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यौम-ए-सियाह: Delhi Police ने हिरासत में लीं उमर खालिद की मां और बहन, थाने से किया रिहा

जामिया हिंसा के एक साल पूरे होने पर कैंडल मार्च निकाला जा रहा था.
जामिया हिंसा के एक साल पूरे होने पर कैंडल मार्च निकाला जा रहा था.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में भी सीएए और एनआरसी (NRC) का विरोध किया गया था. आरोप है कि इसी दौरान 15 दिसम्बर की रात एएमयू के बाबा-ए-सैय्यद गेट पर पुलिस और आरएएफ ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 16, 2020, 8:46 AM IST
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नई दिल्ली. साल 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के विरोध में कई जगह विरोध-प्रदर्शन हुए थे. इस दौरान जामिया हिंसा (Jamia Violence) में दर्जनों लोग घायल हुए थे. इसी हिंसा के एक साल पूरे होने पर जामिया नगर में यौम-ए-सियाह का आयोजन किया गया था. कैंडल मार्च निकाला जा रहा था. इस मार्च में जेल में बंद पूर्व जेएनयू (JNU) छात्र उमर खालिद (Umar Khalid) की मां और दो बहन भी शामिल थीं. जिन्हें बाद में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने हिरासत में ले लिया. सभी को पुलिस स्टेशन ले जाया गया. जहां से बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.

कोरोना के चलते नहीं दी गई कैंडल मार्च की अनुमति

मंगलवार की देर शाम जामिया नगर से कैंडल मार्च जैसे ही बाटला हाउस पहुंचा तो पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में ले लिया. पुलिस का कहना है कि पेन्डामिक एक्ट के चलते सभी को हिरासत में लिया गया था. बाद में चेतावनी देकर थाने से उन्हें छोड़ दिया गया. मार्च की कोई अनुमति भी नहीं ली गई थी. लेकिन भीड़ इकट्ठी कर मार्च निकाला जा रहा है. इसी के चलते पुलिस ने अपनी कार्रवाई की है.



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पहले शरजील तो फिर उमर खालिद हुआ था गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की तरफ से उमर खालिद को 14 सितंबर को दिल्ली हिंसा से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था. कड़कड़डूमा कोर्ट ने उमर खालिद की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है. दिल्ली पुलिस की तरफ से उनकी न्यायिक हिरासत 30 दिन और बढ़ाने की अर्जी लगाई गई थी. उमर खालिद के वकील ने दिल्ली पुलिस की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस की जांच में इसने सभी तरह से सहयोग किया है. ऐसे में यह आरोप लगाकर कि उमर खालिद जांच में सहयोग नहीं कर रहा है. उसकी न्यायिक हिरासत को बढ़ाने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा लगाई गई अर्जी गलत है.

एएमयू में भी किया गया यौम-ए-सियाह

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी सीएए और एनआरसी का विरोध किया गया था. आरोप है कि इसी दौरान 15 दिसम्बर की रात एएमयू के बाबा-ए-सैय्यद गेट पर पुलिस और आरएएफ ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया था. आंसू गैस के गोले दागे थे. दर्जनों छात्रों को गंभीर चोट आई थी. इसी घटना के एक साल होने और उसके विरोध में यौम-ए-सियाह का आयोजन किया गया था.
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