JNU हिंसा : दिल्‍ली पुलिस के वकील ने कहा- मेरा सिर शर्म से झुक गया, कहां है हमारी फोर्स

राहुल मेहरा ने कहा कि इस घटना के बाद मेरा सिर शर्म से झुक गया है. (कैंपस का फोटो)

राहुल मेहरा ने कहा कि इस घटना के बाद मेरा सिर शर्म से झुक गया है. (कैंपस का फोटो)

उन्होंने ट्वीट कर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) से पूछा है कि जब जेएनयू परिसर में 'गुंडों' ने प्रवेश कर निर्दोष छात्रों पर हमला किया और उनके साथ बर्बरता से मारपीट की तो आप (पुलिस बल) कहां थे.

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  • Last Updated: January 6, 2020, 10:31 AM IST
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नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर में हुई हिंसा के बाद अब प्रतिक्रियाओं का दौर भी जोरों पर है. ऐसे में अब दिल्ली पुलिस के वकील राहुल मेहरा ने इस वारदात को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है. उन्होंने ट्वीट कर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) से पूछा है कि जब जेएनयू परिसर में 'गुंडों' ने प्रवेश कर  निर्दोष छात्रों पर हमला किया और उनके साथ बर्बरता से मारपीट की तो आप (पुलिस बल) कहां थे. उन्होंने कहा कि मैंने जेएनयू कैंपस में छात्रों के साथ मारपीट करते हुए 'गुंडों' की वीडियो क्लिप को देखा है, जिससे मेरा सिर शर्म से नीचे झुक गया.



 सब कुछ साफ है

अपने अगले ट्वीट में  उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए. इस मामले के बारे में पता लगाने की आवश्यकता है कि आखिर किसने इस तरह की घटना को अंजाम दिया और कौन-कौन से लोग इसमें शामिल हैं. राहुल मेहरा ने यह भी कहा कि यह घायल और पीड़ितों के बारे में भी पता लगाने की जरूरत है.

क्या था मामलागौरतलब है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में रविवार रात को छात्रों के दो समूह आपस में भिड़ गए थे. जानकारी के अनुसार, छात्रों के एक समूह को कुछ नकाबपोश लोगों ने रॉड और डंडों से मारा था. जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने बताया कि उनपर हमला किया गया. घोष ने कहा, 'गुंडों ने नकाब पहनकर मुझ पर बेरहमी से हमला किया. वहीं, एम्स ट्रॉमा सेंटर की ओर से कहा गया है कि जेएनयू से 23 लोग एम्स पहुंचे हैं. इनमें से ज्यादातर के सिर से खून बह रहा था साथ ही उन्हें खरोंचे आईं हैं.
छात्रों से मिली प्रियंका

छात्रों से मिलने के बाद प्रियंका गांधी ने कहा था कि एक छात्र ने बताया है कि पुलिस ने उसके सिर पर मारा. वहीं केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि ये पूरी तरह से जेएनयू की परंपरा के खिलाफ है. जेएनयू प्रशासन की ओर से कहा गया है कि  जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा बड़े ही दुर्भाग्य की बात है. प्रशासन कैंपस में हुई किसी भी प्रकार की हिंसा कड़ी निंदा करता है. जेएनयू प्रशासन उन छात्रों के लिए बहुत दर्द की पीड़ा महसूस कर रहा है, जिन्हें हिंसा में चोटें आई हैं.





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