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दिल्‍ली: मार्च से लोगों को घर पर मिलेगा राशन, 25kg पैकिंग में मिलेगा आटा-चावल

राशन की डोर स्टेप डिलीवरी मार्च माह से पूरी दिल्ली में लागू हो जाएगी- केजरीवाल
राशन की डोर स्टेप डिलीवरी मार्च माह से पूरी दिल्ली में लागू हो जाएगी- केजरीवाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बड़ी खुशी की बात है कि दिल्ली सरकार सरकारी राशन की डोर स्टेप डिलीवरी चालू करने वाली है. मार्च माह से यह व्यवस्था पूरी दिल्ली में लागू हो जाएगी. इसके लिए लाभार्थियों को अब राशन की दुकान पर नहीं जाना होगा. उनको दिल्ली सरकार घर बैठे ही एक शानदार पैकिंग में यह सभी चीजें उपलब्ध कराएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 10:34 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने गणतंत्र दिवस (Republic Day 2021) के अवसर पर सभी दिल्लीवासियों और देशवासियों को ढेर सारी शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि पूरा विश्व, पूरा देश और हम सब दिल्लीवासी पिछले 1 वर्ष से कोरोना महामारी (Covid 19) से जूझ रहे हैं. यही कारण है कि हमने अपना स्वाधीनता दिवस भी और आज गणतंत्र दिवस भी हम दिल्ली सचिवालय में मना रहे हैं. नहीं तो हम सब लोग बड़े पैमाने पर छत्रसाल स्टेडियम में अपने बच्चों के साथ मनाया करते थे. मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय प्रांगण में झंडारोहण कर दिल्ली वालों व देशवासियों को संबोधित किया.

मार्च से शुरू होगी राशन की डोर स्टेप डिलीवरी- केजरीवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बड़ी खुशी की बात है कि दिल्ली सरकार सरकारी राशन की डोर स्टेप डिलीवरी चालू करने वाली है. मार्च माह से यह व्यवस्था पूरी दिल्ली में लागू हो जाएगी. इसके लिए लाभार्थियों को अब राशन की दुकान पर नहीं जाना होगा. उनको दिल्ली सरकार घर बैठे ही एक शानदार पैकिंग में यह सभी चीजें उपलब्ध कराएगी. 25 किलो की एक शानदार पैकिंग में आप 15 किलो साफ-सुथरा गेहूं का आटा और 10 किलो चावल की बोरी बनाकर आपके घर डिलीवर करा दी जाएगी. मुझे लगता है अपने आप में यह एक बहुत ही क्रांतिकारी कदम होगा. पूरी राशन व्यवस्था को बदलने के लिए हमारी सरकार ने गजब का काम किया है.


1 साल के भीतर मिलेगा दिल्ली वालों को हेल्थ कार्ड


खासकर पिछले 1 साल में और इस साल आने वाले साल में हम हर दिल्ली के नागरिक के लिए हेल्थ कार्ड जारी करने जा रहे हैं. वह हेल्थ कार्ड ऐसा होगा कि आप किसी भी अस्पताल में जाएंगे तो आपकी पूरी केस हिस्ट्री डॉक्टर के पास उपलब्ध होगी. इस व्यवस्था को सबसे पहले हम सरकारी अस्पतालों में शुरू करेंगे.

पिछला 1 साल बहुत मुश्किल रहा- केजरीवाल
मुख्‍यमंत्री ने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि इस वर्ष हम सब लोगों को कोरोना महामारी से छुटकारा मिलेगा. पिछला 1 साल बहुत मुश्किल रहा. सबके लिए लोगों और सरकारों के लिए जब हम सब लोग इस महामारी से जूझ रहे थे, खासकर दिल्लीवासियों के लिए यह एक साल और ज्यादा मुश्किल भरा रहा, क्योंकि दिल्ली ने कोरोना महामारी का बहुत प्रचंड रूप देखा.' सीएम ने कहा कि गत 11 नवंबर को दिल्ली में 1 दिन में लगभग 8500 कोरोना के केस आए. दिल्ली के साथ विश्व में किसी भी शहर में यह सबसे ज्यादा केस थे. पूरी दुनिया में किसी और देश, किसी और शहर में इतने ज्यादा केस कहीं नहीं आए थे. दिल्ली में 1 दिन में इतने सारे कैसे आने के कई सारे कारण हैं. दिल्ली देश की राजधानी है. पूरी दुनिया भर व देशभर से लोग यहां आते हैं. लेकिन अच्छी बात यह रही कि दिल्ली के लोगों और सरकार ने मिलकर इसका सफलतापूर्वक सामना किया. अमेरिका के शहर न्यूयॉर्क में अप्रैल के पहले सप्ताह में 6300 केस आए थे और हालात बेहद खराब रहे. लेकिन हमारे यहां 11 नवंबर को 8500 हजार केस आए.

कोरोना महामारी के चरम में 7000 बेड भी रहे खाली- CM
केजरीवाल ने कहा, 'हमारे दिल्ली के अस्पतालों में 7000 बेड खाली पड़े हुए थे. हमारे यहां किसी अस्पताल में मरीज कॉरिडोर या सड़कों पर नहीं थे. दिल्ली सरकार ने मिलकर अपनी 5 साल के दौरान जो स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया है, उसका यही नतीजा है. डॉक्टर, मेडिकल, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑफिसर्स ने मिलकर पूरे हेल्थ सिस्टम को दुरुस्त किया है. कोरोना महामारी के दौरान जिस तरीके से अच्छा मैनेजमेंट किया, उसका यही नतीजा है कि हमारा हेल्थ सिस्टम ऐसी महामारी के दौर में भी जब सबसे ज्यादा केस रिकॉर्ड किए जा रहे थे तो स्वास्थ्य व्यवस्था नहीं चरमराई. सभी ऑफिसर्स, डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ और अन्य सभी को बधाई.'

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत कठिन दौर था नौकरियां चली गई, रोजगार चले गए, दुकानें, मार्केट, फैक्ट्रियां सभी बंद हो गईं. सरकारों के लिए भी बड़ा मुश्किल दौर था लेकिन दिल्ली सरकार ने हर जरूरतमंद का पूरा खयाल रखा

कोरोना महामारी में दिल्ली ने दी दुनिया को होम आइसोलेशन की नई तकनीक- केजरीवाल
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित देशों के अंदर उनके अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरीके से चरमरा गईं. दिल्ली के डॉक्टर्स ने होम आइसोलेशन को इजाद किया. इसकी पूरी दुनिया में सबसे पहले शुरुआत की गई. होम आइसोलेशन में जो माइल्ड और एसिंप्टोमेटिक पेशेंट हैं, उनका डॉक्टर की निगरानी में ही घर पर ही इलाज किया गया. होम आइसोलेशन में कुछ मृत्यु हुई हैं. होम आइसोलेशन में 312425 मरीज ठीक हो चुके हैं. इस व्यवस्था को देश में ही नहीं बल्कि दुनिया में भी अपनाया गया.
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