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अब आपके मोबाइल पर झपट्टा नहीं मार पाएंगे चोर, दिल्ली पुलिस ने बनाया नया प्लान- जानें पूरी डिटेल

अब आपके मोबाइल पर झपट्टा नहीं मार पाएंगे चोर, दिल्ली पुलिस ने बनाया नया प्लान- जानें पूरी डिटेल

दिल्ली में मोबाइल स्नैचिंग पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने नया प्लान तैयार किया है.  (प्रतीकात्मक तस्वीर- Shutterstock)

दिल्ली में मोबाइल स्नैचिंग पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने नया प्लान तैयार किया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर- Shutterstock)

दिल्ली में इस साल 1 जनवरी से 28 जून के बीच मोबाइल स्नैचिंग के कुल 4,660 मामले सामने आए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 11-15% ज्यादा हैं. मोबाइल स्नैचरों का यह गिरोह खासतौर से बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाते हैं और उनसे छीने गए मोबाइल दूसरे राज्यों में बेच देते हैं. ऐसे में पुलिस को उम्मीद है कि इस कदम से मोबाइल चोरी की घटनाओं पर लगाम लग सकेगी.

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मोबाइल स्नैचिंग पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने नया प्लान तैयार किया है. पुलिस के मुताबिक, इस कदम से मोबाइल स्नैचरों का मकसद ही पूरी तरह खत्म हो जाएगा. दरअसल दिल्ली पुलिस इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी (IMEI) नंबर के जरिये चोरी या लूटे गए फोन को ब्लॉक करने के लिए इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर काम करने की तैयारी कर रही है. पुलिस अब चोरी हुए या लूटे गए मोबाइल फोन के IMEI नंबर को सर्वर पर नोट कर लेंगे और डिवाइस को तुरंत ब्लॉक कर देंगे. इससे चोर न तो खुद वह फोन इस्तेमाल कर पाएंगे और न ही किसी को बेच पाएंगे.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि इस साल 1 जनवरी से 28 जून के बीच दिल्ली में मोबाइल स्नैचिंग के कुल 4,660 मामले सामने आए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 11-15% ज्यादा हैं. मोबाइल स्नैचरों का यह गिरोह खासतौर से बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाते हैं और उनसे छीने गए मोबाइल दूसरे राज्यों में बेच देते हैं. ऐसे में पुलिस को उम्मीद है कि इस कदम से मोबाइल चोरी की घटनाओं पर लगाम लग सकेगी.

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं, ‘मोबाइल चोरों का गिरोह इन फोन को बेचकर होने वाले मुनाफे पर पनपते हैं. ऐसे में IMEI नंबर ब्लॉक होने पर ये फोन बेकार हो जाते हैं और चोरों के किसी काम के नहीं रहते हैं. इससे उनका फोन चुराने का मकसद ही खत्म हो जाता है.”

वह बताते हैं, ‘ हम चोरी हुए सभी फोन के डेटा को तुरंत पंजीकृत करने और इसे अपने सर्वर और क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) पर अपलोड करने का विचार लेकर आए हैं. एक महीने के ट्रायल पीरियड में हमने 950 से ज्यादा मोबाइल फोन को ब्लॉक किया.’

हालांकि इस पुलिस की इस योजना में कुछ समस्याएं भी है. एक अधिकारी बताते हैं कि कई बार लोग अपना मोबाइल फोन ब्लॉक करवाने के लिए तैयार नहीं होते, क्योंकि एक बार फोन ब्लॉक हो जाने पर वह खुद भी यह फोन इस्तेमाल नहीं पाएंगे.

Tags: Delhi police, Mobile theft

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