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किसान आंदोलन की आड़ में बैठे लोगों को हटाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल

दिल्ली निवासी धनंजय जैन ने किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के विरुद्ध दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है
दिल्ली निवासी धनंजय जैन ने किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के विरुद्ध दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है

याचिका में दिल्ली पुलिस कमिश्नर (Delhi Police Commissioner) को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है. साथ ही याचिका में गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर लाल किले से संबंधित अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में कथित तौर पर विफल रहने वाले पुलिस अधिकारियों को दंडित करने की भी अपील की गई है

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2021, 5:18 PM IST
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नई दिल्ली. 26 जनवरी (26 January) को देश की राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा और उपद्रव (Delhi Violence) को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में एक याचिका दाखिल की गई है. याचिका में किसान आंदोलन की आड़ में बैठे लोगों को हटाने और सभी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को खाली कराए जाने की अपील  की गई है. याचिका में दिल्ली पुलिस कमिश्नर को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है. साथ ही याचिका में गणतंत्र दिवस पर लाल किले से संबंधित अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में कथित तौर पर विफल रहने वाले पुलिस अधिकारियों को दंडित करने का भी अनुरोध किया गया है.

बता दें कि नए कृषि कानूनों को निरस्त (रद्द) करने की मांग को लेकर मंगलवार को किसान संगठनों ने ट्रैक्टर परेड निकाली थी. इस दौरान दिल्ली की सड़कों पर उस समय अराजकता की स्थिति पैदा हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने तमाम अवरोधकों को ध्वस्त कर दिया, पुलिस के साथ मारपीट और झड़प की, वाहनों को पलट दिया और लाल किले की प्राचीर पर एक धार्मिक झंडा लगा दिया.





दिल्ली निवासी याचिकाकर्ता धनंजय जैन ने महत्वपूर्ण स्मारकों की सुरक्षा और दिल्ली के नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके बीच विश्वास व सुरक्षा की भावना को फिर से स्थापित करने के लिए केंद्र को पर्याप्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती के निर्देश दिए जाने का भी अनुरोध किया है.
kisan andolan rally
26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान उपद्रवियों ने दिल्ली की सड़कों पर जमकर हंगामा किया. साथ ही एतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर एक समुदाय विशेष का झंडा फहराने का प्रयास किया था


याचिका में आंदोलनकारी किसानों से सड़कें और सार्वजनिक जगह खाली कराने का अनुरोध

वकील भूप सिंह के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया है, ‘26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन उस समय राजधानी दिल्ली में अराजकता की स्थिति पैदा हो गई, जब समारोह चल रहे थे. पिछले कई दिनों से चल रहे किसान आंदोलन ने बहुत उग्र और हिंसक रूप ले लिया और किसान हथियारों, हॉकी स्टिक, तलवारों और अन्य हथियारों के साथ दिल्ली के भीतर पहुंच गए और गणतंत्र दिवस समारोह को बाधित करने के अलावा दिल्ली शहर में शांति के माहौल और कानून व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ दिया.’

इसमें यह भी कहा गया है कि कई प्रदर्शनकारी दिल्ली के एतिहासिक लाल किले तक पहुंच गए. दिल्ली की सशस्त्र पुलिस संप्रभुता की रक्षा करके अपने कर्तव्य को निभाने में विफल रही है और दिल्ली पुलिस ने समय पर निर्णय नहीं लिया. (भाषा से इनपुट)
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