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Delhi Police Protest : 10 घंटे बाद पुलिसकर्मियों का धरना खत्म, सभी मांगें मानी गईं

News18Hindi
Updated: November 5, 2019, 9:08 PM IST
Delhi Police Protest : 10 घंटे बाद पुलिसकर्मियों का धरना खत्म, सभी मांगें मानी गईं
पुलिसकर्मियों ने धरना प्रदर्शन 10 घंटे के बाद खत्म कर दिया है.

Delhi Police Vs Lawyers: दिल्ली पुलिस-वकील विवाद पर गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi Highcourt) से स्पष्टीकरण मांगा है. मंत्रालय ने हाईकोर्ट से 'वकीलों पर कार्रवाई न करने' के आदेश पर सफाई देने के लिए कहा है.

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  • Last Updated: November 5, 2019, 9:08 PM IST
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नई दिल्ली. वकीलों (Lawyers) और दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के बीच तीस हजारी कोर्ट (Tis Hazari Court) में हुई हिंसक झड़प का मुद्दा गरमाता जा रहा है. मंगलवार को दिल्ली पुलिस के जवान सड़कों पर उतर आए और घटना का जमकर विरोध (Protest) किया. मंगलवार सुबह से ही दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर जवानों प्रदर्शन कर वकीलों के खिलाफ एक्शन की मांग की. इस विरोध प्रदर्शन के करीब 10 घंटे बाद पुलिसकर्मियों ने इस प्रदर्शन को खत्म कर दिया.

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक पुलिसकर्मियों की सभी मांगे मान ली गई हैं. अब इस पूरे प्रकरण में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी. जांच के बिना पुलिसकर्मियों पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी. आरोपी पुलिसकर्मियों के निलंबन पर भी रोक लग गई है. वहीं साकेत कोर्ट में आरोपी वकीलों की गिरफ्तारी होगी. इसके अलावा घायल पुलिसकर्मियों को 25 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर भी दिया जाएगा. वहीं वकीलों की गिरफ्तारी पर दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा लगाई रोक के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की है जिसपर बुधवार दोपहर 3 बजे सुनवाई होगी. इससे पहले गृह मंत्रालय ने वकीलों की गिरफ्तारी न करने के आदेश पर पर हाईकोर्ट से स्पष्टीकरण मांगा था.

मुख्यालय के बाहर सैकड़ों की संख्या में जवान जुटे और 'काला कोट हाय-हाय' के नारे लगाए. प्रदर्शन के दौरान कई बार पुलिस कमिश्नर ने जवानों से प्रदर्शन वापस लेने के लिए कहा लेकिन जवानों ने इसे मानने से इंकार कर दिया. इस मामले में गृह मंत्रालय ने दिल्ली हाईकोर्ट से स्पष्टीकरण मांगा है. मंत्रालय ने हाईकोर्ट से 'वकीलों पर कार्रवाई न करने' के आदेश पर सफाई देने के लिए कहा है.

वहीं इससे पहले सूत्रों के हवाले से खबर मिली थी कि इस पूरे प्रकरण पर गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर एक बैठक हुई. सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि पुलिस पर हुई हाथापाई से गृह मंत्रालय नाराज है वहीं पुलिस की फायरिंग पर भी गृह मंत्रालय ने नाराजगी जताई है.




सतीश गोलचा स्पेशल कमिश्नर क्राइम ने कहा कि घायल पुलिसकर्मियों को अच्छे से अच्छा इलाज मुहैया कराया जा रहा है, साथ ही उन्होंने कहा कि घायल पुलिसकर्मियों को न्यूनतम 25 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इस घोषणा के बाद उन्होंने अपील की कि प्रदर्शन कर रहे सभी पुलिसकर्मी अनुशासन का पालन करते हुए प्रदर्शन खत्म करने की भी अपील की.

दिल्ली पुलिस ज्वॉइंट पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सभी घायल पुलिसकर्मियों का अच्छे से अच्छा इलाज किया जा रहा है. बड़े अधिकारी पुलिसकर्मियों और उनके परिवारवालों के साथ हैं. जहां भी पुलिस के साथ हिंसा हुई है वहां उचित धाराओं में केस दर्ज किया गया है और आरोपियों पर कार्रवाई भी की जाएगी. साथ ही उन्होंने पुलिसकर्मियों प्रदर्शन खत्म करने की भी अपील की है.

वहीं इस मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल के आवास पर बैठक की गई. इस बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव और गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव भी इस बैठक में मौजूद रहे. इस मीटिंग में उपराज्यपाल ने घायल पुलिसकर्मियों और वकीलों को बेहतर और मुफ्त इलाज मुहैया कराने का आश्वासन दिया. घायल पुलिसकर्मियों को उचित मुआवजा दिया जाएगा. इसके साथ ही एलजी ने कहा है कि दिल्ली पुलिस के किसी भी ऑफिसर के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. एलजी ने सद्भाव और कानून बनाए रखने की अपील की है.

वहीं इस पुलिस के साथ हुई हिंसा के मामले में आईएएस एसोसिएशन ने पुलिसकर्मियों का समर्थन किया है. वहीं हरियाणा पुलिस एम्पलॉई एसोसिएशन भी दिल्ली पुलिस के समर्थन में उतरी है. तमिलनाडु आईपीएस एसोसिएशन, बिहार पुलिस एसोसिएशन ने भी कहा है कि दिल्ली पुलिस के साथ खड़े हैं.

पुलिस कर्मियों की 6 मांगें:
1. निलंबित पुलिस अधिकारी को बहाल करना
2. घायल पुलिस अधिकारी को मुआवजा.
3. अधिवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई.
4. SC में HC के आदेश के खिलाफ अपील.
5. पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने वाले व्यक्तियों का सत्यापन.
6. निचले अधिकारियों के लिए पुलिस एसोसिएशन की मांग.

कमिश्नर की अपील बेअसर, प्रदर्शन जारी
इससे पहले, पुलिस हेडक्वार्टर पर जमा पुलिसकर्मियों का बढ़ता विरोध देखकर कमिश्नर अमूल्य पटनायक (Amulya Patnayak) खुद मौके पर पहुंचे और जवानों से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि आप सभी कानून (Law) के रखवाले हैं और मैं चाहता हूं आप रखवालों की तरह ही व्यवहार करें. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्‍था (Law and order) को बनाए रखें. यह हमारी जिम्मेदारी है और हम इसे हमेशा सही से निभाते आए हैं. उन्होंने सभी जवानों से काम पर लौटने की अपील की. लेकिन इस दौरान लगातार वहां पर हाय-हाय के नारे लगते रहे और पुलिसकर्मी पोस्टर और तख्तियों को दिखा अपना विरोध जताते रहे. वहीं गुस्साए पुलिसकर्मियों ने कमिश्नर के इस्तीफे की भी मांग कर डाली. जब कमिश्नर की बात भी पुलिसकर्मियों ने नहीं मानी तो गृह मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया और इस पूरे मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी एलजी अनिल बैजल को सौंप दी.

हमारे लिए बड़ी चुनौती
पटनायक ने कहा कि यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है. उन्होंने इसके साथ ही कहा कि दिल्ली पुलिस के सामने कभी भी चुनौती कम नहीं रही लेकिन हम कभी पीछे नहीं हटे. इस बार भी एक चुनौती हमारे सामने है और हम अभी भी जैसे काम करते आए हैं वैसे ही करेंगे.



प्रतीक्षा की घड़ी है
अमूल्य पटनायक ने कहा कि यह परीक्षा की, अपेक्षा की और प्रतीक्षा की घड़ी है. हमें संयम से काम लेना होगा. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर स्पेशल जांच कमेटी का गठन किया गया है जो मामले की जांच कर रही है. उसकी रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए और मुझे न्याय व्यवस्‍था पर पूरा विश्वास है.

कमिश्वनर के खिलाफ हुई नारेबाजी
इस दौरान पुलिसकर्मियों ने कमिश्नर सहित अन्य अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन कर रहे जवानों ने नारा लगाया कि पुलिस कमिश्नर कैसा हो किरण बेदी जैसा हो. साथ ही इस्तीफा दो, इस्तीफा दो के भी नारे लगते रहे.



पटनायक के इस्तीफे की मांग
वहीं, इस दौरान कई जवानों ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक के इस्तीफे की भी मांग कर डाली. जवानों ने कहा कि माहौल ऐसा है कि हम क्या वर्दी पहने पिटते रहेंगे. कमिश्नर को इस पूरी घटना पर इस्तीफा देना चाहिए. कुछ जवानों का कहना था कि जो कुछ हुआ वह सभी के सामने है फिर भी जांच और रिपोर्ट की बात कही जा रही है. ऐसे में जरूरी है कि कार्रवाई की जाए और तत्काल प्रभाव से दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक मामले पर इस्तीफा दे दें.

सस्पेंड पुलिसकर्मियों को बहाल करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों ने कहा कि जो पूरा मामला हुआ उसमें पुलिस की कोई गलती नहीं थी, लेकिन फिर भी कई पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया. उन्होंने कहा कि जो पीड़ित हैं उन्ही को सस्पेंड कर दिया गया. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए. इसके साथ ही दोषी वकीलों के लाइसेंस रद्द करने की भी मांग की गई. साथ ही ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियाें की सुरक्षा का इंतजाम हो इसको लेकर भी काफी हंगामा हुआ.

काम पर लौटें वकील...
इधर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. बार काउंसिल ने वकीलों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वे तत्काल काम पर लौटें नहीं तो इस संबंध में कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही बार काउंसिल ने कहा कि हिंसा करने वाले वकीलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. बार काउंसिल ने कहा कि साकेत और रोहिणी के कोर्ट में हुई हिंसा में आरोपी वकीलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

एलजी को मामला सुलझाने को कहा
वहीं मामला बढ़ता देख कर गृह मंत्रालय ने इस पूरे मामले में एलजी अनिल बैजल को दखल देने को कहा. मंत्रालय ने एलजी बैजल को कहा कि इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाया जाए. मंत्रालय ने घायल पुलिसकर्मियों के प्रति संवेदना जताई और आश्वासन दिया कि न्याय के साथ ही हर तरह की मदद भी की जाएगी.

एक और मैसेज वायरल
कमिश्नर की काम पर लौटने की अपील के बाद एक और मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. मैसेज में अब 3 बजे इंडिया गेट पर इकट्ठा होने और प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की मांग की है.

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First published: November 5, 2019, 1:15 PM IST
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