दिल्ली में ब्लैक फंगस के 200 से ज्यादा मामले रिकॉर्ड, BJP ने कहा-महामारी घोषित क्यों नहीं कर रही केजरीवाल सरकार?


ब्लैक फंगस बीमारी को दिल्ली सरकार की ओर से अभी महामारी घोषित नहीं किया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

ब्लैक फंगस बीमारी को दिल्ली सरकार की ओर से अभी महामारी घोषित नहीं किया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Mucormycosis in Delhi: ब्लैक फंगस के 200 से अधिक मामले सामने आना बेहद चिंता का विषय है. अब आवश्यक है कि कोविड-19 (COVID-19) की अत्याधिक मार झेल रहे 8 अन्य राज्यों की तरह केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) भी ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करे.

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नई दिल्ली. दिल्ली में ब्लैक फंगस (Black Fungus) यानी म्यूकोर्मिकोसिस (Mucormycosis) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. अब तक 200 से ज्यादा मामले रिकॉर्ड किए जा चुके हैं. इसको लेकर लगातार आ रहे मामलों के चलते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने तीनों अस्पतालों में ब्लैक फंगस मरीजों के इलाज के लिए अलग से सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं. लेकिन दिल्ली सरकार (Delhi Government) की ओर से अभी इस बीमारी को महामारी घोषित नहीं किया गया है.

दिल्ली भाजपा (BJP) के अध्यक्ष आदेश गुप्ता (Adesh Gupta) ने कहा है कि ‍ब्लैक फंगस के 200 से अधिक मामले सामने आना बेहद चिंता का विषय है. अब आवश्यक है कि कोविड-19 (COVID-19) की अत्याधिक मार झेल रहे 8 अन्य राज्यों की तरह केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) भी ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करे.

आदेश गुप्ता ने कहा है कि गत दिनों ब्लैक फंगस के मामले सामने आने के बाद मैंने पार्टी की चिकित्सक सेल के पदाधिकारी डाक्टरों से बातचीत की है. इसके बाद समझा कि कोविड के इलाज में छोटी-सी लापरवाही जैसे ऑक्सीजन किट (Oxygen Kit) की सफाई की अनदेखी या स्टेरॉयड (Steroids) का बेजा इस्तेमाल ब्लैक फंगस का कारण बन सकते हैं. इसलिये अस्पतालों में औचक सफाई निरीक्षण एवं स्टेरॉयड का केवल वरिष्ठ डाक्टरों की देखरेख में दिया जाना अनिवार्य किया जाये.

दिल्ली अध्यक्ष ने कहा है कि अब यह स्थापित है कि 'कोविड एवं ब्लैक फंगस जुड़े हुऐ रोग' हैं. इसलिये ब्लैक फंगस को भी महामारी (Epidemic) घोषित करना जरूरी है.
इसी के साथ आवश्यक है कि दिल्ली सरकार किसी एक बड़े अस्पताल को पूरी तरह ब्लैक फंगस के इलाज के लिये समर्पित करे और यहाँ सभी दवायें सरकार उपलब्ध रखे. ब्लैक फंगस की दवायें केवल सरकारी अस्पताल में उपलब्ध होंगी तो उनकी कालाबाजारी की गुंजाइश भी नही रहेगी.

सभी अस्पतालों में इसके इलाज से मरीजों के बीच ब्लैक फंगस संक्रमण के तेजी से फैलने का खतरा रहेगा. इसलिए किसी भी अस्पताल में मरीज को ब्लैक फंगस पाये जाने पर विशेष सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया जाये.

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