ते डायवर्ट कर देना चाहिए था.



एंबुलेंस भी अटकी
वहीं, मुजफरनगर से मरीज को लेकर आ रही एंबुलेंस भी आसिफ अली रोड पर ही जाम में फंस गई. एंबुलेंस में गंभीर मरीज को स्पाइनल अस्पताल लेकर जाना था. बाद में स्‍थानीय लोगों की मदद से पुलिस बैरिकेडिंग हटाई गई और एंबुलेंस को जाने का रास्ता दिया गया, लेकिन इस काम में करीब 30 मिनट का समय लग गया.



 



 

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First published: November 18, 2019, 11:36 AM IST
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