बिजली वितरण कंपनियों की दिल्ली में दरें बढ़ाने की मांग, कहा- अब तक 50,000 करोड़ का हुआ घाटा

दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली तीनों कंपबनियों ने कहा है कि उनका राजस्व घाटा काफी बढ़ गया है इसलिए बिजली के दाम बढ़ाने आवश्यक हैं 
(प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली तीनों कंपबनियों ने कहा है कि उनका राजस्व घाटा काफी बढ़ गया है इसलिए बिजली के दाम बढ़ाने आवश्यक हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

दिल्ली की तीनों बिजली वितरण कंपनियों (Power Supply Companies) की याचिका के अनुसार, 2019-20 में उनका एकल राजस्व करीब तीन हजार करोड़ रुपये कम रहा. इसमें से बीआरपीएल का राजस्व 1,565 करोड़ रुपये, बीवाईपीएल का 609 करोड़ रुपये और टीपीडीडीएल का 794 करोड़ रुपये कम रहा

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  • Last Updated: March 16, 2021, 3:39 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों (Power Supply Companies) ने नियामक दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) से लागत की दृष्टि से उचित और प्रमितशील दर ढांचा रखने की मांग की है ताकि उनका एकल आधार पर उनके बढ़ते राजस्व घाटे (Loss) को कम किया जा सके. पावर सप्लाई कंपनियों का कहना है कि 2019-20 में राजस्व में कमी करीब 3,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गयी थी. दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों बीआरपीएल (BRPL), बीवाईपीएल (BYPL), और टीपीडीडीएल (TPDDL) ने इस वर्ष डीईआरसी के द्वारा दरों में सुधार से पहले अलग-अलग याचिका दायर कर 2019-20 की कमी और 2021-22 के लिए दरों और सकल राजस्व की आवश्यकता (एआआर) का समयोजन/आकलन किए जाने की मांग की है.

आयोग ने उपभोक्ताओं और अन्य संबंधित पक्षों को 26 मार्च तक अपना-अपना पक्ष रखने को कहा है. तीनों बिजली वितरण कंपनियों की याचिका के अनुसार, 2019-20 में उनका एकल राजस्व करीब तीन हजार करोड़ रुपये कम रहा. इसमें से बीआरपीएल का राजस्व 1,565 करोड़ रुपये, बीवाईपीएल का 609 करोड़ रुपये और टीपीडीडीएल का 794 करोड़ रुपये कम रहा.

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कंपनियों ने कहा कि 31 मार्च, 2020 तक उनके राजस्व की कुल कमी बढ़कर 50 हजार करोड़ रुपये के पार चली गयी है. इसमें बीआरपीएल के 28,623 करोड़ रुपये, बीवाईपीएल के 19,213 करोड़ रुपये और टीपीडीडीएल के 3,810 करोड़ रुपये शामिल हैं. बीएसईएस की बिजली वितरण कंपनियों बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) ने अनुमानित राजस्व अंतर को ठीक करने के लिए डीईआरसी को एक उपयुक्त दरें निर्धारित करने का प्रस्ताव दिया है.
दोनों डिस्कॉम ने दिल्ली सरकार की सब्सिडी को सीधे डीबीटी के माध्यम से उपभोक्ताओं को हस्तांतरित (ट्रांसफर) करने का प्रस्ताव दिया है.

टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) ने घरेलू श्रेणी में उच्च बिजली की खपत के लिये एक अलग दर का प्रस्ताव दिया है. कंपनियों ने नये कनेक्शन और मौजूदा ग्राहकों के लिये आधार और पैन कार्ड को अनिवार्य बनाने का भी प्रस्ताव किया है. (भाषा से इनपुट)
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