लाइव टीवी

शाहीन बाग प्रोटेस्ट स्थल के चप्पे-चप्पे पर दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान तैनात

News18Hindi
Updated: February 4, 2020, 1:10 PM IST
शाहीन बाग प्रोटेस्ट स्थल के चप्पे-चप्पे पर दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान तैनात
शाहीन बाग प्रोटेस्ट स्थल के पास गोलीबारी की कई घटनाओं के बाद इलाके के चप्पे-चप्पे की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. (फाइल फोटो)

प्रदर्शन स्थल पर फायरिंग की कई घटनाओं के बाद शाहीन बाग (Shaheen Bagh) इलाके की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान इलाके के चप्पे-चप्पे पर तैनात कर दिए गए हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 4, 2020, 1:10 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (National Register of Citizens) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में लगातार 52वें दिन भी प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शन स्थल पर फायरिंग की कई घटनाओं के बाद शाहीन बाग इलाके की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान इलाके के चप्पे-चप्पे पर तैनात कर दिए गए हैं.

शाहीन बाग की तरफ जाने वाला हर रास्ता सील
शाहीन बाग का प्रदर्शन पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की सुरक्षा के घेरे में हो रहा है. फायरिंग के मामले सामने आने के बाद सोमवार को दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की कई कंपनियों को यहां तैनात किया गया. जितने भी रास्ते या गलियां शाहीन बाग की तरफ जा रही हैं, उन्हें पुलिस ने सील कर दिया है.

इमरजेंसी सेवा के लिए खोला रास्ता

इमरजेंसी सेवा के लिए शाहीन बाग का एक रास्ता खोल दिया जाता है. इसका नजारा मंगलवार सुबह देखने को मिला. सायरन बजाती हुई एक एम्बुलेंस आई तो धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने उसके जाने के लिए रास्ता बनाया, लेकिन जब पुलिस ने बैरिकेडिंग के पास एम्बुलेंस को चेक किया तो उसमें कई लोग बैठे हुए थे.

पुलिस ने एम्बुलेंस को जाने दिया
एम्बुलेंस का ड्राइवर पुलिस को मेडिकल का कागज दिखाने लगा तो वहीं एम्बुलेंस में बैठे एक शख्स ने कहा कि वो एमआरआई कराने जा रहे हैं. बहरहाल, पुलिस ने एम्बुलेंस को जाने दिया. दरअसल फायरिंग की घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस हर वो काम कर रही है, जिससे यहां कोई भी उपद्रवी न पहुंच पाए.देश के हर राज्य में हो रहा है इस कानून का विरोध
बता दें कि संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण देश में शरण लेने आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के उन लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी, जिन्होंने 31 दिसंबर, 2014 तक भारत में प्रवेश कर लिया था. ऐसे सभी लोग भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे. इस कानून के विरोधियों का कहना है कि इसमें सिर्फ गैर मुस्लिमों को ही नागरिकता देने की बात कही गई है, इसलिए यह कानून धार्मिक भेदभाव वाला है, जो कि संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है.

12 दिसंबर, 2019 को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद लागू हुआ कानून
नॉर्थ-ईस्ट खासकर असम में नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों, आगजनी, कर्फ्यू लगने, इंटरनेट बंद होने के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस बिल पर 12 दिसंबर 2019 को हस्ताक्षर कर दिए. इसके बाद नागरिकता कानून, 1955 में संबंधित संशोधन देश भर में लागू हो गया. सरकार की अधिसूचना के अनुसार गुरुवार को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद देश भर में यह कानून लागू हो गया है.

(रिपोर्ट- अमित कुमार सिंह)

ये भी पढ़ें - 

जामिया हिंसा: हाईकोर्ट में बोला केंद्र- अहम मोड़ पर है जांच

पढ़ने की जिद कर गई थी स्कूल, मिड डे मील के भगोने में गिरने से बच्ची की मौत



News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दिल्ली-एनसीआर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 4, 2020, 12:36 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर