कोरोना काल में मदद कर सुर्खियों में आए यूथ कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवासन, अब दिल्ली पुल‍िस ने की पूछताछ, जानें क्‍यों?


कोरोना काल में ट्वीट पर लोगों की मदद करने वाले यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवासन से द‍िल्‍ली पुल‍िस ने शुक्रवार को पूछताछ की

कोरोना काल में ट्वीट पर लोगों की मदद करने वाले यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवासन से द‍िल्‍ली पुल‍िस ने शुक्रवार को पूछताछ की

Delhi News: कोरोना काल में मरीजों और उनके पर‍िवार के लोगों को जरूरी मेडिकल उपकरण जैसे इंजेक्शन और दवाओं को बांटने को लेकर चर्चा में आए यूथ कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवासन से द‍िल्‍ली पुल‍िस ने शुक्रवार को पूछताछ की.

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कोरोना काल में ट्वीट पर लोगों की मदद करने वाले यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवासन से द‍िल्‍ली पुल‍िस ने शुक्रवार को पूछताछ की. यह पूछताछ करीब 20 म‍िनट तक चली. आपको बता दें क‍ि हाल में दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई गई थी, जिसके आधार पर द‍िल्‍ली पुलिस क्राइम ब्रांच को यह आदेश दिया था क‍ि कोविड में जरूरी दवाओं इंजेक्शन और मेडिकल उपकरण को जो लोग बाट रहे है उनसे इन्कावरी कर उनका सोर्स पूछा जाए. माननीय हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक करीब 12 से 15 लोगो से क्राइम ब्रांच को यह इन्कावरी करनी है.

कोरोना काल में मरीजों और उनके पर‍िवार के लोगों को जरूरी मेडिकल उपकरण जैसे इंजेक्शन और दवाओं को बांटने को लेकर यह पूछताछ हुई थी. बताया जा रहा है क‍ि केवल श्रीनिवासन ही नहीं और भी कई लोगों से इस तरह पुलिस पूछताछ हो रही है. पु‍ल‍िस ने इस मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक दिलीप पांडे से भी सम्पर्क किया था और दिल्ली बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता हरीश खुराना से भी पूछताछ कर चुकी है.  पुलिस इंकावरी की इस लिस्ट में गौतम गम्भीर का भी नाम है और कुछ राजनीतिक पार्टियों से जुड़े जनप्रतिध और अन्य लोग भी है.

द‍िल्‍ली पुल‍िस का कहना है क‍ि किसी राग द्वेष के चलते  यह इन्कावरी नही कर रही है हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार यह इन्कावरी की जा रही है. इन्कावरी पूरी होने के बाद हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी.

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टीके हैं नहीं और कॉलर ट्यून पर कह रहे हैं Vaccine लगवा लो: द‍िल्‍ली हाईकोर्ट

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा, ‘‘लोग जब कॉल करते हैं तो, हमें नहीं पता कि आप कितने दिनों से एक परेशान करने वाला संदेश सुना रहे हैं कि लोगों को टीका लगवाना चाहिए, जबकि आपके (केन्द्र सरकार) पास पर्याप्त टीका नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप लोगों का टीकाकरण नहीं कर रहे हैं, लेकिन आप फिर भी कह रहे हैं कि टीका लगवाएं. कौन लगवाएगा टीका, जबकि टीका ही नहीं है. इस संदेश का मतलब क्या है.’’ सरकार को इन बातों में ‘नया सोचने’ की जरुरत है, यह टिप्पणी करते हुए पीठ ने कहा, ‘‘आपको यह सभी को देना चाहिए. अगर आप पैसे लेने वाले हैं, तभी भी यह दें. बच्चे भी यही कह रहे हैं.’’

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार को हमेशा एक ही संदेश बजाने की जगह अलग-अलग संदेश तैयार करने चाहिए. उसने कहा, ‘‘जब तक यह टेप खराब ना हो जाए, आप इसे अगले 10 साल तक बजाते रहेंगे.’’ पीठ ने कहा कि राज्य या केन्द्र की सरकारों को जमीनी स्तर पर स्थिति के हिसाब से काम करना होगा. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, ‘‘इसलिए कृपया कुछ और (डायलर संदेश) तैयार करें. जब लोग हर बार अलग-अलग (संदेश) सुनेंगे तो शायद उनकी मदद हो जाएगी.’’ अदालत ने कहा कि टीवी प्रस्तोता, निर्माताओं से लोगों को जागरुक करने के लिए कार्यक्रम बनाने, अमिताभ बच्चन जैसे लोकप्रिय लोगों से इसमें मदद करने को कहा जा सकता है.

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