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26 जनवरी को प्रस्तावित किसानों की ट्रैक्टर परेड को मिली दिल्ली पुलिस की सशर्त मंजूरी

26 जनवरी को दिन के 12 बजे के बाद किसानों को ट्रैक्टर परेड निकालने की इजाजत मिली. (फाइल फोटो)
26 जनवरी को दिन के 12 बजे के बाद किसानों को ट्रैक्टर परेड निकालने की इजाजत मिली. (फाइल फोटो)

दिल्ली पुलिस ने बताया कि सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर से ट्रैक्टर परेड निकाली जा सकती है. चिल्ला बॉर्डर के किसानों को हैं गाजीपुर बॉर्डर पर जाना होगा और वहीं से टैक्टर परेड वाले मार्ग पर आना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 10:36 PM IST
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नई दिल्ली. 26 जनवरी (Republic Day) को प्रस्तावित किसानों की ट्रैक्टर परेड (tractor parade) को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की मंजूरी मिल गई है. दिल्ली पुलिस ने यह मंजूरी किसान संगठनों से कई मुद्दों पर चर्चा के बाद दी है. इसके लिए दिल्ली पुलिस ने कई नियम कानून का भी हवाला दिया है और हर हाल में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है.

12 बजे दिन के बाद निकाली जा सकती है परेड

दिल्ली पुलिस ने बताया कि टैक्टर मार्च निकालने के लिए 12 बजे के बाद का वक्त मुकर्रर किया गया है. यानी राजपथ पर परेड खत्म होने के बाद ही किसान संगठन ट्रैक्टर परेड निकाल सकते हैं. इसके साथ ही सूर्यास्त से पहले उन किसानों को फिर वापस अपने-अपने बॉर्डर इलाके में पहुंचना होगा. दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस परेड के लिए तीन प्रमुख मार्ग का चयन किया गया है, जो प्रमुख तौर से इस प्रकार हैं - सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर. इन तीनों रास्ते के मार्फत दिल्ली के अंदर करीब 100 किलोमीटर का रास्ता मार्च के दौरान तय कर सकते हैं. इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया कि नोएडा-दिल्ली को जोड़ने वाले चिल्ला बॉर्डर पर जो किसान बैठे हैं उन्हें गाजीपुर बॉर्डर पर जाना होगा और वहीं से टैक्टर मार्च करने वाले मार्ग पर आना होगा.




किसान आंदोलन को दिशाहीन कर रहे हैं पाकिस्तान के 308 ट्विटर हैंडल : दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस यूनिट ( Intelligence unit) ने करीब 308 ऐसे नए ट्विटर हैंडल (Twitter Id) खंगाले हैं, जो पिछले महीने ही पाकिस्तान में वहीं के आईपी से बने हैं और एक्टिव हुए हैं. उन ट्विटर आईडी की अगर बात करें तो जब से वे एक्टिव हुए हैं वे किसानों के मसले पर ही अफवाह फैलाने में जुटे हैं.

हिंदू धर्म के नाम पर बनी है आईडी

पुलिस का दावा है कि पिछले दो महीने से दिल्ली-एनसीआर में चल रहे किसानों के आंदोलन को दिशाहीन करने के लिए पाकिस्तान (Pakistan) की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और वहां के आतंकी संगठनों द्वारा एक डर्टी गेम यानी गंदा खेल शुरू किया गया है. जिसके मार्फत यह प्लान है कि सोशल मीडिया के जरिये दिल्ली सहित पूरे देश में किसानों और आमलोगों के बीच अफवाहों का बाजार गर्म हो जाए. इसी का फायदा उठाते हुए पाकिस्तानी आतंकियों और वहां की खुफिया एजेंसी ने हिन्दू धर्म का सहारा लेते हुए हिन्दू धर्म से जुड़े लोगों के नाम से उन 308 ट्विटर आईडी में से 90 फीसदी नाम हिन्दू धर्म से जुडे़ हुए हैं. कुछ नाम सिख धर्म से भी जुड़े हैं.

किसानों की सुरक्षा हमारी जिम्मेवारी : पुलिस

इस मामले पर इंटेलिजेंस यूनिट के स्पेशल कमिश्नर दीपेंद्र पाठक ने बताया कि किसानों के आन्दोलन और उनसे जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था हमारी ज़िम्मेदारी है. हम किसान भाइयों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. इसके लिए हम किसान भाइयों से भी अपील करते हैं कि वे दिल्ली पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था और बेहतर बनाने में मदद करें. इसके साथ ही स्पेशल कमिश्नर ने तमाम किसानों और उनके संगठनों को भी सतर्क किया है कि हमें ऐसे अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए. क्योंकि आतंकी और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी लगातार यह प्रयास कर रही हैं कि दिल्ली के अंदर हालात खराब हों.
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