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दिल्ली पुलिस को LG ने दिया विशेष अधिकार, NSA के तहत किसी को कर सकते हैं डिटेन
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Updated: January 18, 2020, 9:01 AM IST
दिल्ली पुलिस को LG ने दिया विशेष अधिकार, NSA के तहत किसी को कर सकते हैं डिटेन
उपराज्यपाल अनिल बैजल (फाइल फोटो)

यह अधिसूचना उपराज्यपाल (LG) की मंजूरी के बाद 10 जनवरी को जारी की गई थी. हालांकि, दिल्ली पुलिस (Delhi Police) कहना है कि यह नियमित आदेश है जो हर तीन महीने पर जारी किया जाता है और मौजूदा परिस्थितियों से इसका कोई लेना देना नहीं है

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  • Last Updated: January 18, 2020, 9:01 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल (LG Anil Baijal) ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत संदेह के आधार पर किसी को भी हिरासत में रखने का अधिकार दिल्ली पुलिस आयुक्त (Delhi Police Commissioner) को दिया है. सूत्रों ने बताया कि रासुका कानून ऐसे व्यक्ति को एहतियातन महीनों तक हिरासत में रखने का अधिकार देता है, जिससे प्रशासन को राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए खतरा महसूस हो. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं.

10 जनवरी को जारी की गई थी अधिसूचना
अधिसूचना के मुताबिक, उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून 1980 की धारा तीन की उपधारा (3) का इस्तेमाल करते हुए 19 जनवरी से 18 अप्रैल तक दिल्ली पुलिस आयुक्त को किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने का अधिकार दिया. यह अधिसूचना राज्यपाल की मंजूरी के बाद 10 जनवरी को जारी की गई थी. हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह नियमित आदेश है जो हर तीन महीने पर जारी किया जाता है और मौजूदा परिस्थितियों से इसका कोई लेना-देना नहीं है.

क्या है राष्ट्रीय सुरक्षा कानून 

रासुका का मतलब राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National Security Act) है. इसमें हिरासत में लिए व्यक्ति को अधिकतम एक साल जेल में रखा जा सकता है. राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980, देश की सुरक्षा के लिए सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित एक कानून है. यह कानून केंद्र और राज्य सरकार को किसी भी संदिग्ध नागरिक को हिरासत में लेने की शक्ति देता है.

कब बना था ये कानून
देश में कई प्रकार के कानून बनाए गए हैं. ये कानून अलग-अलग स्थिति में लागू किए जाते हैं. इनमें से एक रासुका यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून है. 23 सितंबर, 1980 को इंदिरा गांधी की सरकार के दौरान इसे बनाया गया था. ये कानून देश की सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित है. यह कानून केंद्र और राज्य सरकार को संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेने की शक्ति देता है. अगर सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति उन्हें देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले कार्यों को करने से रोक रहा है तो उसे हिरासत में लिया जा सकता है. साथ ही यदि सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में बाधा खड़ी कर रहा है को वो उसे हिरासत में लेने का आदेश दे सकती है. इस कानून का इस्तेमाल जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, राज्य सरकार अपने सीमित दायरे में भी कर सकते हैं.ये भी पढ़ें: शाहीन बाग और जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों समेत ये लोग भेजेंगे राष्ट्रपति को पत्र, करेंगे CAA निरस्त करने की मांग

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First published: January 18, 2020, 8:35 AM IST
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